# मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने श्रम शक्ति संहिता 2026 को दी मंजूरी, राज्य में 24 घंटे खुलेंगे व्यावसायिक प्रतिष्ठान

> मध्य प्रदेश में राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता 2026 को मंजूरी देने के बाद दुकानें, मॉल, होटल और रेस्टोरेंट चौबीसों घंटे खोले जा सकेंगे, जिसमें कर्मचारियों के लिए 48 घंटे की साप्ताहिक सीमा और विशेष सुरक्षा नियम लागू किए गए हैं।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-08-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/madhya-pradesh-ke-rajyapala-mangubhai-patel-ne-shrama-shakti-snhita-2026-ko-di-mnjuri-rajya-men-24-ghnte-khulenge-vyavasayika-prat-16385 · **Language:** Hindi
**Tags:** मध्य प्रदेश, मंगुभाई पटेल, श्रम शक्ति संहिता 2026, 24 घंटे दुकान नियम, व्यावसायिक नियम MP, श्रम विभाग मध्य प्रदेश, ओवरटाइम नियम

मध्य प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को गति देने और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई प्रदान करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक और कानूनी बदलाव किया गया है। राज्य के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने **मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता), 2026** को औपचारिक रूप से अपनी स्वीकृति दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के पश्चात प्रदेश के सभी प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे दुकानों, शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यापारिक संस्थानों के लिए दिन-रात यानी 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन खुले रहने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। सरकार की इस पहल का मुख्य ध्येय राज्य में निवेश को प्रोत्साहन देना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना तथा व्यावसायिक कामकाज को अधिक लचीला और सुविधाजनक बनाना है। इसके साथ ही नए कानून में कर्मचारियों के अधिकारों, काम के घंटों, ओवर टाइम के भुगतान और सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि व्यापार बढ़ाने की प्रक्रिया में श्रमिकों के हितों की अनदेखी न हो सके।

## 24 घंटे व्यापारिक संचालन और प्रतिष्ठानों के लिए नई व्यवस्था
नई कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता लागू होने के बाद मध्य प्रदेश में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खुलने और बंद होने के पुराने समय संबंधी प्रतिबंध खत्म हो गए हैं। अब व्यापारी अपनी आवश्यकता और ग्राहकों की मांग के अनुसार अपनी दुकानों, मॉल, खान-पान के केंद्रों, होटल और रेस्टोरेंट का संचालन रात-दिन जारी रख सकेंगे। देर रात तक कारोबार चलने से न केवल बाजार में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, बल्कि पर्यटन और रात्रि अर्थव्यवस्था को भी बड़ा समर्थन मिलेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि समय की पाबंदी हटने से राज्य के छोटे और बड़े दोनों प्रकार के व्यापारियों को लाभ पहुंचेगा। हालांकि, चौबीसों घंटे संचालन की अनुमति मिलने के साथ ही प्रतिष्ठान संचालकों पर रात्रि के समय सुरक्षा, प्रकाश और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं बनाए रखने की कानूनी जिम्मेदारी भी आयद होगी।

## कर्मचारियों के कार्य घंटे, 12 घंटे की दैनिक सीमा और शिफ्ट प्रणाली
व्यावसायिक संस्थानों को चौबीसों घंटे चलाने की छूट देने के साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ न पड़े और उनका शोषण न हो सके। नए नियमों के अंतर्गत किसी भी कर्मचारी से एक सप्ताह में 48 घंटे से अधिक कार्य नहीं कराया जा सकेगा। प्रतिष्ठान मालिकों को 24 घंटे का संचालन बनाए रखने के लिए अनिवार्य रूप से ड्यूटी शिफ्ट प्रणाली लागू करनी होगी। इसके अतिरिक्त, दैनिक कार्य सीमा के संबंध में विधानसभा में पेश प्रावधानों के अनुसार एक कर्मचारी की दैनिक ड्यूटी किसी भी परिस्थिति में 12 घंटे से अधिक नहीं हो सकती। यदि किसी विशेष परिस्थिति में कर्मचारी से उसकी निर्धारित अवधि से अधिक समय तक काम लेना आवश्यक होता है, तो इसके लिए कर्मचारी की लिखित या स्पष्ट सहमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। निर्धारित कार्य अवधि के बाद किए गए काम के लिए श्रम नियमों के अनुसार अतिरिक्त भुगतान यानी ओवर टाइम दर से मानदेय देना होगा।

## एकल ऑनलाइन पंजीकरण और विशिष्ट पहचान संख्या
व्यापारियों और उद्यमियों को लालफीताशाही और कागजी प्रक्रियाओं के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को बेहद सरल और आधुनिक बनाया गया है। अब नए और पुराने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए केवल एक बार ऑनलाइन पंजीकरण कराना ही पर्याप्त होगा। ऑनलाइन आवेदन और प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठान को एक विशिष्ट पहचान संख्या जारी की जाएगी। भविष्य में यदि दुकान के पते, मालिकाना हक या व्यावसायिक गतिविधियों के स्वरूप में कोई भी बदलाव होता है, तो उसे ऑनलाइन पोर्टल पर आसानी से अपडेट किया जा सकेगा। बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने और वार्षिक नवीनीकरण की जटिलताओं के समाप्त होने से राज्य में व्यापार करना पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा।

