मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए हरदीप सिंह पुरी का नामांकन, मोहन यादव रहे उपस्थित केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मध्य प्रदेश में खाली हुई राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए पर्चा भरा, जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को मध्य प्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए औपचारिक तौर पर अपना नामांकन पत्र जमा कर दिया। राजधानी भोपाल में नामांकन दाखिल किए जाने के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित पार्टी के अनेक प्रमुख नेता उपस्थित रहे। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने बुधवार को इस उपचुनाव हेतु हरदीप सिंह पुरी को अधिकृत उम्मीदवार घोषित करने का फैसला लिया था। प्रदेश इकाई ने किया स्वागत, विकास कार्यों का किया उल्लेख नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रत्याशी का स्वागत करते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में हरदीप सिंह पुरी ने मध्य प्रदेश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं और सौगातें प्रदान की हैं, जिससे प्रदेश की अधोसंरचना को मजबूती मिली है। पार्टी की राज्य इकाई ने उनके नामांकन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके लंबे प्रशासनिक और संसदीय अनुभव को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने बताया राज्य के लिए उपहार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस नामांकन को राज्य के लिए एक बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि यह घटनाक्रम दीवाली के अवसर पर प्रदेश को मिले एक उपहार के समान है। मुख्यमंत्री के अनुसार हरदीप सिंह पुरी का संसदीय सफर बेहद लंबा और प्रभावी रहा है, जिसका सीधा लाभ मध्य प्रदेश को मिला है। उन्होंने याद दिलाया कि बीना रिफाइनरी के विस्तार और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं जैसी पहलों के माध्यम से राज्य को नई दिशा मिली। इसके अतिरिक्त उनके नेतृत्व में देश भर में शुरू हुए स्वच्छता सर्वेक्षण के जरिए मध्य प्रदेश के शहरों ने राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाई। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उच्च सदन में उनके निर्वाचन के पश्चात देश के साथ-साथ राज्य को भी उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन का पूरा लाभ प्राप्त होगा। एल. मुरुगन के त्यागपत्र से रिक्त हुई थी सदस्यता यह उपचुनाव पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के राज्यसभा पद से त्यागपत्र देने के कारण कराया जा रहा है। मुरुगन के इस्तीफे के बाद यह सीट 14 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक रूप से रिक्त घोषित की गई थी। उच्च सदन में उनका कार्यकाल मूल रूप से 2 अप्रैल 2030 तक निर्धारित था, किंतु कार्यकाल समाप्ति से पूर्व ही उन्होंने अपनी सदस्यता छोड़ दी। इसके बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए 22 अक्टूबर को उपचुनाव का विस्तृत चुनावी कार्यक्रम घोषित किया था। उपचुनाव की तय समय-सारणी और प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा जारी चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर 2026 निर्धारित है। इसके अगले दिन यानी 3 नवंबर 2026 को सभी प्राप्त पर्चों की संवीक्षा की जाएगी। उम्मीदवारी वापस लेने के लिए 5 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है। यदि आवश्यकता हुई, तो 12 नवंबर को प्रातः 9:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक मतदान कराया जाएगा और उसी दिन शाम 5:00 बजे मतगणना संपन्न होगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपचुनाव से जुड़ी समूची प्रक्रिया 16 नवंबर से पूर्व पूरी कर ली जाएगी। इसका आप पर असर यह उपचुनाव मध्य प्रदेश के संसदीय प्रतिनिधित्व और राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। • भारत में: संसद के उच्च सदन में महत्वपूर्ण विधायी चर्चाओं और नीतिगत फैसलों में निरंतरता बनी रहेगी। इसके जरिए अनुभवी नेतृत्व को केंद्रीय स्तर पर विधायी प्रक्रिया में मजबूती मिलती है। • मध्य प्रदेश में: राज्य को उच्च सदन में एक मजबूत और अनुभवी जनप्रतिनिधि का सीधा साथ मिलेगा। इससे बीना रिफाइनरी और स्मार्ट सिटी जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स को गति मिलने की उम्मीद है। • चुनावी प्रक्रिया: 12 नवंबर 2026 को मतदान और मतों की गिनती के साथ यह प्रक्रिया 16 नवंबर से पहले समाप्त होगी। सभी राजनीतिक दलों के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर नामांकन और जांच प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है। • राजनीतिक समीकरण: पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर भाजपा ने अपने केंद्रीय नेतृत्व को आगे बढ़ाया है। इससे राज्य संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच तालमेल और मजबूत होगा। ऐसा क्यों हुआ यह उपचुनाव पूर्व केंद्रीय मंत्री द्वारा उच्च सदन की सदस्यता छोड़ने के बाद उत्पन्न संवैधानिक जरूरत के तहत कराया जा रहा है। • सीट का रिक्त होना: पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था, जिसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को यह स्थान रिक्त घोषित हुआ। उनका कार्यकाल सामान्यतः 2 अप्रैल 2030 तक चलने वाला था। • संवैधानिक अनिवार्यता: किसी भी सीट के खाली होने पर निर्वाचन आयोग को समयबद्ध चुनाव कार्यक्रम जारी करना पड़ता है। निर्वाचन आयोग ने 22 अक्टूबर को उपचुनाव की अधिसूचना और तिथियों की घोषणा की। • पार्टी की रणनीति: भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम पर मुहर लगाते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया। वरिष्ठ प्रशासनिक और विधायी अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें इस रिक्त सीट से उच्च सदन भेजने का निर्णय लिया। सवाल-जवाब 1. मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए किसने नामांकन दाखिल किया है? केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को भाजपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया। 2. नामांकन के दौरान कौन-कौन से प्रमुख नेता मौजूद थे? इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल उपस्थित रहे। 3. मध्य प्रदेश में राज्यसभा की यह सीट किस वजह से खाली हुई थी? पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के त्यागपत्र देने के बाद 14 अक्टूबर 2026 को यह सीट खाली हुई थी। 4. इस उपचुनाव के लिए मतदान और मतगणना कब होगी? मतदान 12 नवंबर 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती की जाएगी। 5. नामांकन दाखिल करने और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख क्या है? नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 2 नवंबर 2026 है और नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 5 नवंबर 2026 तय की गई है। https://trendkia.com/madhya-pradesh/madhya-pradesh-se-rajya-sabha-upachunava-ke-lie-hardeep-singh-puri-ka-namankana-mohan-yadav-rahe-upasthita-53834 TrendKia — Har trend, sabse pehle.