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  "type": "article",
  "title": "मुंबई में शीर्ष उद्योगपतियों से मिले डॉ. मोहन यादव, राज्य को मिले 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव",
  "summary": "मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में देश के बड़े कारोबारी समूहों के साथ सीधी बैठकें कर राज्य में विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देने के लिए 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जुटाए।",
  "content": "वित्तीय राजधानी मुंबई में आयोजित विशेष संवाद सत्र के दौरान मध्य प्रदेश को औद्योगिक विस्तार का नया संबल मिला, जहाँ विभिन्न औद्योगिक घरानों ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 90 हजार करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं लगाने के प्रस्ताव दिए। इन तमाम व्यावसायिक योजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य के युवाओं के लिए 14,375 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के मौके तैयार होने का अनुमान लगाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के जाने-माने औद्योगिक घरानों के मुख्य कर्णधारों के साथ एक-एक करके गहन बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने फार्मास्यूटिकल, वस्त्र निर्माण, तकनीकी टेक्सटाइल, सेमीकंडक्टर उद्योग में काम आने वाली गैसों, पावर ट्रांसमिशन, टायर उत्पादन और सॉफ्टवेयर तकनीक जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में राज्य को अग्रणी केंद्र बनाने का खाका सामने रखा।\n\nप्रस्तुत किए गए निवेश प्रस्तावों के वित्तीय विश्लेषण से पता चलता है कि स्वच्छ और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को सबसे बड़ा हिस्सा हासिल हुआ है। इस अकेले क्षेत्र में 71 हजार 289 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि के प्रस्ताव आए हैं। इसके अतिरिक्त वस्त्र उद्योग के लिए 5 हजार करोड़ रुपये और जीवन रक्षक दवाओं के निर्माण यानी फार्मास्यूटिकल्स में 2 हजार 280 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट प्रस्तावित किए गए हैं। वहीं रियल एस्टेट क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपये, रासायनिक उत्पाद उद्योग में 400 करोड़ रुपये तथा सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये के व्यावसायिक प्रस्ताव शामिल हैं।\n\nऔद्योगिक तरक्की और रोजगार पर सरकार का रुख\nव्यापारिक प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की रणनीतिक खूबियों को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के केंद्र में स्थित होने के कारण राज्य की लॉजिस्टिक्स क्षमता बेहद मजबूत है, जहाँ प्रचुर मात्रा में विकसित औद्योगिक भूखंड, आधुनिक कनेक्टिविटी और मेहनती कार्यबल मौजूद है। उन्होंने कहा, \"निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।\"\n\nमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि नई इकाइयां शुरू करने वाले उद्यमियों को जमीन, निर्बाध बिजली, औद्योगिक पानी और उत्कृष्ट सड़कों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। मुंबई में हुए ‘मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद’ सत्र में आरपीजी, वेलस्पन, आईनॉक्स, भिलोसा, इप्का और सन फार्मा जैसी दिग्गज कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व के साथ परियोजनाओं के क्रियान्वयन, भूमि की पहचान और नीतिगत प्रोत्साहनों पर विस्तार से चर्चा की गई।\n\nआरपीजी समूह: जबलपुर, रतलाम और उज्जैन में विस्तार की संभावनाएं\nमुख्यमंत्री के साथ आरपीजी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका की आमने-सामने की बैठक में पावर ट्रांसमिशन, वाहन टायर निर्माण और सॉफ्टवेयर विकास पर केंद्रित रूपरेखा तय की गई। गोयनका ने जबलपुर में विद्युत पारेषण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पूंजी लगाने की इच्छा जताई। राज्य की प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए समूह ने नई विनिर्माण सुविधाओं पर गंभीरता से विचार किया।