# निवाड़ी की जेरोन खालसा नगर परिषद में राइट टू रिकॉल मतदान के नतीजे घोषित, अध्यक्ष कुसुम पस्तोर को छोड़नी होगी कुर्सी

> मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में जेरोन खालसा नगर परिषद की अध्यक्ष कुसुम पस्तोर के खिलाफ हुए राइट टू रिकॉल मतदान के नतीजे सामने आ गए हैं। इस चुनाव में 466 वोटों के अंतर से खाली कुर्सी की जीत हुई है, जिससे अध्यक्ष को अपना पद गंवाना पड़ेगा।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-11-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/niwari-ki-jeron-khalsa-nagar-parishad-men-right-to-recall-matadana-ke-natije-ghoshita-adhyaksha-kusum-pasthor-ko-chhorani-hogi-kur-57535 · **Language:** Hindi
**Tags:** निवाड़ी, जेरोन खालसा, राइट टू रिकॉल, कुसुम पस्तोर, मध्य प्रदेश चुनाव, नगर परिषद चुनाव

मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की जेरोन खालसा नगर परिषद में एक अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है। यहां स्थानीय निकाय की अध्यक्ष कुसुम पस्तोर को जनता ने 'राइट टू रिकॉल' यानी वापस बुलाने के अधिकार के जरिए पद से हटाने का फैसला सुना दिया है। 4 नवंबर को हुए मतदान के बाद 6 नवंबर को मतगणना संपन्न हुई, जिसमें खाली कुर्सी के पक्ष में मतदाताओं ने खुलकर मतदान किया। इस मतदान के नतीजों के बाद निवर्तमान अध्यक्ष कुसुम पस्तोर को अपना पद छोड़ना पड़ेगा।

## मतगणना के आंकड़े और जीत का अंतर
पृथ्वीपुर स्थित डिग्री कॉलेज में 6 नवंबर की सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती का कार्य शुरू किया गया था। इस उपचुनाव की मतगणना दो अलग-अलग चरणों में आयोजित की गई। पहले चरण के दौरान मतदान केंद्र संख्या एक से आठ तक के वोटों की गिनती हुई, जबकि दूसरे चरण में मतदान केंद्र संख्या नौ से पंद्रह तक के मतपत्रों और वोटों की गणना पूरी की गई। जेरोन खालसा नगर परिषद के सभी 15 वार्डों में कुल 4800 नागरिकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।

जब मतगणना समाप्त हुई, तो खाली कुर्सी यानी पद रिक्त करने के पक्ष में 2633 वोट दर्ज किए गए। दूसरी तरफ, अध्यक्ष पद पर कुसुम पस्तोर को बनाए रखने (भरी कुर्सी) के पक्ष में 2167 मत पड़े। इस तरह खाली कुर्सी के पक्ष को 466 वोटों की स्पष्ट बढ़त हासिल हुई। कुल पड़े 4800 वोटों में से आधे से ज्यादा मत पद को खाली कराने के समर्थन में आए, जिसके चलते अध्यक्ष की कुर्सी अब खाली मानी जाएगी।

## अविश्वास प्रस्ताव से राइट टू रिकॉल तक का सफर
इस पूरे मामले की शुरुआत नगर परिषद के 12 पार्षदों द्वारा निवर्तमान अध्यक्ष कुसुम मातादीन पस्तोर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद हुई थी। पार्षदों द्वारा अविश्वास जताए जाने के बाद नियम के अनुसार मामला जनता की अदालत में पहुंचा और 4 नवंबर को 15 वार्डों में स्थापित मतदान केंद्रों पर मतदान आयोजित किया गया। क्षेत्र के नागरिकों ने निकाय के कामकाज और नेतृत्व पर अपनी राय देने के लिए बड़ी संख्या में मतदान में हिस्सा लिया था।

## चुनाव प्रशासन और प्रशासनिक प्रक्रिया
प्रशासनिक व्यवस्था के संबंध में जानकारी देते हुए निर्वाचन अधिकारी विनीता जैन ने बताया कि मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराई गई। उन्होंने कहा कि 4800 कुल वोटों में से आधे से अधिक मत पद रिक्ति के समर्थन में मिले हैं, जिसके आधार पर नियमानुसार यह सीट अब रिक्त मानी जाएगी। मतगणना की औपचारिक रिपोर्ट और प्रमाण पत्र तैयार कर जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजा जा रहा है, ताकि आगे का औपचारिक निर्णय लिया जा सके। पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी गई थी, जिसमें पुलिस अधीक्षक (SP) और उप पुलिस अधीक्षक (SDOP) का पूरा सहयोग मिला।

## इसका आप पर असर
इस फैसले से स्थानीय निकायों में चुने हुए प्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने का एक अहम उदाहरण सामने आया है।

- **भारत में:** यह घटनाक्रम देश भर के स्थानीय शासन मॉडल में राइट टू रिकॉल प्रक्रिया की प्रभावशीलता को उजागर करता है। इससे नागरिकों को यह संदेश मिलता है कि असंतोष की स्थिति में जनप्रतिनिधियों को कार्यकाल खत्म होने से पहले हटाया जा सकता है।
- **जेरोन खालसा (निवाड़ी) में:** नगर परिषद की अध्यक्ष कुर्सी खाली होने के कारण प्रशासनिक कामकाज के संचालन के लिए नए नेतृत्व का चुनाव या नया अंतरिम इंतजाम किया जाएगा। स्थानीय निवासियों को अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए नगर परिषद के नए प्रशासनिक आदेशों और व्यवस्था का इंतजार करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
जेरोन खालसा नगर परिषद की अध्यक्ष को पद गंवाना पड़ा क्योंकि पार्षदों का असंतोष अंततः जनमत संग्रह के रूप में बदला।

- **पार्षदों का अविश्वास प्रस्ताव:** निकाय के 12 पार्षदों ने अध्यक्ष कुसुम मातादीन पस्तोर के कामकाज से असंतुष्ट होकर उनके खिलाफ औपचारिक अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।
- **जनता के पाले में फैसला:** अविश्वास प्रस्ताव के बाद नियमानुसार 4 नवंबर को जनता से मतदान कराया गया, जिसमें नागरिकों को पद बनाए रखने या खाली कराने का विकल्प दिया गया।
- **बहुमत का फैसला:** कुल पड़े 4,800 वोटों में से 2,633 मतदाताओं (आधे से अधिक) ने खाली कुर्सी के पक्ष में मतदान कर अध्यक्ष को वापस बुलाने का फैसला सुनाया।

## सवाल-जवाब

### 1. जेरोन खालसा नगर परिषद किस जिले में स्थित है?
यह नगर परिषद मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित है।

### 2. राइट टू रिकॉल मतदान में कुसुम पस्तोर को कितने मत मिले?
अध्यक्ष पद पर बने रहने (भरी कुर्सी) के पक्ष में कुसुम पस्तोर को 2,167 वोट मिले।

### 3. खाली कुर्सी को कितने वोटों से जीत मिली?
खाली कुर्सी (पद रिक्ति) को 2,633 वोट मिले, जिससे उसने 466 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

### 4. मतगणना किस स्थान पर और कब हुई थी?
मतगणना 6 नवंबर को पृथ्वीपुर के डिग्री कॉलेज में सुबह 8 बजे से आयोजित की गई थी।

### 5. यह चुनाव किस प्रक्रिया के तहत कराया गया था?
12 पार्षदों द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद यह चुनाव 'राइट टू रिकॉल' प्रावधान के तहत कराया गया था।

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