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  "type": "article",
  "title": "ऑपरेशन नीलमणि: भेस बदलकर पकड़ा गया राजस्थान का शातिर तस्कर सुनील मीणा",
  "summary": "राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में 1.67 लाख रुपये के इनामी कुख्यात तस्कर सुनील मीणा को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। वह लंबे समय से फरार था और उस पर हत्या के प्रयास सहित 19 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।",
  "content": "राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मोस्ट वांटेड तस्कर सुनील मीणा को धर दबोचा है। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में स्थित जीरन थाना क्षेत्र के गमेरपुरा गांव में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। इस पूरी कार्रवाई को ऑपरेशन नीलमणि नाम दिया गया था, जिसमें मध्य प्रदेश पुलिस ने राजस्थान पुलिस का पूरा सहयोग किया। सुनील मीणा राजस्थान पुलिस की उन टॉप-25 नार्को अपराधियों की लिस्ट में शुमार था, जिनकी तलाश लंबे समय से पुलिस को थी। उसके सिर पर विभिन्न एजेंसियों द्वारा कुल 1 लाख 67 हजार रुपये का इनाम रखा गया था।\n\nआठ महीने की कड़ी मशक्कत\nसुनील मीणा तक पहुंचना पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। इस अभियान के लिए पुलिस ने 100 से अधिक जवानों की एक विशेष टीम तैयार की थी। पिछले आठ महीनों से पुलिस लगातार उस पर नजर रख रही थी। इस दौरान तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं का इस्तेमाल किया गया। गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए एक पुलिसकर्मी को चरवाहे के वेश में गांव के आसपास तैनात किया गया, जिसने आरोपी की हर गतिविधि की पल-पल की जानकारी पुलिस मुख्यालय तक पहुंचाई।\n\nघर की तलाशी में धराया अपराधी\nजब पुलिस को सटीक सूचना मिली कि सुनील मीणा अपने घर पर मौजूद है, तब तुरंत घेराबंदी की गई। छापेमारी के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की और घर में रखे एक बड़े नीले लोहे के ड्रम के पीछे छिप गया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैद टीम ने पूरे मकान की गहन तलाशी ली और उसे ढूंढ निकाला। सुनील मीणा अपने शातिर स्वभाव के लिए जाना जाता है और उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए पूर्व में पुलिस टीमों पर फायरिंग जैसी दुस्साहसी घटनाएं भी की थीं। वह केरी फायरिंग कांड में भी वांछित चल रहा था।\n\nमादक पदार्थ नेटवर्क को बड़ा झटका\nपुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सुनील मीणा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे 19 से अधिक गंभीर मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन नीलमणि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाई गई अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक है। इस गिरफ्तारी से अंतर्राज्यीय ड्रग्स तस्करी करने वाले गिरोहों को गहरा धक्का लगा है। फिलहाल, पुलिस हिरासत में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि उसके नेटवर्क, सहयोगियों और तस्करी के रास्तों के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा सके।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश पूरे देश में गया है, जिससे अंतर्राज्यीय गिरोहों पर दबाव बढ़ेगा।\n\nराजस्थान/मध्य प्रदेश में: स्थानीय निवासियों को अपराध मुक्त माहौल मिलने की उम्मीद है और फरार अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकानों का दायरा सिमट जाएगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सुनील मीणा पर कितना इनाम घोषित था?\nसुनील मीणा पर विभिन्न एजेंसियों द्वारा कुल 1,67,000 रुपये का इनाम घोषित था।\n\n2. सुनील मीणा को किस ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया गया?\nउसे राजस्थान और मध्य प्रदेश पुलिस के एक संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन नीलमणि' के तहत गिरफ्तार किया गया।\n\n3. सुनील मीणा को पकड़ने के लिए पुलिस ने क्या तरीका अपनाया?\nपुलिस ने आठ महीने की निगरानी के बाद एक अधिकारी को चरवाहे के भेष में तैनात किया, जिसने आरोपी की गतिविधियों की सटीक जानकारी दी।\n\n4. सुनील मीणा पर कितने मामले दर्ज हैं?\nआरोपी पर एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास सहित 19 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/madhya-pradesh/pareshana-nilamani-bhesa-badalakara-pakara-gaya-rajasthan-ka-shatira-taskara-sunil-meena-5893",
  "category": "मध्य प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-07-08",
  "tags": [
    "राजस्थान पुलिस",
    "सुनील मीणा",
    "ऑपरेशन नीलमणि",
    "नशा तस्करी",
    "अपराध"
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  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
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