\n\nटायर निर्माण के लिए समूह उपयुक्त जमीन तलाश रहा है, जिसके लिए जबलपुर, रतलाम और सागर के औद्योगिक क्षेत्रों के विकल्प सामने रखे गए। आरपीजी समूह की तकनीकी टीम इन जगहों पर उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का जायजा लेगी। इसके अतिरिक्त उज्जैन में स्थापित आधुनिक आईटी बिल्ट-अप पार्क में मौजूद रेडी-टू-यूज यानी प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं का लाभ उठाकर जेनसार टेक्नोलॉजीज के विस्तार पर भी बात हुई। आरपीजी समूह की केईसी इंटरनेशनल और सिएट जैसी इकाइयां पहले से ही राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार रही हैं।\n\nवेलस्पन समूह: टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क और बुनियादी ढांचा\nवेलस्पन एंटरप्राइजेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप गर्ग के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता में पाइप विनिर्माण, तकनीकी वस्त्र और नागरिक अधोसंरचना के विकास पर मंथन हुआ। समूह ने मिल भूमि पर एक नया टेक्निकल टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने और उसमें मुख्य एंकर यूनिट शुरू करने का प्रस्ताव दिया, जिसकी व्यवहार्यता जांचने के लिए कंपनी की विशेषज्ञ टीम जल्द दौरा करेगी।\n\nबातचीत के दौरान वेलस्पन कॉर्प के एमएस लाइन पाइप में 150 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय और सिंटेक्स के तहत चल रहे 700 करोड़ रुपये के निवेश कार्यों की समीक्षा भी की गई। रायसेन और देवास में समूह की पहले से मौजूदगी है, जिसे अब आगे बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही वेलस्पन ने राज्य के भीतर राजमार्गों, प्रमुख सड़कों, जल शोधन और अपशिष्ट जल प्रबंधन परियोजनाओं में भी सार्वजनिक भागीदारी निभाने की इच्छा जताई।\n\nआईनॉक्स: सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस का देश का पहला संयंत्र\nआईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ जैन के साथ हुई बैठक में देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप विनिर्माण को आत्मनिर्भर बनाने वाले कदम पर चर्चा हुई। कंपनी ने राज्य में 1,260 करोड़ रुपये की लागत से भारत का पहला अति-उच्च शुद्धता वाला सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस प्लांट लगाने की विस्तृत कार्ययोजना रखी। इस संयंत्र से अप्रैल 2029 से व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश को हर साल करीब 350 करोड़ रुपये के विदेशी आयात से मुक्ति मिलेगी और 320 से अधिक कुशल स्थानीय युवाओं को नौकरियां मिलेंगी।\n\nइसके समानांतर, अत्याधुनिक तकनीक के जरिए सेमीकंडक्टर उद्योग में इस्तेमाल होने वाली विशेष गैसों के निर्माण हेतु 1,200 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश पर भी विमर्श हुआ, जिसके लिए 40 एकड़ भूमि की दरकार है। गेल नेटवर्क के माध्यम से प्राकृतिक गैस आपूर्ति, प्रति यूनिट 2 रुपये की बिजली सब्सिडी, बिजली शुल्क माफी, ब्याज अनुदान और समयबद्ध मंजूरियों के पैकेज पर भी बात हुई। कंपनी वर्ष 2000 से इंदौर और भोपाल में सेवाएं दे रही है, जिसने जून 2023 में मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाया था और अब नर्मदापुरम में सौर ऊर्जा आधारित नाइट्रोजन पाइपलाइन पर भी काम कर रही है।\n\nभिलोसा इंडस्ट्रीज: धार के पीएम मित्र पार्क में 7,500 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट\nभिलोसा इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक संदीप जैन ने धार जिले में स्थित पीएम मित्र पार्क में 7,500 करोड़ रुपये के विशाल निवेश का चरणबद्ध प्रस्ताव रखा, जिससे 3,750 रोजगार सृजित होने का अनुमान है। कंपनी शुरुआत में लगभग 2,500 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष पूंजीगत निवेश करके निर्माण कार्य आरंभ करेगी और शेष राशि को आगे के चरणों में जोड़ेगी।