मध्य प्रदेश में फिर करवट लेगा मौसम, गुना और सागर समेत चार जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज होने जा रही है, जिसके चलते मौसम विभाग ने गुना और सागर सहित चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर लोगों को सचेत किया है। मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य में बारिश का वह दौर दोबारा लौट सकता है जिसने पहले आम जनजीवन को काफी प्रभावित किया था। पिछले कुछ दिनों में कुछ जिलों में केवल हल्की से मध्यम बारिश ही देखने को मिली थी, जहां तेज हवाओं के कारण बादल बिना बरसे ही आगे बढ़ गए थे। लेकिन बुधवार, 22 जुलाई 2026 से राज्य में मानसून की गतिविधियां फिर से तेज होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और बाकी हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। IMD ने लोगों से सुरक्षित जगहों पर रहने और यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक वेबसाइट से मौसम की जानकारी लेने की अपील की है। चार प्रमुख जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के चार जिलों में मौसम काफी गंभीर हो सकता है। गुना, शिवपुरी, सागर और डिंडौरी के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 115.6 मिलीमीटर से लेकर 204.4 मिलीमीटर तक अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का भी अनुमान है। प्रदेश के अन्य सभी जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है। इन जिलों में दर्ज की जा सकती है भारी बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार, बड़वानी, श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इन सभी जगहों पर तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमकने की भी आशंका है। इनके अलावा बाकी बचे जिलों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। आम लोगों के लिए जरूरी सुरक्षा दिशा-निर्देश खराब मौसम और आकाशीय बिजली के खतरों को देखते हुए नागरिकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है • गरज-चमक के दौरान घरों के भीतर ही रहें। यदि किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े, तो पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल भी खड़े न हों। • बिजली गिरने के खतरे से बचने के लिए घर के सभी कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग सॉकेट से निकाल दें। • आंधी-तूफान के समय खुले खेतों या मैदानों में काम करने से बचें। ढीली बिजली की तारों, पेड़ों और निर्माणाधीन इमारतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। • वाहन चलाते समय अपनी रफ्तार धीमी रखें और स्टीयरिंग पर नियंत्रण मजबूत रखें ताकि गीली सड़कों पर दुर्घटना से बचा जा सके। • कंक्रीट की बनी दीवारों का सहारा लेने या फिर कंक्रीट के फर्श पर सीधे लेटने से बचें, क्योंकि ये बिजली का संचालन कर सकते हैं। पशुपालकों और मवेशियों की सुरक्षा के लिए नियम खराब मौसम के दौरान पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पशुपालकों को इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए • अपने मवेशियों को खुले मैदानों, तालाबों, नदियों या अन्य जल स्रोतों के पास अकेला न छोड़ें। • रात के समय सभी पालतू जानवरों को पूरी तरह से सुरक्षित और ढके हुए शेड के भीतर रखें। • दोपहर के समय जब मौसम खराब हो या अत्यधिक गर्मी हो, तो पशुओं को चराने के लिए बाहर न निकालें। • जानवरों के लिए पर्याप्त साफ पानी और छायादार स्थानों का इंतजाम पहले से करके रखें। • आकाशीय बिजली कड़कने या तेज आंधी के दौरान जानवरों को भूलकर भी पेड़ों के नीचे न बांधें, क्योंकि पेड़ों पर बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है। इसका आप पर असर • मध्य प्रदेश भर में: यात्रियों और आम जनता को जलभराव और यातायात में देरी का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लें। • प्रभावित जिलों में: गुना, शिवपुरी, सागर और डिंडौरी के किसानों और निवासियों को 204.4 मिलीमीटर तक की भारी बारिश के कारण संभावित बिजली कटौती और बाढ़ जैसी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए। सवाल-जवाब 1. मध्य प्रदेश के किन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है? गुना, शिवपुरी, सागर और डिंडौरी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 2. ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में कितनी बारिश होने का अनुमान है? इन चारों जिलों में 115.6 मिलीमीटर से लेकर 204.4 मिलीमीटर तक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। 3. किन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है? नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार, बड़वानी, श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जैसे जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 4. तूफान के दौरान पालतू पशुओं की सुरक्षा के लिए क्या उपाय करने चाहिए? पशुओं को जलाशयों के पास खुला न छोड़ें और न ही पेड़ों के नीचे बांधें। उन्हें विशेष रूप से रात के समय सुरक्षित और ढके हुए शेड में रखें। 5. मध्य प्रदेश में यह भारी मानसूनी बारिश कब से शुरू होने की उम्मीद है? मानसूनी गतिविधियों में तेजी बुधवार, 22 जुलाई 2026 से आने की उम्मीद जताई गई है। https://trendkia.com/madhya-pradesh/madhya-pradesh-men-phira-karavata-lega-mausama-guna-aura-sagar-sameta-chara-jilon-men-atyadhika-bhari-barisha-ki-chetavani-9661 TrendKia — Har trend, sabse pehle.