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  "title": "मध्य प्रदेश के स्कूलों में ई-अटेंडेंस का नया फरमान: अब 'हमारे शिक्षक' ऐप पर छुट्टी के समय लॉगआउट अनिवार्य",
  "summary": "मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने 'हमारे शिक्षक' ऐप में बदलाव करते हुए शिक्षकों के लिए स्कूल परिसर से ही लॉगआउट करना अनिवार्य कर दिया है। तकनीकी समस्याओं के बीच सरकार ने यह भरोसा भी दिलाया है कि नेटवर्क या सर्वर की खराबी से किसी का वेतन नहीं कटेगा।",
  "content": "मध्य प्रदेश में कार्यरत सरकारी शिक्षकों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक कड़े निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत मौजूदगी सुनिश्चित करना और समय पर आने-जाने की अनुशासनहीनता को खत्म करना है। इस दिशा में डिजिटल ई-अटेंडेंस प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है। अब शिक्षक सुबह स्कूल पहुंचकर केवल हाजिरी लगाकर नहीं जा पाएंगे।\n\nऐप में तकनीकी बदलाव\nविभाग ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अपने आधिकारिक 'हमारे शिक्षक' मोबाइल ऐप को अपडेट किया है। इस नए अपडेट के साथ कई तकनीकी नियम जोड़े गए हैं। अब अनिवार्य कर दिया गया है कि शिक्षक को स्कूल पहुंचने पर लॉगिन तो करना ही होगा, साथ ही स्कूल की छुट्टी होने पर भी उसे स्कूल परिसर के भीतर रहकर ही लॉगआउट करना होगा।\n\nजियो-लोकेशन का नया नियम\nयदि कोई शिक्षक निर्धारित जियो-लोकेशन सीमा के बाहर या सीधे अपने घर से लॉगआउट करने की कोशिश करता है, तो उसकी लाइव लोकेशन सीधे शिक्षा विभाग के पास पहुंच जाएगी। विभागीय सर्वे में यह पाया गया था कि करीब 50% शिक्षक छुट्टी के समय स्कूल परिसर में नहीं होते थे, जिससे यह स्पष्ट था कि वे समय से पहले ही स्कूल छोड़ रहे थे।\n\nशिक्षकों का विरोध\nसरकार के इस नए फैसले को लेकर शिक्षक संगठनों में भारी नाराजगी है। ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में काम कर रहे शिक्षकों का कहना है कि यह नियम व्यावहारिक नहीं है। उन क्षेत्रों में परिवहन के साधन सीमित हैं, जिसके कारण उन्हें समय से पहले निकलने के लिए मजबूर होना पड़ता है।\n\nतकनीकी खामियां और नेटवर्क की समस्या\nशिक्षकों का कहना है कि 'हमारे शिक्षक' ऐप में कई तकनीकी त्रुटियां और सर्वर एरर की समस्याएं हैं। कभी-कभी तो तकनीकी खराबी की वजह से ऐप शिक्षकों की लोकेशन को 600 मीटर से लेकर 8,000 किलोमीटर तक दूर दिखाता है, जिससे उनकी हाजिरी ही नहीं लग पाती है। बैतूल, सतना, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट और नीमच जैसे क्षेत्रों में डिजिटल उपस्थिति 95% से अधिक है, जबकि शहरों में यह स्थिति अलग है। बारिश के मौसम में नेटवर्क की कमी के चलते शिक्षक पढ़ाने के बजाय मोबाइल में नेटवर्क ढूंढने में व्यस्त रहते हैं।\n\nवेतन कटौती पर बड़ी राहत\nविवादों के बीच शिक्षा आयुक्त ने शिक्षक प्रतिनिधियों को राहत दी है। बैठक में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि सर्वर डाउन होने या नेटवर्क खराब रहने जैसी किसी तकनीकी समस्या के कारण हाजिरी दर्ज नहीं होती है, तो शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा। विभाग का कहना है कि इसका मकसद अनुशासन लाना है, न कि आर्थिक नुकसान करना। यदि जून या जुलाई में अटेंडेंस न होने के कारण किसी का वेतन कटा है, तो उसे दोबारा जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: सरकारी कामकाज में डिजिटल निगरानी बढ़ने से शिक्षकों को काम के घंटों का सख्ती से पालन करना होगा।\n\nमध्य प्रदेश में: शिक्षकों को अब छुट्टी के समय ऐप के जरिए परिसर के अंदर से लॉगआउट करना होगा, जिससे स्कूल छोड़ने के समय में गड़बड़ी नहीं हो सकेगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ई-अटेंडेंस के लिए क्या नया नियम लागू हुआ है?\nअब शिक्षकों को सुबह लॉगिन करने के साथ-साथ स्कूल की छुट्टी होने पर स्कूल परिसर के भीतर से ही लॉगआउट करना अनिवार्य कर दिया गया है।\n\n2. क्या ऐप में तकनीकी खराबी होने पर वेतन कटेगा?\nनहीं, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि तकनीकी खराबी, सर्वर डाउन होने या खराब नेटवर्क की वजह से हाजिरी दर्ज नहीं होती है, तो शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा।\n\n3. शिक्षक संगठनों का इस नियम के बारे में क्या कहना है?\nशिक्षक संगठनों का मानना है कि यह नियम व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की भारी कमी है और परिवहन की सीमित सुविधाओं के कारण शिक्षकों को जल्दी निकलना पड़ता है।\n\n4. क्या जून-जुलाई में कटे हुए वेतन का कोई समाधान है?\nहां, विभाग ने आदेश दिए हैं कि यदि पहले अटेंडेंस न होने के कारण किसी का वेतन काटा गया है, तो उसका परीक्षण कर उसे दोबारा जारी किया जाएगा।",
  "url": "https://trendkia.com/madhya-pradesh/madhya-pradesh-ke-skulon-men-i-atendensa-ka-naya-pharamana-aba-hamare-shikshak-aipa-para-chhutti-ke-samaya-logaauta-anivarya-7364",
  "category": "मध्य प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-07-13",
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    "मध्य प्रदेश",
    "स्कूल शिक्षा विभाग",
    "ई-अटेंडेंस",
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  "site": "TrendKia"
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