\n\nइस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए वस्त्र निर्माण हेतु 200 एकड़ और सहायक औद्योगिक इकाइयों के लिए 100 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता जताई गई है, जिसके आवंटन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2028 से उत्पादन शुरू करने का है। इस परियोजना के जरिए धार और इंदौर के पूरे इलाके में पॉलिस्टर यार्न, तकनीकी फाइबर, निटेड फैब्रिक और गैर-परिधान मानव-निर्मित कपड़ों का एकीकृत केंद्र तैयार होगा, जिससे कई लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को भी काम मिलेगा।\n\nइप्का लैबोरेटरीज: देवास और उज्जैन में 1,080 करोड़ रुपये का निवेश\nदवा निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इप्का लैबोरेटरीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी अजीत कुमार जैन ने देवास और उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी में 1,080 करोड़ रुपये की संयुक्त परियोजनाएं लगाने की रूपरेखा रखी। इसमें देवास संयंत्र के लिए 1,000 करोड़ रुपये और विक्रम उद्योगपुरी के लिए 80 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। इन दोनों इकाइयों से लगभग 1,500 रोजगार सृजित होंगे, जिसमें देवास से 1,000 और विक्रम उद्योगपुरी से 500 पद शामिल हैं।\n\nरतलाम में आठ लेन वाले एक्सप्रेस-वे के किनारे तैयार हो रहे नए बायोटेक पार्क में भी इप्का के जुड़ने की संभावनाओं पर बात हुई, जहाँ विशाल भूमि बैंक उपलब्ध है। इप्का लैबोरेटरीज की पहले से ही रतलाम, पीथमपुर, इंदौर, भोपाल और देवास में 7 विनिर्माण इकाइयां संचालित हैं, जिनसे लगभग 7,000 लोगों को आजीविका मिल रही है।\n\nसन फार्मा: पीथमपुर में 3,000 करोड़ का नया संयंत्र और सौर ऊर्जा योजना\nसन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप सांघवी के साथ चर्चा में पीथमपुर के सेक्टर-7 में 3,000 करोड़ रुपये की ग्रीनफील्ड विनिर्माण इकाई लगाने का रास्ता साफ हुआ। यहाँ बनने वाली फॉर्मूलेशन दवाओं का निर्यात अमेरिका, यूरोप, भारत और अन्य वैश्विक बाजारों में किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट से 1,750 से अधिक रोजगार पैदा होंगे, जिनमें लगभग 1,250 प्रत्यक्ष और 500 अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे।\n\nमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीथमपुर साइट पर दिसंबर 2026 तक सड़क, बिजली और पानी की मजबूत व्यवस्था पूरी की जाए तथा प्लॉट ट्रांसफर व दोबारा पंजीकरण शुल्क से संबंधित बाधाओं का समाधान निकाला जाए। सन फार्मा ने एक बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए भी जमीन मांगी है, जिस पर सरकार ने हरसंभव मदद का वादा किया। इसके अलावा रतलाम के भावी फार्मा पार्क में भी सांघवी ने रुचि दिखाई। सन फार्मा 1984 से देवास में सक्रिय है और प्रदेश के विभिन्न एपीआई और फॉर्मूलेशन केंद्रों में उसके 3,958 कर्मचारी काम कर रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nमध्य प्रदेश में घोषित 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से राज्य में हजारों नए तकनीकी व विनिर्माण रोजगार के अवसर खुलेंगे और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूती मिलेगी।\n\n• भारत में: घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस और दवाओं का उत्पादन बढ़ने से देश की विदेशी आयात पर निर्भरता घटेगी। इससे राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी तथा जरूरी रसायनों की स्थानीय उपलब्धता सुगम होगी।\n• मध्य प्रदेश में: प्रस्तावित औद्योगिक इकाइयों के जरिए राज्य में 14,375 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। पीथमपुर, धार, देवास, उज्जैन और जबलपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में रियल एस्टेट, परिवहन और स्थानीय छोटे व्यवसायों को बड़ा व्यापारिक सहारा मिलेगा।