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  "type": "article",
  "title": "मंदसौर में यूरिया और केमिकल से नकली दूध बनाने का भंडाफोड़, छापेमारी के दौरान दो भाई फरार",
  "summary": "मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने डूंगरखेड़ी गांव के एक मकान पर छापा मारकर नकली दूध बनाने वाले बड़े गिरोह की साजिश नाकाम की है। मौके से यूरिया खाद, पाम ऑयल और उपकरण बरामद किए गए हैं, जबकि दोनों आरोपी भाई फरार हो गए।",
  "content": "मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में मिलावटखोरी का एक बेहद खतरनाक मामला सामने आया है, जहां रिहायशी बस्ती से दूर बने एक मकान के भीतर खतरनाक रसायनों की मदद से नकली दूध तैयार किया जा रहा था। शामगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डूंगरखेड़ी गांव में पुलिस ने जब एक गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा, तो घर के भीतर चल रही अवैध दूध निर्माण की यूनिट देखकर सभी हैरान रह गए। इस अवैध धंधे में शामिल दो सगे भाई पुलिस के पहुंचने से पहले ही चकमा देकर मौके से भाग निकलने में कामयाब रहे, जिनकी तलाश में पुलिस अब अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही है।\n\nरिहायशी इलाके से दूर चल रहा था मिलावट का कारखाना\nडूंगरखेड़ी गांव में आबादी वाले मुख्य हिस्से से कुछ दूरी पर स्थित एक सुनसान मकान को मिलावटखोरों ने अपनी अवैध गतिविधियों का अड्डा बना रखा था। पुलिस के अनुसार, इस मकान में कृष्णपाल सिंह और शिवराज सिंह नाम के दो भाई मिलकर कृत्रिम और सिंथेटिक दूध तैयार करने का काम कर रहे थे। गुप्त इनपुट मिलने के बाद जब शामगढ़ थाना पुलिस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इस ठिकाने पर दबिश दी, तो वहां नकली दूध बनाने का पूरा सेटअप लगा मिला। मौके की तलाशी लेने पर पुलिसकर्मियों को करीब 10 लीटर तैयार नकली दूध मिला। इसके अलावा भारी मात्रा में यूरिया खाद, पाम ऑयल, वनस्पति तेल, सफेद केमिकल पाउडर और दूध की डेंसिटी व चिकनाई बढ़ाने में काम आने वाले विभिन्न उपकरण बरामद किए गए।\n\nभारी मात्रा में कच्चा माल और आधुनिक मशीनें जब्त\nतलाशी अभियान के दौरान पुलिस को इस ठिकाने से कई ऐसी मशीनें मिलीं जिनका इस्तेमाल मिलावट के इस काम को बड़े पैमाने पर करने के लिए किया जा रहा था। बरामद सामान में लिक्विड को फेंटने वाली मिक्सर मशीन, मिक्सर प्लस कूलिंग उपकरण, पारस कंपनी के तेल के डिब्बे, 25-25 किलोग्राम वजन वाले पाउडर के सात बोरे, 10 खाली डिब्बे और 15 लीटर की क्षमता वाली पांच केन में भरा वनस्पति तेल शामिल है। इन रसायनों और तेलों को एक निश्चित अनुपात में पानी के साथ मिलाकर बिल्कुल असली दूध जैसा गाढ़ा सफेद घोल तैयार किया जाता था, जिसे सामान्य नजरों से देखकर पहचानना लगभग नामुमकिन था।\n\nत्योहारों पर 10 हजार लीटर नकली दूध खपाने का था मंसूबा\nशुरुआती पड़ताल के अनुसार, आरोपी भाई अब तक 1 हजार लीटर से अधिक नकली दूध को बाजार में उतार चुके थे। वे असली दूध में इस सिंथेटिक दूध की मिलावट करते थे ताकि उसकी मात्रा कई गुना बढ़ जाए और डेयरी संचालकों या आम ग्राहकों को आसानी से शक न हो। आगामी त्योहारी सीजन के दौरान दूध और उससे बने मावे की भारी मांग को देखते हुए इन दोनों आरोपियों ने बहुत बड़े स्तर पर मुनाफा कमाने की योजना बनाई थी। उनकी तैयारी आने वाले दिनों में करीब 10 हजार लीटर नकली दूध तैयार कर आसपास के बाजारों और मंडियों में खपाने की थी, जिससे लोगों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता था।\n\nखाद्य सुरक्षा विभाग ने जुटाए साक्ष्य, नमूनों की जांच शुरू\nकार्रवाई के तुरंत बाद शामगढ़ पुलिस ने खाद्य सुरक्षा विभाग को पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने के करीब एक घंटे के भीतर खाद्य विभाग की विशेषज्ञ टीम डूंगरखेड़ी पहुंची। टीम ने पूरे परिसर का मुआयना करने के बाद कानूनी पंचनामा तैयार किया और जब्त किए गए संदिग्ध तरल पदार्थ व रसायनों के औपचारिक नमूने सील किए। शामगढ़ थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने मौके से संदिग्ध दूध और निर्माण सामग्री जब्त कर ली है और फरार दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि दूध में यूरिया खाद की मौजूदगी और रसायनों की मात्रा से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि खाद्य प्रयोगशाला से आने वाली वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।