# मानसून की बारिश में टमाटर की फसल फटने से कैसे बचाएं, कृषि विशेषज्ञ ने बताए कारगर उपाय

> जुलाई की बारिश और तेज धूप की मार से टमाटर के फल फटने लगते हैं, जिससे किसानों को नुकसान होता है. कृषि विशेषज्ञ मनसुख लाल कुशवाहा ने इसके पीछे की वजह और बचाव के आसान तरीके बताए हैं.

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-07-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/manasuna-ki-barisha-men-tomato-ki-phasala-phatane-se-kaise-bachaen-krishi-visheshajna-ne-batae-karagara-upaya-9102 · **Language:** Hindi
**Tags:** टमाटर की खेती, मानसून खेती टिप्स, फल फटने की समस्या, बोरॉन छिड़काव, कैल्शियम नाइट्रेट, मल्चिंग विधि, कृषि विशेषज्ञ सलाह

बारिश के मौसम में टमाटर उगाने वाले किसानों के लिए एक बड़ी परेशानी हर साल दोहराई जाती है, फल पकने से पहले ही बीच से फट जाते हैं. सीधी में जुलाई के दिनों में कभी झमाझम बारिश होती है तो कभी अचानक तेज धूप निकल आती है, और यही उतार-चढ़ाव टमाटर की फसल पर भारी पड़ता है. फटे हुए फल न सिर्फ देखने में खराब लगते हैं, बल्कि बाजार में इनका भाव भी बहुत कम मिलता है. नतीजा यह होता है कि महीनों की मेहनत के बावजूद किसान को उचित दाम नहीं मिल पाता.

कृषि विशेषज्ञ मनसुख लाल कुशवाहा ने इस समस्या की जड़ को समझाते हुए बताया कि असली वजह मिट्टी की नमी में होने वाला अचानक बदलाव है. जब खेत की मिट्टी लंबे समय तक सूखी रहती है और फिर एकाएक तेज बारिश से भीग जाती है, तो पौधे की जड़ें एक साथ बहुत सारा पानी सोख लेती हैं. इस अतिरिक्त पानी की वजह से फल के अंदर का हिस्सा तेजी से बढ़ने लगता है, लेकिन बाहरी छिलका उसी रफ्तार से नहीं फैल पाता. यही असंतुलन फल को अंदर से फाड़ देता है.

## बोरॉन की कमी भी बनती है वजह
कुशवाहा के मुताबिक इस परेशानी की दूसरी बड़ी वजह मिट्टी में बोरॉन नाम के सूक्ष्म पोषक तत्व की कमी है. बोरॉन पौधे की कोशिकाओं को मजबूत और लचीला बनाए रखने का काम करता है, जिससे फल का छिलका दबाव सहने लायक बना रहता है. लगातार भारी बारिश के दौरान मिट्टी की ऊपरी परत से बोरॉन जैसे जरूरी तत्व बह जाते हैं. जब पौधे को पर्याप्त बोरॉन नहीं मिलता तो टमाटर की त्वचा कमजोर पड़ जाती है और थोड़ी सी भी अतिरिक्त नमी मिलते ही फल चटकने लगते हैं.

इसी वजह से कुशवाहा किसानों को सलाह देते हैं कि खेत में पानी का प्रबंधन संतुलित रखा जाए. न तो खेत में पानी जमा होने दें और न ही मिट्टी को पूरी तरह सूखने दें. उचित सिंचाई के साथ-साथ खेत में जल निकासी की सही व्यवस्था होना भी उतना ही जरूरी है, ताकि मिट्टी की नमी लगातार एक जैसी बनी रहे और फल पर अचानक दबाव न पड़े.