\n• औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला: कपड़ा और तकनीकी टेक्सटाइल के क्षेत्र में विशाल कारखाने खुलने से स्थानीय बुनकरों और सहायक सूक्ष्म उद्योगों को नए ऑर्डर मिलेंगे। इससे क्षेत्रीय कच्चे माल की खपत बढ़ेगी और छोटे उद्यमियों की आय में सुधार होगा।\n• बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी: नई परियोजनाओं के लिए सरकार द्वारा दिसंबर 2026 तक सड़क, बिजली और जल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे का उन्नयन किया जाएगा। इस विकास कार्य से औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास रहने वाले आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाएं भी बेहतर होंगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nमध्य प्रदेश सरकार ने राज्य की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, विकसित भूमि बैंक और निवेश अनुकूल नीतियों का लाभ उठाकर बड़े औद्योगिक घरानों को आकर्षित करने के लिए मुंबई में सीधी वार्ता आयोजित की। राज्य सरकार स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने और राज्य को विनिर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।\n\n• सीधा निवेश जुटाने की रणनीति: राज्य नेतृत्व ने मुंबई में शीर्ष उद्योगपतियों से आमने-सामने बैठकें करके उनकी व्यावहारिक जरूरतों और रियायतों को तुरंत सुलझाने की पहल की। इस पारदर्शी संवाद के चलते कंपनियों ने राज्य में पूंजी लगाने के औपचारिक प्रस्ताव पेश किए।\n• स्वच्छ ऊर्जा और बुनियादी ढांचे की तैयारी: राज्य में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा क्षमता, आठ लेन एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी और पीएम मित्र पार्क जैसी विकसित अधोसंरचना मौजूद है। इन सुविधाओं ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मध्य प्रदेश को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए अनुकूल गंतव्य बनाया।\n• सेमीकंडक्टर और फार्मा की बढ़ती मांग: वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की राष्ट्रीय आवश्यकता बनी हुई है। आईनॉक्स, सन फार्मा और इप्का जैसी कंपनियों ने इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए राज्य में विस्तार की योजनाएं बनाई हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मुंबई बैठक में मध्य प्रदेश को कुल कितने निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए?\nविभिन्न औद्योगिक समूहों द्वारा मध्य प्रदेश में कुल लगभग 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं।\n\n2. इन निवेश प्रस्तावों से राज्य में कितने रोजगार अवसर तैयार होने की उम्मीद है?\nइन औद्योगिक परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य में 14,375 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।\n\n3. किस क्षेत्र को सबसे ज्यादा निवेश प्रस्ताव मिला है?\nसबसे बड़ा प्रस्ताव नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मिला है, जहाँ 71 हजार 289 करोड़ रुपये के निवेश की योजना पेश की गई है।\n\n4. आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स राज्य में कौन सा अनोखा संयंत्र लगाने जा रही है?\nआईनॉक्स 1,260 करोड़ रुपये की लागत से देश का पहला अति-उच्च शुद्धता वाला सेमीकंडक्टर-ग्रेड सिलेन गैस प्लांट स्थापित करेगी।\n\n5. भिलोसा इंडस्ट्रीज किस जिले में और कितना निवेश करने की योजना बना रही है?\nभिलोसा इंडस्ट्रीज धार जिले के पीएम मित्र पार्क में चरणबद्ध तरीके से कुल 7,500 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है।\n\n6. सन फार्मा पीथमपुर में किस प्रकार की परियोजना स्थापित करेगी?\nसन फार्मा पीथमपुर में 3,000 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीनफील्ड फॉर्मूलेशन संयंत्र लगाएगी, जिससे 1,750 से अधिक रोजगार पैदा होंगे।",
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  "publishedAt": "2026-10-08",
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