## सुरक्षा मानक, अग्नि सुरक्षा और कार्यस्थल पर आपातकालीन उपाय
दिन-रात संचालित होने वाले सभी व्यापारिक परिसरों में ग्राहकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े मानदंड तय किए गए हैं। नए कानून के तहत प्रतिष्ठान स्वामियों को अपने कार्यस्थल पर स्वच्छता बनाए रखने, अग्निशमन उपकरण स्थापित करने और आपातकालीन निकास मार्गों की स्पष्ट व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति में त्वरित बचाव कार्य के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण और प्राथमिक चिकित्सा सामग्रियां हर समय उपलब्ध रखनी होंगी। सरकार का मानना है कि रात्रि के समय कार्य करने वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहने से अप्रिय घटनाओं को रोका जा सकेगा और आम जनता बिना किसी भय के देर रात बाजारों का लाभ उठा सकेगी।

## महिला कर्मचारियों के लिए रात की शिफ्ट में सुरक्षा और परिवहन प्रावधान
महिला श्रमिकों की कार्यस्थल पर भागीदारी बढ़ाने और उनके अधिकारों का संरक्षण करने के लिए नई संहिता में विशेष सुरक्षात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं। अब महिला कर्मचारियों को रात की शिफ्ट में कार्य करने की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए नियोक्ताओं पर कुछ अनिवार्य शर्तें लागू की गई हैं। महिला कर्मियों को रात्रि ड्यूटी पर रखने वाले प्रतिष्ठान मालिकों को उनकी सुरक्षा की पूरी गारंटी देनी होगी। इसके अलावा, काम खत्म होने के पश्चात महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन यानी पिक एंड ड्रॉप सुविधा उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व होगा। इन सुरक्षा उपायों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं को समान अवसर मिले और रात में काम करते समय वे पूरी तरह सुरक्षित महसूस करें।

## असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का समावेशन और शिकायत निवारण तंत्र
मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता 2026 में केवल संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया गया है, बल्कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का बड़ा कदम उठाया गया है। ऑटो और रिक्शा चालकों, घरेलू कामगारों, निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों और छोटे ठेका मजदूरों को सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कामगारों की समस्याओं और शोषण संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान करने के लिए शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत और पारदर्शी बनाया जाएगा। श्रमिक अपनी समस्याओं, बकाया वेतन या सुरक्षा संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए सीधे श्रम विभाग से संपर्क कर सकेंगे।

## श्रम विभाग का निरीक्षण अधिकार और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई
नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों को विशेष अधिकार और शक्तियां सौंपी गई हैं। श्रम विभाग के निरीक्षक किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण कर सकेंगे और वहां मौजूद उपस्थिति पंजिका, ओवर टाइम रिकॉर्ड, वेतन भुगतान विवरण और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर सकेंगे। यदि किसी संस्थान में कर्मचारियों से निर्धारित 48 घंटे से अधिक काम कराने, 12 घंटे की दैनिक सीमा का उल्लंघन करने, ओवर टाइम का भुगतान न करने या महिला सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने का मामला सामने आता है, तो श्रम विभाग संबंधित मालिक के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा। इस प्रकार सरकार ने एक संतुलित व्यवस्था निर्मित की है जहां व्यापार की स्वतंत्रता के साथ कर्मचारियों के कल्याण की पूरी गारंटी दी गई है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** 24 घंटे व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के इस मॉडल से अन्य राज्यों में भी श्रम कानूनों में सुधार और चौबीसों घंटे व्यापार व्यवस्था लागू करने का प्रोत्साहन मिल सकता है।
- **मध्य प्रदेश में:** राज्य के दुकानदारों, रेस्टोरेंट और मॉल संचालकों को रात-दिन कारोबार करने का मौका मिलेगा और कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य माहौल, 48 घंटे की साप्ताहिक सीमा और नाइट शिफ्ट में वाहन सुविधा मिलेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता 2026 को किसने मंजूरी दी है?
इस नई श्रम संहिता को मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपनी औपचारिक स्वीकृति प्रदान की है।

### 2. क्या मध्य प्रदेश में दुकानें और रेस्टोरेंट अब 24 घंटे खुल सकेंगे?
जी हां, नए नियमों के लागू होने के बाद दुकानें, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान 24 घंटे और सातों दिन संचालित किए जा सकेंगे।

### 3. 24 घंटे संचालन में कर्मचारियों के काम करने की क्या सीमा तय की गई है?
किसी भी कर्मचारी से एक सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकता और दैनिक ड्यूटी की सीमा 12 घंटे तय की गई है।

### 4. महिला कर्मचारियों के रात में काम करने को लेकर क्या नियम बनाए गए हैं?
महिलाएं रात की शिफ्ट में काम कर सकती हैं, लेकिन नियोक्ता को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी और रात में घर आने-जाने के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था देनी होगी।

### 5. व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण की क्या प्रक्रिया होगी?
प्रतिष्ठानों के लिए केवल एक बार ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा, जिसके बाद उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान की जाएगी।

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