मध्य प्रदेश पुलिस ने एक साल बाद सुलझाई बघवारकलां में हत्या की गुत्थी, सूरत से दबोचे गए कातिल पन्ना पुलिस ने एक साल तक सात राज्यों में पीछा करने के बाद अर्चना सोनी और उसके पूर्व पति को गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों ने मिलकर संपत्ति विवाद के चलते नन्नू सोनी की सोते समय लकड़ी की मुगरिया से हत्या कर दी थी। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में एक साल पहले हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। एक महिला ने संपत्ति हथियाने की लालच में अपने पूर्व पति के साथ मिलकर अपने वर्तमान पति की बड़ी बेरहमी से जान ले ली थी। वारदात को अंजाम देने के बाद से ही दोनों शातिर अपराधी पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरार चल रहे थे। वे अपनी पहचान बदलकर देश के कई राज्यों में छिपते फिर रहे थे, लेकिन पन्ना पुलिस की विशेष टीम ने आखिरकार उन्हें गुजरात के सूरत शहर से धर दबोचा। इस खुलासे ने इलाके के लोगों को हैरान कर दिया है कि किस तरह एक पत्नी ने महज कुछ महीनों की शादी के बाद ही इतनी खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। कमरे में मिली थी खून से लथपथ लाश यह पूरा मामला रैपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बघवारकलां गांव का है। पिछले साल 10 और 11 जुलाई 2025 की दरमियानी रात को नन्नू सोनी नाम का युवक अपने घर में सो रहा था। जब अगली सुबह काफी देर तक वह कमरे से बाहर नहीं आया, तो परिवार वालों ने अंदर जाकर देखा। बिस्तर पर नन्नू मृत पड़ा था और उसकी पत्नी अर्चना सोनी अपने दोनों बच्चों के साथ घर से पूरी तरह गायब थी। मृतक के पिता मुन्नालाल सोनी ने बिना समय गंवाए 11 जुलाई को पुलिस थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद ही इसे हत्या मानकर अपनी तफ्तीश शुरू कर दी थी। जमीन का लालच और पारिवारिक क्लेश जैसे-जैसे पुलिस ने परिवार के इतिहास को खंगाला, हत्या की असल वजहें सामने आने लगीं। जांच में पता चला कि अर्चना की पहली शादी रामप्रताप सोनी के साथ हुई थी, जिससे उसके दो बच्चे भी थे। रामप्रताप से अलग होने के बाद अर्चना ने 27 मई 2025 को नन्नू सोनी के साथ कोर्ट मैरिज कर ली थी। हालांकि, यह रिश्ता शांतिपूर्ण नहीं रहा। शादी के कुछ दिनों बाद ही अर्चना ने नन्नू पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि वह अपनी कुछ जमीन उसके दोनों बच्चों के नाम कर दे। दूसरी ओर, नन्नू उन बच्चों को बिल्कुल पसंद नहीं करता था, जिसके चलते पति-पत्नी के बीच आए दिन भयंकर झगड़े होने लगे। विवाद इतना बढ़ गया कि घर का माहौल पूरी तरह से खराब हो चुका था। पूर्व पति के साथ मिलकर बनाया खौफनाक प्लान रोज-रोज के क्लेश से तंग आकर अर्चना ने अपने पहले पति रामप्रताप को फोन मिलाया। उसने रामप्रताप को बताया कि नन्नू बच्चों से नफरत करता है और जमीन का हिस्सा देने को भी राजी नहीं है। इसके बाद दोनों ने मिलकर नन्नू को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रची। योजना के मुताबिक, 10 जुलाई 2025 को रामप्रताप चुपचाप बघवारकलां पहुंच गया। रात के वक्त जब नन्नू गहरी नींद में था, तब अर्चना और रामप्रताप ने लकड़ी की भारी मुगरिया से उस पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में नन्नू की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद दोनों आरोपी बच्चों को लेकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए गांव से फरार हो गए। सात राज्यों में पुलिस को छकाते रहे हत्यारे वारदात के बाद आरोपियों को पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। पन्ना जिले की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। साइबर सेल और तकनीकी सबूतों के आधार पर अपराधियों के ठिकाने का पता लगाने की कोशिश की गई। पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार अपना नाम, काम करने की जगह, कपड़े पहनने का तरीका और ठिकाने बदलते रहे। पूरे 12 महीनों तक यह लुकाछिपी का खेल चलता रहा, जिसके दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात समेत कुल सात राज्यों में लगातार दबिश दी। मुखबिर की सूचना और सूरत में गिरफ्तारी लंबे समय तक पुलिस को चकमा देने के बाद आखिरकार आरोपियों की किस्मत ने उनका साथ छोड़ दिया। पुलिस को अपने एक गुप्त मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि हत्यारे गुजरात में नाम बदलकर रह रहे हैं। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सूरत के कपोदरा इलाके में घेराबंदी की और दोनों को सफलता पूर्वक गिरफ्तार कर लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान अर्चना और रामप्रताप ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और हत्या की पूरी साजिश का भी खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए दोनों को स्थानीय न्यायालय में पेश कर दिया है। इसका आप पर असर • भारत में: यह मामला दिखाता है कि संपत्ति से जुड़े पारिवारिक विवाद किस तरह हिंसक साजिशों में बदल सकते हैं, जिससे लोगों को समय रहते कानूनी मदद लेने की सीख मिलती है। • मध्य प्रदेश में: राज्य पुलिस का यह सफल अभियान अपराधियों को कड़ा संदेश देता है कि अपराध करने के बाद वे देश के किसी भी कोने में छिपकर बच नहीं सकते। सवाल-जवाब 1. बघवारकलां में किसकी हत्या हुई थी? बघवारकलां गांव में नन्नू सोनी नाम के युवक की उसके घर में सोते समय हत्या कर दी गई थी। 2. नन्नू सोनी की हत्या कब हुई थी? यह हत्याकांड पिछले साल 10 और 11 जुलाई 2025 की दरमियानी रात को अंजाम दिया गया था। 3. नन्नू सोनी की हत्या में कौन शामिल था? उसकी पत्नी अर्चना सोनी और अर्चना के पूर्व पति रामप्रताप सोनी ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी। 4. अर्चना ने अपने पति की हत्या क्यों की? अर्चना अपने दोनों बच्चों के नाम जमीन कराना चाहती थी, लेकिन नन्नू उन बच्चों को पसंद नहीं करता था, जिस वजह से दोनों में विवाद होता था। 5. हत्यारों ने पुलिस से बचने के लिए क्या किया? दोनों आरोपी एक साल तक अपना नाम, काम और वेश बदलकर मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात तक सात अलग-अलग राज्यों में छिपते रहे। 6. आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया? पुलिस ने एक मुखबिर की गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को गुजरात के सूरत शहर के कपोदरा इलाके से धर दबोचा। https://trendkia.com/madhya-pradesh/madhya-pradesh-pulisa-ne-eka-sala-bada-sulajhai-baghwarkalan-men-hatya-ki-gutthi-surat-se-daboche-gae-katila-9937 TrendKia — Har trend, sabse pehle.