खातेगांव में शराब माफिया के ट्रक से कुचलकर थाना प्रभारी की जान गई, सरगना राहुल जायसवाल पकड़ाया देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करों की गाड़ी रोकने पर थाना प्रभारी दिलीप पुरी को कुचल दिया गया, जिससे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तस्करी सिंडिकेट के सरगना राहुल जायसवाल और वाहन उपलब्ध कराने वाले केरम सिंह को हिरासत में लिया है। मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ नाकेबंदी कर रही पुलिस टीम पर तस्करों ने हमला कर दिया। इंदौर-बैतूल हाइवे पर खातेगांव और संदलपुर के बीच जांच के दौरान अवैध शराब से भरी गाड़ी ने खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को रौंद दिया, जिससे अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 1 से 1.30 बजे के बीच घटित इस वारदात में एक आरक्षक भी घायल हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शराब की खेप को जब्त कर लिया है और अवैध तस्करी सिंडिकेट के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल समेत एक अन्य सहयोगी को दबोच लिया है। मुखबिर की सूचना पर गठित हुई थीं चार पुलिस टीमें अवैध शराब की एक बड़ी खेप की आवाजाही को लेकर पुलिस को 2 नवंबर की देर रात पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी। मुखबिर से मिली जानकारी में बताया गया था कि आयशर गाड़ी क्रमांक MP43 H 4786 में भारी मात्रा में गैरकानूनी शराब लादकर हरदा जिले के टिमरनी इलाके से गुजरात की ओर ले जाई जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद के सीधे मार्गदर्शन में पुलिसकर्मियों की चार अलग-अलग टीमों का गठन किया गया, ताकि संदिग्ध रूट पर कड़ी निगरानी रखी जा सके। इन टीमों ने इलाके में सघन नाकेबंदी शुरू कर दी। चेकिंग अभियान के दौरान संदलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबा के सामने संदिग्ध आयशर गाड़ी खड़ी पाई गई। मौके पर मौजूद खातेगांव थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी ने स्थिति को भांपते हुए गाड़ी के चालक को नीचे उतरने और वाहन की तलाशी कराने का निर्देश दिया। वारदात को अंजाम देकर फरार हुआ था चालक थाना प्रभारी द्वारा रोके जाने पर चालक ने गाड़ी से उतरने के बजाय वाहन को तेजी से आगे बढ़ा दिया। चालक ने निरीक्षक दिलीप पुरी को जान से मारने की नीयत से सीधे उन पर गाड़ी चढ़ा दी, जिसके चलते गाड़ी का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। इसी दौरान मौके पर मौजूद आरक्षक सोहन जाट पर भी वाहन चढ़ाने का प्रयास किया गया, जिससे वह भी घायल हो गए। इस जानलेवा हमले के तुरंत बाद चालक अवैध शराब से भरी गाड़ी को लेकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए वहां से भाग निकला। गंभीर रूप से घायल थाना प्रभारी दिलीप पुरी को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इस गंभीर घटना के बाद खातेगांव थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 109(1), 121(2), 3(5) और 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई। तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ और गिरफ्तारियां वारदात के बाद पुलिस की विभिन्न टीमों ने इलाके में सघन दबिश देकर अवैध शराब से भरे आयशर वाहन को बरामद कर लिया। जांच में सामने आया कि वाहन को चलाने वाला व्यक्ति गजेंद्र उर्फ अक्कु रावत है, जो अलीराजपुर जिले का रहने वाला है। जांच से यह भी खुलासा हुआ कि इस तस्करी में इस्तेमाल किया गया वाहन चांगोड़, जिला अलीराजपुर निवासी केरम सिंह ने उपलब्ध करवाया था। पुलिस ने केरम सिंह को भी अपनी अभिरक्षा में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने इस अवैध शराब रैकेट के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में जुटी हुई है। हरदा से गुजरात तक फैला था अवैध हिस्सेदारी का नेटवर्क जांच पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि अवैध शराब हरदा जिले के टिमरनी से रवाना की गई थी और इसकी आपूर्ति गुजरात में की जानी थी। शराब का ठेका बड़वानी जिले के निवासी पाटेन्द्र जायसवाल के नाम पर पंजीकृत है। इस पूरे धंधे में हिस्सेदारी का बड़ा संगठित जाल फैला हुआ था। इस सिंडिकेट में राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहिन जायसवाल में से प्रत्येक की 30-30 प्रतिशत की हिस्सेदारी तय थी, जबकि नामधारी ठेकेदार पाटेन्द्र जायसवाल की हिस्सेदारी केवल 10 प्रतिशत थी। सिंडिकेट के सदस्य अलग-अलग इलाकों में बैठकर काम संभाल रहे थे, जिसमें मनीष जायसवाल इंदौर में रहता है, मोहिन जायसवाल गुजरात में मौजूद रहता है और पाटेन्द्र जायसवाल बड़वानी जिले में निवास करता है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन और रूट की गहराई से पड़ताल कर रही है। इसका आप पर असर यह घटना अंतरराज्यीय शराब तस्करी और पुलिस गश्त की सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद गंभीर