फगवाड़ा में यूनिवर्सिटी कैंपस उपद्रव मामले में तीन लोग हिरासत में, सुरक्षा कैमरों और डिजिटल सुरागों से हो रही अन्य की तलाश कपूरथला के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ के सिलसिले में सतनामपुरा थाना पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा है, जबकि पूरे प्रकरण की विस्तृत पड़ताल के लिए दो अलग विशेष जांच दल बनाए गए हैं। पंजाब के कपूरथला जिले के फगवाड़ा क्षेत्र में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर में हाल ही में हुए हंगामे और तोड़फोड़ की घटना के बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कड़ा रुख अपनाया है। सतनामपुरा थाने की पुलिस टीम ने परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अशांति फैलाने के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि ये तीनों व्यक्ति सीधे तौर पर यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर हुई तोड़फोड़ में सक्रिय रूप से मौजूद थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम की तह तक जाने के लिए दो विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित कर दिए हैं। सबूत जुटाने के लिए दो विशेष जांच दल गठित इस पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस प्रशासन ने कुल तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। दर्ज किए गए मुकदमों की बारीकी से पड़ताल करने के लिए अलग-अलग एसआईटी टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह जांच दल केवल यूनिवर्सिटी के भीतरी हिस्से तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षण संस्थान के आसपास के समूचे इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के विजुअल रिकॉर्ड भी खंगाल रहा है। जांच अधिकारियों का प्राथमिक जोर तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित करने पर है। मोबाइल फुटेज, इंटरनेट डेटा और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स के विश्लेषण से यह तय किया जा रहा है कि भीड़ में कौन-कौन से उपद्रवी शामिल थे और संपत्ति को किसने जानबूझकर नुकसान पहुंचाया। कोर्ट में पेशी और तीन दिन की पुलिस रिमांड की मांग कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए सतनामपुरा पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों को फगवाड़ा की अदालत में पेश किया। न्यायिक प्रक्रिया के तहत पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपियों से पूछताछ करने और अन्य संदिग्धों के बारे में जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से तीन दिन की पुलिस रिमांड मांगी है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर पकड़े गए व्यक्तियों के संदर्भ में अभी तक बहुत अधिक ब्योरा सार्वजनिक मंच पर साझा नहीं किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के जरिए उन मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान की जा सकेगी जिन्होंने इस पूरे उपद्रव को भड़काया था। परिजनों के दावे और गिरफ्तारी पर सवाल हिरासत में लिए गए लोगों में गगन नाम का एक युवक भी शामिल है, जिसकी गिरफ्तारी के बाद उसके परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। गगन के परिवार का कहना है कि वह पिछले दिन से अचानक लापता था और परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। अदालत में पेश किए जाने से ठीक पहले युवक ने किसी तरह अपने घर पर फोन करके इस कानूनी कार्रवाई की सूचना दी, जिसके तुरंत बाद उसके मामा अदालत परिसर पहुंचे। युवक के मामा ने संवाददाताओं के समक्ष दावा किया कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों से गिरफ्तारी के ठोस कारणों के बारे में जानने की कोशिश की, मगर उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। परिजनों के अनुसार, गगन का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और उस पर पहले कभी कोई केस दर्ज नहीं हुआ। परिवार का कहना है कि वह डोमिनोज में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता है और उसने करीब डेढ़ महीने पहले ही यह रोजगार शुरू किया था। फिलहाल पुलिस अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए यह पुष्टि करने में जुटी है कि घटना के वक्त उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी। इसका आप पर असर यूनिवर्सिटी परिसर में हुई तोड़फोड़ और उसके बाद पुलिस की सख्त धरपकड़ का सीधा असर इलाके के छात्रों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा दिनचर्या पर पड़ रहा है। • पंजाब में: पूरे राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा जांच और प्रशासनिक निगरानी को कड़ा किया जा रहा है। हॉस्टल नियमों और बाहरी लोगों के प्रवेश पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि इस तरह के टकराव दोबारा न हों। • फगवाड़ा में: यूनिवर्सिटी और आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय निवासियों और कामगारों को जांच के दौरान पहचान पत्र साथ रखने की सलाह दी जा रही है। • छात्रों के लिए: परिसर में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक निगरानी को पहले से अधिक सख्त किया जा रहा है। किसी भी हिंसक गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई के साथ शैक्षणिक निलंबन का खतरा भी बढ़ गया है। • स्थानीय डिलीवरी और कामगारों के लिए: परिसर के इर्द-गिर्द काम करने वाले सेवा प्रदाताओं की पृष्ठभूमि और आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है। संदिग्ध पाए जाने पर किसी भी सामान्य कामगार से पूछताछ हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर में हुई अचानक हिंसा और तोड़फोड़ के पीछे के कारणों की जांच के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर कानूनी कार्रवाई शुरू की है। हालांकि हिंसा भड़कने की मूल वजह पर अभी जांच चल रही है, लेकिन मौके पर हुए नुकसान ने पुलिस हस्तक्षेप को जरूरी बना दिया। • तात्कालिक उपद्रव और संपत्ति का नुकसान: यूनिवर्सिटी के भीतरी हिस्से में अचानक हुई तोड़फोड़ के बाद सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ गई थी। इसी के चलते सतनामपुरा थाने में सार्वजनिक शांति भंग करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के तहत तीन प्राथमिकियां दर्ज की गईं। • जांच के लिए विशेष टीमों का गठन: घटना में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की आशंका के चलते दो विशेष जांच दल बनाए गए। ये दल परिसर और आसपास के निगरानी कैमरों के फुटेज से संदिग्धों के चेहरों का मिलान कर रहे हैं। • आरोपियों की पहचान और डिजिटल साक्ष्य: मौके पर मौजूद मोबाइल फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड्स से कई लोगों की मौजूदगी प्रमाणित हुई है। पुलिस अदालत से रिमांड लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था या यह अचानक भड़का विवाद था। सवाल-जवाब 1. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी मामले में पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया है? सतनामपुरा थाना पुलिस ने तोड़फोड़ और हिंसा के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। 2. मामले की जांच के लिए पुलिस प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं? घटना की विस्तृत पड़ताल और सबूत जुटाने के लिए पुलिस ने दो विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किए हैं और तीन एफआईआर दर्ज की हैं। 3. पुलिस अदालत से आरोपियों के लिए क्या मांग कर रही है? पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों को फगवाड़ा की अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड मांगी है। 4. गिरफ्तार किए गए गगन के परिजनों का क्या दावा है? परिजनों का कहना है कि गगन पर पहले से कोई केस नहीं है और वह डोमिनोज में करीब डेढ़ महीने से डिलीवरी का काम कर रहा है। https://trendkia.com/madhya-pradesh/phagwara-men-lovely-professional-university-kainpasa-upadrava-mamale-men-tina-loga-hirasata-men-suraksha-kaimaron-aura-dijitala-su-41493 TrendKia — Har trend, sabse pehle.