# मध्य प्रदेश कैबिनेट ने विकास और बुनियादी ढांचे के लिए 13,790 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को दी मंजूरी

> मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में सिंचाई, ऊर्जा, खेल सुविधाओं, न्यायिक प्रणाली और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े 13,790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/madhya-pradesh-kaibineta-ne-vikasa-aura-buniyadi-dhanche-ke-lie-13-790-karora-rupaye-se-adhika-ki-pariyojanaon-ko-di-mnjuri-36612 · **Language:** Hindi
**Tags:** मध्य प्रदेश कैबिनेट, मोहन यादव, सिंचाई परियोजनाएं, ताप विद्युत, मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, ग्राम न्यायालय, शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

मध्य प्रदेश में कृषि, ऊर्जा, खेल, स्वास्थ्य और न्यायिक ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े वित्तीय प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 सितंबर को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए 13 हजार 790 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। इस बैठक में किसानों की सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, युवाओं और खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल परिसरों की स्थापना, बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नए समझौतों और न्यायिक तंत्र के सुदृढ़ीकरण से संबंधित अनेक निर्णय लिए गए।

## कृषि क्षेत्र के लिए सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार
कैबिनेट बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। राजगढ़ जिले में स्थित सुठालिया सिंचाई परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रखने के लिए 262 करोड़ 63 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से राजगढ़ जिले के 40,000 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में कुशल सिंचाई सुविधा विकसित करना है, जिससे किसानों को पानी की समुचित उपलब्धता प्राप्त हो सके।

इसी क्रम में नीमच जिले के लिए जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को आगामी पांच वर्षों, यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 4 हजार 197 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। यह योजना पूरी तरह से दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई तकनीक पर आधारित है, जिसके माध्यम से खेतों तक सीधे पाइपलाइनों के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा। इस उन्नत तकनीक का उद्देश्य जल की अधिकतम बचत करते हुए प्रति बूंद अधिक फसल के सिद्धांत पर क्षेत्र की कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करना है।

राजगढ़ जिले की एक और महत्वपूर्ण योजना, पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना के लिए भी वित्तीय प्रावधान को हरी झंडी दी गई है। इस परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की अवधि के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये का अनुमोदन प्राप्त हुआ है। इसके अंतर्गत बांध का निर्माण किया जाएगा, जिससे राजगढ़ क्षेत्र के 48,000 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई क्षमता का विस्तार संभव होगा। इन सभी सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के बड़े भूभाग में भूजल स्तर को स्थिर रखने और किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।

## ऊर्जा सुरक्षा और 2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय की योजना
राज्य में भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा विभाग की एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को महत्वपूर्ण अधिकार सौंपे गए हैं। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा निर्धारित डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय के प्रस्ताव को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी है। यह विद्युत आपूर्ति मध्य प्रदेश में पहले से मौजूद, निर्माणाधीन और नई प्रस्तावित ग्रीनफील्ड व ब्राउनफील्ड ताप विद्युत परियोजनाओं से पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से हासिल की जाएगी।

इससे पहले 24 जनवरी 2025 को हुई बैठक में 900 मेगावाट ताप विद्युत क्रय से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। हालांकि, पूर्व निविदा के निरस्त हो जाने के कारण उस अनुमोदन को अब इसी नए 2800 मेगावाट के प्रस्ताव में समाहित कर लिया गया है। इस पूरी खरीद प्रक्रिया, अनुबंधों और विनियामक आयोग के निर्देशों के पालन के लिए एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक को अधिकृत किया गया है, ताकि राज्य के घरेलू, औद्योगिक और कृषि उपभोक्ताओं को उचित दरों पर विश्वसनीय बिजली प्राप्त होती रहे।

## 140 विधानसभा क्षेत्रों में बनेंगे मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
प्रदेश के युवाओं और खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत एक विस्तृत योजना को सैद्धांतिक सहमति दी गई है। राज्य के 140 विधानसभा क्षेत्रों में नए खेल परिसरों के निर्माण और उनके सुचारू संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इन सभी परिसरों को 'मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स' के नाम से जाना जाएगा।

इन खेल परिसरों की एक खास विशेषता यह होगी कि मुख्य खेल मैदान के बीच में एक स्थायी हेलीपैड भी तैयार किया जाएगा। इस बहुउद्देशीय व्यवस्था से पीएमश्री योजना के अंतर्गत संचालित होने वाले हेलीकॉप्टरों का आवागमन सुलभ, सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगा। इससे न केवल ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को निखारने का अवसर मिलेगा, बल्कि आपातकालीन एवं प्रशासनिक संपर्क के लिए हवाई कनेक्टिविटी का एक बेहतर नेटवर्क भी तैयार हो सकेगा।