प्रशासनिक और कानूनी स्थिति को दर्शाती है। • मध्य प्रदेश में: हाइवे पर शराब तस्करी रोकने वाली नाकाबंदी और गश्ती दलों की सुरक्षा प्रोटोकॉल को तुरंत सख्त किया जाएगा। अवैध शराब के उत्पादन और परिवहन नेटवर्क के खिलाफ जिलों में विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाने की संभावना है। • देवास और हरदा में: स्थानीय शराब ठेकों, भंडारण स्थलों और परिवहन वाहनों के कागजातों की सघन जांच शुरू होगी। टिमरनी और आसपास के हाइवे मार्गों पर रात के समय पुलिस का पहरा और वाहनों की तलाशी तेज रहेगी। • आम यात्रियों के लिए: इंदौर-बैतूल हाइवे से गुजरने वाले भारी वाहनों और वाणिज्यिक ट्रकों को कई स्थानों पर नाकेबंदी के दौरान सघन जांच का सामना करना पड़ेगा। रात्रिकालीन यात्रा के दौरान ढाबों और संवेदनशील मोड़ों पर पुलिस चेकिंग के कारण अतिरिक्त समय लग सकता है। • कानूनी कार्रवाई: पुलिस पर जानलेवा हमला करने और अवैध शराब ले जाने के मामलों में आबकारी अधिनियम और बीएनएस की धाराओं के तहत सख्त गैर-जमानती कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। संदिग्ध शराब ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त करने और अवैध वित्तीय लेनदेन पर जब्ती की प्रक्रिया तेज हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ यह वारदात तब हुई जब अवैध शराब तस्करों ने कानूनी धरपकड़ से बचने के लिए पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। हरदा से गुजरात के लिए भेजी जा रही शराब की खेप को पकड़े जाने के डर से ट्रक चालक ने हिंसक रास्ता चुना। • प्रत्यक्ष कारण: संदलपुर फाटा पर नर्मदा ढाबा के सामने जांच के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी ने चालक को नीचे उतरकर तलाशी देने का आदेश दिया था। गिरफ्तारी और शराब जब्त होने से बचने के लिए चालक ने ट्रक को रोकने के बजाय सीधे पुलिस अधिकारी पर चढ़ा दिया। • तस्करी नेटवर्क की मौजूदगी: हरदा जिले के टिमरनी से गुजरात तक एक संगठित सिंडिकेट अवैध शराब की ढुलाई कर रहा था। गुजरात में शराबबंदी लागू होने के कारण सीमावर्ती राज्यों से भारी मुनाफे पर शराब की खेप पहुंचाने के लिए सुनियोजित गिरोह सक्रिय रहते हैं। • सहयोगियों की मिलीभगत: इस धंधे के लिए बड़वानी के पाटेन्द्र जायसवाल के नाम पर शराब ठेका लिया गया था और राहुल, मनीष व मोहिन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसके साथ ही वाहन जुटाने के लिए अलीराजपुर के स्थानीय संपर्कों का इस्तेमाल किया गया था। • जांच की स्थिति: पुलिस ने आयशर वाहन जब्त कर लिया है और गिरोह के सरगना राहुल जायसवाल तथा गाड़ी उपलब्ध कराने वाले केरम सिंह को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि चालक और अन्य साझेदारों की तलाश की जा रही है। सवाल-जवाब 1. खातेगांव में थाना प्रभारी दिलीप पुरी के साथ क्या घटना हुई? इंदौर-बैतूल हाइवे पर अवैध शराब से भरी आयशर गाड़ी को चेकिंग के लिए रोकने के दौरान चालक ने थाना प्रभारी पर ट्रक चढ़ा दिया, जिससे इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। 2. यह घटना कब और कहां हुई थी? यह घटना 2 नवंबर की देर रात, रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 1 से 1.30 बजे के बीच देवास जिले में खातेगांव और संदलपुर के पास संदलपुर फाटा पर हुई। 3. पुलिस ने मामले में किन प्रमुख आरोपियों को पकड़ा है? पुलिस ने अवैध शराब नेटवर्क के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है और वाहन उपलब्ध कराने वाले केरम सिंह को भी हिरासत में लिया है। 4. अवैध शराब कहां से लाई जा रही थी और कहां भेजी जा रही थी? अवैध शराब मध्य प्रदेश के हरदा जिले में टिमरनी से लाई जा रही थी और इसे गुजरात भेजा जा रहा था। 5. तस्करी में इस्तेमाल गाड़ी का चालक कौन था? गाड़ी का चालक गजेंद्र उर्फ अक्कु रावत निवासी जिला अलीराजपुर था, जिसने वारदात को अंजाम दिया। 6. शराब ठेके में किन-किन लोगों की हिस्सेदारी थी? शराब ठेका पाटेन्द्र जायसवाल के नाम था जिनकी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत थी, जबकि राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहिन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। 7. इस हमले में क्या कोई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है? हां, ट्रक चालक ने आरक्षक सोहन जाट पर भी गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया था, जिससे वह घायल हो गए। 8. पुलिस ने किन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है? खातेगांव थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 109(1), 121(2), 3(5) और आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। https://trendkia.com/madhya-pradesh/khategaon-men-sharaba-maphiya-ke-traka-se-kuchalakara-thana-prabhari-ki-jana-gai-saragana-rahul-jaiswal-pakaraya-55273 TrendKia — Har trend, sabse pehle.