# मंडला: ऑटो में चार बच्चों को जन्म देने वाली महिला के नवजातों ने तोड़ा दम, परिजनों का आरोप- एंबुलेंस नहीं मिली

> मध्य प्रदेश के मंडला जिले में एक महिला ने अस्पताल ले जाते समय ऑटो में चार बच्चों को जन्म दिया, जिनकी दुखद मृत्यु हो गई। परिवार ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-07-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/mandla-auto-me-char-bachon-ko-janam-dene-wali-mahila-ke-navjaton-ne-toda-dam-parijanon-ka-aarop-ambulance-nahi-mili-5738 · **Language:** Hindi
**Tags:** मंडला, मध्य प्रदेश, नवजात, स्वास्थ्य सेवा, डिलीवरी, प्रशासन

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में 8 जुलाई की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर अस्पताल ले जाने के दौरान, रास्ते में ही ऑटो-रिक्शा के भीतर उसने चार बच्चों को जन्म दिया। दुर्भाग्यवश, जन्म के तुरंत बाद उन चारों नवजातों की मृत्यु हो गई। इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद, परिवार के सदस्यों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी जताई और जमकर हंगामा किया।

## नवजातों की दुखद मृत्यु का कारण
परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि यदि उन्हें समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध हो जाती, तो शायद बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। उनका कहना है कि सरकारी एम्बुलेंस सेवा को फोन किया गया था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया न मिलने के कारण उन्हें विवश होकर निजी ऑटो-रिक्शा का सहारा लेना पड़ा। दूसरी ओर, जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. डी.जे. मोहंती ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की जान उनके समय से पूर्व जन्म लेने (प्री-मैच्योर बर्थ) और उनके अधूरे शारीरिक विकास के कारण गई है। डॉ. मोहंती के अनुसार, नाइगांव निवासी रजनी सिंगाराम अपनी गर्भावस्था के सातवें महीने में थीं, तभी उन्हें प्रसव पीड़ा हुई।

## अस्पताल तक का सफर और चिकित्सा स्थिति
शुरुआत में महिला को घुथास स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। उनकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, उन्हें आगे के इलाज के लिए बिछिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। डॉ. मोहंती ने बताया कि प्रसव केंद्र तक पहुंचने से पहले ही ऑटो में हो गया। उन्होंने जानकारी दी कि जिन चार बच्चों ने जन्म लिया था, उनमें तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल था। सभी नवजातों का वजन लगभग 1.5 किलोग्राम था, जो कि जन्म के समय बहुत कम होता है। वर्तमान में, प्रसव के बाद मां को बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है और डॉक्टरों के मुताबिक वह खतरे से बाहर है।

## प्रशासन का रुख और आगामी जांच
इस पूरे मामले में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मंडला के जिला मजिस्ट्रेट राहुल नामदेव धोटे ने स्थिति पर टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अभी तक जिला प्रशासन को कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, जिला मजिस्ट्रेट ने यह आश्वासन दिया है कि यदि परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज की जाती है, तो प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगा और दोषियों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अभी तक इस मामले में किसी भी स्तर पर आधिकारिक लापरवाही की पुष्टि नहीं की गई है, और स्थिति स्पष्ट होने के लिए जांच का इंतजार किया जा रहा है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह घटना देश भर में स्वास्थ्य केंद्रों तक समय पर पहुँच और एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता पर ध्यान केंद्रित करती है।

**मंडला में:** स्थानीय निवासियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नंबर और जिला प्रशासन की हेल्पलाइन पहले से नोट करके रखनी चाहिए।

## सवाल-जवाब

### 1. मंडला में महिला के साथ क्या घटना हुई?
महिला ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ऑटो-रिक्शा के अंदर चार बच्चों को जन्म दिया, जिनकी बाद में मृत्यु हो गई।

### 2. नवजातों की मौत का आधिकारिक कारण क्या बताया गया है?
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बच्चों की मृत्यु उनके समय से पहले जन्म (प्री-मैच्योर बर्थ) और अधूरे शारीरिक विकास के कारण हुई।

### 3. परिवार ने क्या आरोप लगाया है?
परिवार का आरोप है कि उन्हें समय पर एम्बुलेंस नहीं मिली, जिससे उन्हें ऑटो-रिक्शा का सहारा लेना पड़ा।

### 4. प्रशासन ने मामले पर क्या कहा है?
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा है कि अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।

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