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  "type": "article",
  "title": "मधुबनी से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी की पूछताछ में बड़ा खुलासा, टेलीग्राम पर पाकिस्तानी हैंडलर भेजता था भड़काऊ ऑडियो",
  "summary": "मध्य प्रदेश ATS की पूछताछ में सामने आया कि बिहार के मधुबनी से पकड़ा गया इजहार उल हक पाकिस्तानी हैंडलरों के इशारे पर बिहार में नेटवर्क फैला रहा था और सिम कार्ड मुहैया कराता था।",
  "content": "मध्य प्रदेश ATS देश विरोधी गतिविधियों पर अपना शिकंजा लगातार कस रही है। इसी कड़ी में बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी इजहार उल हक से हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि इजहार को कथित पाकिस्तानी हैंडलरों ने बिहार में अपना नेटवर्क बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप रखी थी।\n\nपाकिस्तान में बैठे संचालक से जुड़े तार\nATS सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में यह बात उभरकर आई कि गिरफ्तार आरोपियों का संपर्क पाकिस्तान में बैठे कथित आतंकी संचालक मुफ्ती जैनुल आब्दीन से था। जांच में पता चला कि वह टेलीग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सहारे भड़काऊ ऑडियो संदेश भेजा करता था। इन्हीं संदेशों के जरिए युवाओं को बहकाने और उन्हें अपने नेटवर्क का हिस्सा बनाने की कोशिश की जाती थी।\n\nऑडियो संदेशों से फैलाई जाती थी भ्रामक बातें\nATS के अनुसार मुफ्ती जैनुल ने इजहार, नईम और फराज समेत अन्य संदिग्धों को पाकिस्तान से ऑडियो संदेश भेजे थे। टेलीग्राम पर भड़काऊ ऑडियो बाइट भेजते हुए वह कहता था, \"नबी की शान में जान देना फख्र की बात है।\" जांच एजेंसी का कहना है कि इन्हीं संदेशों के माध्यम से भारत में सक्रिय स्लीपर सेल को धार्मिक स्थलों और दूसरे संवेदनशील मुद्दों पर भ्रामक जानकारी देकर भड़काया जाता था, ताकि उन्हें किसी बड़ी साजिश के लिए तैयार किया जा सके।\n\nसिम कार्ड की सप्लाई का काम संभालता था इजहार\nपूछताछ में यह भी उजागर हुआ कि इजहार उल हक कथित तौर पर पाकिस्तानी एजेंटों तक सिम कार्ड पहुंचाने का काम करता था। इसके लिए बिहार के अलग-अलग जिलों से तरह-तरह के पहचान पत्रों और आधार कार्डों का इस्तेमाल कर सिम खरीदे जाते थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन सिम कार्डों को नेपाल के रास्ते आगे भेजा जाता था।\n\nएन्क्रिप्टेड चैट और मिटाए गए संदेश\nजांच में यह भी सामने आया है कि ये संदिग्ध टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी संपर्कों से जुड़े हुए थे। एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए बातचीत खत्म होते ही चैट तुरंत डिलीट कर दी जाती थी। फिलहाल ATS पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी है और स्लीपर सेल से जुड़े बाकी संदिग्धों की तलाश जारी है। इसके साथ ही आतंकी गतिविधियों के लिए होने वाली कथित फंडिंग के पहलू की भी बारीकी से जांच की जा रही है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह खुलासा बताता है कि स्लीपर सेल टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे ऐप पर भड़काऊ ऑडियो के जरिए युवाओं को निशाना बनाते हैं, इसलिए ऐसे संदेशों से सतर्क रहें और संदिग्ध संपर्क की सूचना एजेंसियों को दें।\n• बिहार में: अलग-अलग जिलों से फर्जी पहचान पत्रों और आधार पर खरीदे गए सिम कार्ड का इस्तेमाल सामने आने से अपने दस्तावेजों के दुरुपयोग को लेकर लोगों को और सावधान रहने की जरूरत है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. इजहार उल हक को कहां से गिरफ्तार किया गया है?\nइजहार उल हक को मध्य प्रदेश ATS ने बिहार के मधुबनी से गिरफ्तार किया है।\n\n2. पाकिस्तान में बैठा संचालक कौन है?\nजांच के अनुसार पाकिस्तान में बैठा कथित आतंकी संचालक मुफ्ती जैनुल आब्दीन है, जो टेलीग्राम पर भड़काऊ ऑडियो संदेश भेजता था।\n\n3. इजहार उल हक की क्या भूमिका बताई गई है?\nउस पर बिहार में नेटवर्क बढ़ाने और पाकिस्तानी एजेंटों को सिम कार्ड मुहैया कराने का आरोप है, जिसके लिए अलग-अलग जिलों से फर्जी दस्तावेजों पर सिम खरीदे जाते थे।\n\n4. सिम कार्ड कहां भेजे जाने की आशंका है?\nजांच एजेंसियों को आशंका है कि इन सिम कार्डों की आपूर्ति नेपाल के रास्ते की जाती थी।",
  "url": "https://trendkia.com/madhya-pradesh/madhubani-se-giraphtara-sndigdha-atnki-ki-puchhatachha-men-bara-khulasa-teligram-1545",
  "category": "मध्य प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-06-17",
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    "मध्य प्रदेश ATS",
    "इजहार उल हक",
    "मुफ्ती जैनुल आब्दीन",
    "स्लीपर सेल",
    "पाकिस्तानी हैंडलर",
    "मधुबनी बिहार",
    "टेलीग्राम भड़काऊ ऑडियो",
    "सिम कार्ड नेटवर्क"
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  "site": "TrendKia"
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