## न्यायिक प्रणाली और विधिक सहायता का सुदृढ़ीकरण
राज्य के नागरिकों को समय पर सुलभ न्याय दिलाने और न्यायिक ढांचे को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विधि एवं विधायी कार्य विभाग से संबंधित कई प्रस्तावों को 16वें वित्त आयोग की अवधि के लिए मंजूरी दी गई। यह समयावधि 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2031 तक चलेगी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे विवादों को स्थानीय स्तर पर निपटाने वाली ग्राम न्यायालय योजना को निरंतर रखने के लिए 554 करोड़ 61 लाख रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उपयोग ग्राम न्यायालयों में तैनात न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन, भत्तों तथा कार्यालयीन व्यवस्थाओं के संचालन में किया जाएगा।

कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को निःशुल्क कानूनी सलाह उपलब्ध कराने के लिए संचालित मध्य प्रदेश विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि के लिए 524 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, पारिवारिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए स्थापित परिवार न्यायालयों के संचालन को निरंतर बनाए रखने के लिए 1 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उच्च न्यायालय से जुड़े प्रशासनिक और न्यायिक दायित्वों के निर्वहन हेतु उच्च न्यायालय (भारित) योजना के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रुपये के बड़े बजट की मंजूरी दी गई है।

## वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं के लिए 969 करोड़ रुपये
राजस्व प्रणाली को पारदर्शी, आधुनिक और जनहितैषी बनाने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग की 6 प्रमुख योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-2027 से 2030-2031 तक अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसके लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रुपये की वित्तीय व्यवस्था की गई है। इस बजट का अलग-अलग योजनाओं में विभाजन किया गया है।

डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए संपदा ई-रजिस्ट्री योजना को 62 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा, स्टाम्पों की बिक्री पर होने वाले व्यय के लिए 664 करोड़ रुपये और स्टाम्पों की वास्तविक लागत योजना के लिए 175 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। विभाग की परिसंपत्तियों के संधारण और रखरखाव के लिए 12 करोड़ 50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही, डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के लिए 46 करोड़ 37 लाख रुपये तथा जिला एवं उप पंजीयक कार्यालय भवनों के नवीन निर्माण और विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

## दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में नए पद और सीटें
चिकित्सा शिक्षा और दंत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के उद्देश्य से इंदौर स्थित शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। कॉलेज में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कुल 13 नए चिकित्सा शिक्षकों के पद बनाए जाएंगे। इनमें प्राध्यापक का 1 पद, सह-प्राध्यापक के 10 पद और सहायक प्राध्यापक के 2 पद शामिल हैं। इन नए पदों के सृजन पर राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 3 करोड़ 78 लाख रुपये का व्यय किए जाने का अनुमान है।

पदों के इस विस्तार के साथ ही संस्थान में सीटों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के अनुसार, स्नातक स्तर पर बीडीएस पाठ्यक्रम की सीटें वर्तमान 63 से बढ़ाकर 100 की जाएंगी। वहीं स्नातकोत्तर स्तर पर एमडीएस पाठ्यक्रम की सीटों को 35 से बढ़ाकर 44 किया जाएगा। इससे प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय दंत चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और राज्य में विशेषज्ञ दंत चिकित्सकों की उपलब्धता में सुधार होगा।

## नवगठित जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए कार्यालय
प्रशासनिक तंत्र को विकेंद्रीकृत करने और नागरिकों तक पेयजल व स्वच्छता सेवाएं सुगमता से पहुंचाने के लिए नवगठित जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। नए बने मैहर जिले में विभाग का जिला कार्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। चूंकि उचेहरा विकासखंड को मैहर जिले में शामिल नहीं किया गया है, इसलिए उचेहरा को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अनुविभाग सतना में सम्मिलित किया गया है। मैहर जिला कार्यालय के लिए 5 नए स्थायी पद और 2 कार्यालय सहायकों को आउटसोर्स माध्यम से नियुक्त करने की अनुमति दी गई है।

इसी प्रकार, नवगठित पांढुर्णा जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय खोलने के लिए 5 नए स्थायी पद और 2 आउटसोर्स कार्यालय सहायकों के नियोजन को मंजूरी मिली है। इसके अतिरिक्त, सिंगरौली जिले के दूरस्थ चितरंगी ब्लॉक में विभाग का अनुविभागीय कार्यालय स्थापित किया जाएगा। चितरंगी कार्यालय के संचालन के लिए 3 नए स्थायी पद तथा 1 आउटसोर्स कार्यालय सहायक का पद स्वीकृत किया गया है, जिससे ग्रामीण अंचल में पेयजल योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी।