\n\nप्रदेश में खाद्य पदार्थों में जानलेवा मिलावट का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले ग्वालियर में भी जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली चौंकाने वाली घटना सामने आई थी, जहां सौंफ के ऊपर सीमेंट और विभिन्न रासायनिक पदार्थों का लेप चढ़ाकर हूबहू जीरा जैसा दिखने वाला नकली जीरा तैयार किया जा रहा था। उस दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मिलावटी जीरे से भरी 46 बोरियां जब्त की थीं।\n\nइसका आप पर असर\nत्योहारी सीजन में बाजार में खुले दूध और उससे बनने वाली मिठाइयों में मिलावट का खतरा बढ़ गया है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए सतर्कता जरूरी हो गई है।\n\n• भारत में: त्योहारी मौसम के दौरान देश भर की मंडियों में मिलावटी दूध और नकली मावे की आपूर्ति में इजाफा होता है। खरीदारों को खुली और अत्यधिक सस्ती डेयरी सामग्री खरीदने से बचना चाहिए और केवल प्रमाणित विक्रेताओं से ही खरीदारी करनी चाहिए।\n• मंदसौर में: डूंगरखेड़ी और शामगढ़ क्षेत्र के आसपास के बाजारों में 1 हजार लीटर संदिग्ध दूध पहले ही खपाया जा चुका है। स्थानीय निवासियों को किसी भी संदिग्ध स्वाद, गंध या असामान्य झाग वाले दूध की सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को देनी चाहिए।\n• स्वास्थ्य संबंधी जोखिम: यूरिया, पाम ऑयल और डिटर्जेंट जैसे रसायनों से बना दूध पेट, आंतों और किडनी के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों में इसका नियमित सेवन पाचन तंत्र की गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है।\n• पहचान के तरीके: असली दूध को हथेलियों पर रगड़ने पर चिकनाहट नहीं आती, जबकि मिलावटी दूध डिटर्जेंट या तेल के कारण साबुन जैसा महसूस कराता है। इसे देर तक रखने पर इसका रंग पीला पड़ने लगे तो यह सिंथेटिक होने का बड़ा संकेत है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nत्योहारों के नजदीक आते ही दूध की भारी मांग और भारी मुनाफे के लालच में डूंगरखेड़ी गांव में यह अवैध यूनिट स्थापित की गई थी।\n\n• सीधा कारण: आरोपी भाइयों ने कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के लिए असली दूध के भीतर यूरिया, पाम ऑयल और वनस्पति तेल से बना नकली घोल मिलाना शुरू किया था। वे आगामी त्योहारी सीजन में आपूर्ति का बड़ा अंतर भुनाना चाहते थे।\n• परिस्थितिजन्य कारक: यह मकान आबादी से कुछ दूरी पर स्थित था, जिससे किसी को रसायनों के परिवहन और मशीनों की आवाज की भनक नहीं लगी। इसके अलावा कच्चे माल के रूप में यूरिया और सस्ता तेल ग्रामीण इलाकों में आसानी से उपलब्ध हो जाता है।\n• भविष्य की कार्रवाई: खाद्य सुरक्षा विभाग के नमूनों की फॉरेंसिक लैब जांच रिपोर्ट आने के बाद भारतीय न्याय संहिता और खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कड़ी धाराएं जोड़ी जाएंगी। पुलिस की विशेष टीमें दोनों फरार भाइयों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मंदसौर में पुलिस ने किस गांव में नकली दूध की यूनिट पकड़ी?\nपुलिस ने शामगढ़ थाना क्षेत्र के डूंगरखेड़ी गांव में आबादी से दूर बने एक मकान पर छापा मारकर यह यूनिट पकड़ी।\n\n2. इस मामले में किन आरोपियों के नाम सामने आए हैं?\nइस अवैध कारोबार में कृष्णपाल सिंह और शिवराज सिंह नाम के दो सगे भाइयों की संलिप्तता पाई गई है, जो फिलहाल फरार हैं।\n\n3. मौके से क्या-क्या सामग्री और उपकरण बरामद किए गए?\nपुलिस ने 10 लीटर नकली दूध, यूरिया खाद, पाम ऑयल, वनस्पति तेल, पाउडर की 7 बोरियां, मिक्सर मशीन और कूलिंग उपकरण बरामद किए हैं।\n\n4. आरोपी अब तक कितना नकली दूध बेच चुके थे और उनका अगला क्या मंसूबा था?\nवे 1 हजार लीटर से अधिक नकली दूध बाजार में बेच चुके थे और त्योहारों के दौरान करीब 10 हजार लीटर नकली दूध खपाने की तैयारी कर रहे थे।\n\n5. नकली दूध में यूरिया के इस्तेमाल की आधिकारिक पुष्टि कब होगी?\nशामगढ़ थाना प्रभारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की लैब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी औपचारिक पुष्टि होगी।",
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