मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने साइबर ठगी पर पुलिस को लगाई फटकार, 'प्रीतम और पेड्रो' का दिया उदाहरण साइबर अपराध के बढ़ते मामलों और पुलिस की लचर जांच से नाराज मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम के पुलिस महानिदेशकों को तलब करते हुए एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम बनाने का निर्देश दिया है. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने लगातार बढ़ते साइबर अपराधों और इन मामलों में पुलिस महकमे की सुस्त कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अख्तियार किया है. अदालत ने साफ तौर पर कहा है कि आज के दौर में तकनीकी ठग चंद मिनटों के भीतर आम आदमी की जीवन भर की गाढ़ी कमाई लूट कर ले जाते हैं, लेकिन जांच एजेंसियां पारंपरिक और बेहद धीमी रफ्तार से काम कर रही हैं. हाई कोर्ट ने व्यवस्था की इस नाकामी पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि अब पुराने ढर्रे पर चलकर इन हाई-टेक अपराधियों को पकड़ना संभव नहीं है. न्यायपालिका ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस होना ही पड़ेगा, अन्यथा डिजिटल दुनिया में आम लोगों का धन कभी सुरक्षित नहीं रह सकेगा. जबलपुर निवासी के साथ हुई लाखों रुपये की ठगी सुनवाई के दौरान अदालत का ध्यान एक बेहद गंभीर मामले की तरफ दिलाया गया. यह मामला जबलपुर के रहने वाले एक पीड़ित से जुड़ा है, जिसके बैंक खाते से साइबर जालसाजों ने लगभग 6.25 लाख रुपये की मोटी रकम पलक झपकते ही उड़ा ली. इस घटना ने पुलिस व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी, क्योंकि खाते से पैसा निकल जाने के बाद भी जांच एजेंसियां न तो अपराधियों का कोई सुराग लगा सकीं और न ही पीड़ित का पैसा वापस लौटाने में किसी भी तरह की सफलता हासिल कर पाईं. अदालत ने इस नाकामी को गंभीरता से लिया और माना कि पुलिस का मौजूदा तंत्र इस तरह के अपराधों को सुलझाने में पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है. जब एक आम नागरिक अपनी मेहनत की कमाई खो देता है, तो उसे न्याय दिलाने के लिए पुलिस के पास कोई ठोस तकनीकी रणनीति नजर नहीं आती. वेब सीरीज 'प्रीतम और पेड्रो' की तर्ज पर काम करने की नसीहत अदालत ने सुनवाई के वक्त पुलिस के काम करने के तरीके को बदलने की सख्त हिदायत दी. इसी संदर्भ में एक लोकप्रिय वेब सीरीज 'प्रीतम और पेड्रो' का खास तौर पर जिक्र किया गया. कोर्ट ने इस सीरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि अब वह समय आ चुका है जब तकनीकी विशेषज्ञों और पुलिस बल को एक ही मंच पर साथ मिलकर काम करना होगा. अदालत का मानना है कि जब तक पुलिस खुद तकनीकी रूप से अपग्रेड नहीं होगी और साइबर विशेषज्ञों की सीधी मदद नहीं लेगी, तब तक इन शातिर अपराधियों पर लगाम कसना नामुमकिन है. इसी को ध्यान में रखते हुए, अदालत ने केंद्र सरकार, सभी बड़े बैंकों और तमाम जांच एजेंसियों को यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे देशभर में साइबर ठगी से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम का निर्माण करें. एक ऐसा मजबूत केंद्रीकृत तंत्र विकसित करना समय की सबसे बड़ी मांग बन गया है. इसी बीच, अदालत में मौजूद अधिवक्ता आयुष तिवारी ने बैंकों की कार्यप्रणाली में मौजूद भारी लापरवाही का मुद्दा भी उठाया. बैंक की लचर सुरक्षा व्यवस्था को कोर्ट ने बहुत गंभीरता से लिया और मौजूदा बैंकिंग सुरक्षा मानकों पर तल्ख टिप्पणी की. तीन राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को तलब किया गया मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कई राज्यों के पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है. अदालत ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) को आगामी 31 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तकनीक के माध्यम से अदालत के समक्ष उपस्थित होने का सख्त आदेश दिया है. इसके साथ ही, जबलपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को भी अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का अनिवार्य निर्देश जारी किया गया है. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में एक सकारात्मक पहलू भी देखने को मिला. अदालत ने असम पुलिस की कार्यकुशलता की खुले कंठ से प्रशंसा की. असम पुलिस ने इस बड़े साइबर अपराध के मुख्य आरोपी को महज 11 दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया और उसे मध्य प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया. इस त्वरित कार्रवाई को अदालत ने एक मिसाल के तौर पर पेश किया और कहा कि अन्य राज्यों की पुलिस को भी इसी तरह की फुर्ती दिखानी चाहिए. इसका आप पर असर • भारत में: डिजिटल पेमेंट करने वाले सभी नागरिकों के लिए यह एक बड़ी खबर है, क्योंकि अदालती सख्ती के बाद बैंक और पुलिस मिलकर एक नया सेंट्रलाइज्ड सिस्टम बनाएंगे जिससे भविष्य में ठगी का पैसा वापस मिलना आसान हो सकता है. • मध्य प्रदेश में: राज्य की पुलिस को अब साइबर मामलों में तेजी दिखानी होगी, जिससे आम लोगों की रुकी हुई शिकायतों पर जल्द कार्रवाई होने की उम्मीद है. सवाल-जवाब 1. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पुलिस को फटकार क्यों लगाई? हाई कोर्ट ने साइबर ठगी के मामलों में पुलिस की बेहद धीमी जांच और पारंपरिक तरीकों पर निर्भरता को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है. 2. अदालत में किस विशिष्ट मामले का उल्लेख किया गया? सुनवाई के दौरान जबलपुर के एक निवासी का जिक्र हुआ, जिसके बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने पलक झपकते ही 6.25 लाख रुपये उड़ा लिए थे. 3. कोर्ट ने 'प्रीतम और पेड्रो' का उदाहरण क्यों दिया? अदालत ने इस वेब सीरीज का जिक्र करते हुए पुलिस को तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक मंच पर काम करने की नसीहत दी है. 4. अदालत ने किन राज्यों के डीजीपी को तलब किया है? हाई कोर्ट ने 31 जुलाई को पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम के पुलिस महानिदेशकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का आदेश दिया है. 5. कोर्ट ने असम पुलिस की तारीफ क्यों की? असम पुलिस ने मुख्य साइबर अपराधी को सिर्फ 11 दिनों के भीतर गिरफ्तार कर मध्य प्रदेश पुलिस को सौंप दिया था, जिस पर अदालत ने उनकी सराहना की. https://trendkia.com/madhya-pradesh/madhya-pradesh-high-court-ne-saibara-thagi-para-pulisa-ko-lagai-phatakara-pritam-aura-pedro-ka-diya-udaharana-10071 TrendKia — Har trend, sabse pehle.