## फल फटने पर तुरंत करें ये उपाय
अगर किसी खेत में फल फटने की समस्या पहले ही शुरू हो चुकी है, तो 2 ग्राम बोरॉन प्रति लीटर पानी में घोलकर पौधों और फलों पर एक समान छिड़काव करने की सलाह दी गई है. इस छिड़काव से फल फटने की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है. इसके साथ ही कैल्शियम नाइट्रेट का इस्तेमाल भी बेहद फायदेमंद बताया गया है. मिट्टी में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा होने से फल की बाहरी परत मजबूत बनती है, जिससे टमाटर के निचले हिस्से में सड़न या दरार पड़ने का खतरा कम हो जाता है.

विशेषज्ञों के अनुसार खेत में मल्चिंग करना भी बेहद कारगर उपाय है. मल्चिंग करने से मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है, तेज बारिश का सीधा असर मिट्टी पर कम पड़ता है और तापमान में होने वाला अचानक उतार-चढ़ाव भी थम जाता है. इसका सीधा फायदा यह होता है कि पौधों की जड़ों को स्थिर वातावरण मिलता है, जिससे उनका विकास बेहतर तरीके से होता है और फल फटने की आशंका घट जाती है.

## पूरी तरह लाल होने का इंतजार न करें
कुशवाहा ने किसानों को यह भी समझाया कि टमाटर के पूरी तरह लाल होने तक खेत में रुकने का इंतजार न करें. जैसे ही फल गुलाबी या हल्के लाल रंग के दिखने लगें, उन्हें तोड़ लेना चाहिए. जो फल लंबे समय तक पौधे पर पका हुआ रहता है, बारिश के दौरान उसके फटने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है, क्योंकि पका हुआ छिलका पहले से ही कमजोर होता है और अतिरिक्त नमी को सहन नहीं कर पाता. आगे चलकर किसान ऐसी उन्नत और हाइब्रिड किस्मों का चयन करें जिनका छिलका मोटा हो और जो फटने के प्रति ज्यादा सहनशील मानी जाती हैं, इससे यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है.

## इसका आप पर असर
यह सलाह सीधे उन किसानों के काम की है जो बारिश के मौसम में टमाटर उगाते हैं.

- **देशभर में:** मानसून के दौरान टमाटर उगाने वाले किसान बोरॉन छिड़काव, संतुलित सिंचाई और मल्चिंग जैसे उपाय अपनाकर फल फटने से होने वाला नुकसान कम कर सकते हैं.
- **सीधी में:** जुलाई की अनियमित बारिश और धूप की मार झेल रहे सीधी के किसान समय रहते फसल की तुड़ाई और सही पोषक तत्वों के इस्तेमाल से बेहतर बाजार भाव पा सकते हैं.

## सवाल-जवाब

### 1. टमाटर के फल क्यों फटते हैं?
मिट्टी की नमी में अचानक बदलाव और बोरॉन जैसे पोषक तत्व की कमी की वजह से टमाटर के फल फटने लगते हैं.

### 2. फल फटने से बचाव के लिए क्या छिड़काव करें?
2 ग्राम बोरॉन प्रति लीटर पानी का घोल बनाकर पौधों और फलों पर छिड़काव करने की सलाह दी गई है.

### 3. क्या कैल्शियम नाइट्रेट भी फायदेमंद है?
हां, कैल्शियम नाइट्रेट के इस्तेमाल से फल की बाहरी त्वचा मजबूत होती है और सड़न या फटने की आशंका कम हो जाती है.

### 4. मल्चिंग से क्या फायदा होता है?
मल्चिंग से मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है, बारिश का असर कम होता है और तापमान में अचानक बदलाव नहीं आता.

### 5. टमाटर की तुड़ाई कब करनी चाहिए?
टमाटर के पूरी तरह लाल होने का इंतजार न कर, गुलाबी या हल्के लाल होते ही उनकी तुड़ाई कर लेनी चाहिए.

### 6. यह सलाह किसने दी है?
यह जानकारी कृषि विशेषज्ञ मनसुख लाल कुशवाहा ने दी है.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._