## इसका आप पर असर
इस कैबिनेट बैठक के फैसलों से मध्य प्रदेश के किसानों, युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के लिए कई व्यावहारिक लाभ सामने आएंगे।

- **किसानों के लिए:** राजगढ़ और नीमच जिलों में 88,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सूक्ष्म और दाबयुक्त सिंचाई का लाभ मिलेगा। इससे खेतों में पानी की बर्बादी रुकेगी और फसलों की पैदावार में सुधार होगा।
- **खिलाड़ियों और युवाओं के लिए:** राज्य के 140 विधानसभा क्षेत्रों में आधुनिक खेल परिसर और हेलीपैड बनाए जाएंगे। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपने ही क्षेत्र में अभ्यास करने की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- **दंत चिकित्सा छात्रों के लिए:** इंदौर के सरकारी दंत कॉलेज में बीडीएस की 37 और एमडीएस की 9 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी। मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए उच्च शिक्षा की सीटें बढ़ेंगी।
- **ग्रामीण न्याय व्यवस्था में:** ग्राम न्यायालयों और विधिक सहायता योजनाओं को पांच साल का निरंतर बजट मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने छोटे विवाद निपटाने और मुफ्त कानूनी सलाह पाने में आसानी होगी।
- **बिजली उपभोक्ताओं के लिए:** राज्य में 2800 मेगावाट ताप विद्युत खरीद की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है। आने वाले वर्षों में घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह निर्णय राज्य में बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, जल संरक्षण की आवश्यकताओं और नवगठित प्रशासनिक इकाइयों को क्रियाशील बनाने के लिए लिए गए हैं।

- **जल प्रबंधन की आवश्यकता:** मालवा और आसपास के क्षेत्रों में घटते भूजल स्तर के कारण परंपरागत सिंचाई के स्थान पर दबावयुक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को अपनाना आवश्यक हो गया था। इसी कारण राजगढ़ और नीमच में हजारों हेक्टेयर रकबे को कवर करने वाली परियोजनाओं को 2031 तक वित्तीय विस्तार दिया गया है।
- **ऊर्जा मांग में वृद्धि:** 24 जनवरी 2025 को स्वीकृत 900 मेगावाट का पुराना टेंडर निरस्त होने के बाद राज्य की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 2800 मेगावाट की नई निविदा को एकमुश्त मंजूरी दी गई है। इससे राज्य में प्रस्तावित और निर्माणाधीन संयंत्रों से सीधी आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
- **प्रशासनिक पुनर्गठन:** मैहर और पांढुर्णा जैसे नवगठित जिलों में स्वतंत्र जिला कार्यालयों और पदों की आवश्यकता थी। नागरिक सेवाओं, विशेषकर पेयजल व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए ढांचे को मंजूरी दी गई।

## सवाल-जवाब

### 1. मध्य प्रदेश कैबिनेट ने कुल कितने रुपये के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी?
कैबिनेट ने राज्य में विभिन्न विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 13,790 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

### 2. राजगढ़ और नीमच जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई है?
सुठालिया परियोजना के लिए 262.63 करोड़ रुपये, पार्वती रिन्सी परियोजना के लिए 507.23 करोड़ रुपये और जावद-नीमच दाबयुक्त परियोजना के लिए 4,197.58 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

### 3. राज्य में कितनी बिजली खरीदने की योजना बनाई गई है?
कैबिनेट ने प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कुल 2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

### 4. विधानसभा क्षेत्रों में बनने वाले खेल परिसरों का नाम क्या होगा?
140 विधानसभा क्षेत्रों में 962.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले परिसरों का नाम 'मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स' रखा जाएगा।

### 5. इंदौर दंत चिकित्सा महाविद्यालय में सीटों की संख्या कितनी बढ़ाई जाएगी?
बीडीएस पाठ्यक्रम की सीटें 63 से बढ़ाकर 100 और एमडीएस पाठ्यक्रम की सीटें 35 से बढ़ाकर 44 करने का लक्ष्य तय किया गया है।

### 6. किन नए जिलों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यालय स्वीकृत किए गए हैं?
नवगठित जिले मैहर और पांढुर्णा में जिला कार्यालय तथा सिंगरौली के चितरंगी ब्लॉक में अनुविभागीय कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है।

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