{
  "type": "article",
  "title": "राजगढ़: सड़क हादसे में पिता-बेटे समेत 4 लोगों की मौत, एक ही चिता पर हुआ अंतिम संस्कार",
  "summary": "मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में ट्रक और बोलेरो की भीषण टक्कर के बाद राजगढ़ जिले के एक ही गांव में मातम पसर गया है। भियापुरा गांव में एक साथ चार लोगों की अर्थियां उठीं और सामूहिक रूप से अंतिम संस्कार किया गया।",
  "content": "मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने राजगढ़ जिले के एक परिवार को पूरी तरह से उजाड़ दिया है। सोमवार की दोपहर, आष्टा-शुजालपुर मार्ग पर मैना के पास गोदी जोड़ पर एक अनियंत्रित ट्रक ने बोलेरो वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में राजगढ़ जिले के भियापुरा गांव के चार निवासियों की दर्दनाक मौत हो गई। मंगलवार को जब इन चारों का अंतिम संस्कार किया गया, तो पूरा गांव गम के सागर में डूब गया। एक साथ चार अर्थियों के उठने के दृश्य को देखकर हर किसी की आंखें नम थीं। शोक इतना गहरा था कि भियापुरा गांव में किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला और ग्रामीणों ने दिन भर अन्न का एक दाना तक ग्रहण नहीं किया।\n\nमृतकों और घायलों का विवरण\nइस हादसे में काल का ग्रास बनने वालों में भियापुरा गांव के देवी राम तंवर (60), उनका बेटा बने सिंह तंवर (25), और दो चचेरे भाई भगवान सिंह तंवर (45) व गुलाब सिंह तंवर (32) शामिल हैं। इस दर्दनाक घटना में राजाराम (पुत्र सुंदरलाल, 45, निवासी बिहरपुर), इंदरसिंह (पुत्र नंदराम, 55), राधेश्याम (पुत्र देवीराम, 38), और हेमराज (पुत्र मांगीलाल, 25) भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ये सभी लोग राजगढ़ जिले के ही रहने वाले थे।\n\nइलाज के लिए जा रहे थे सभी\nपरिजन और ग्रामीणों ने जानकारी दी कि बने सिंह तंवर पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। परिवार के सदस्य और रिश्तेदार उन्हें इलाज के लिए देवास जिले के कांटाफोड़ गांव लेकर जा रहे थे। इस यात्रा के लिए उन्होंने सिमलादे गांव निवासी अमर सिंह तंवर की बोलेरो गाड़ी का उपयोग किया था। दुर्भाग्य से, आष्टा के निकट गोदी जोड़ के पास सामने से आ रहे ट्रक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में चालक समेत कुल 5 लोगों की जान चली गई।\n\nपरिवार पर टूटा दुखों का पहाड़\nभियापुरा गांव में एक साथ चार चिताओं को सजाकर अंतिम संस्कार किया गया। मृतक देवीराम तंवर की पत्नी का विलाप देखकर मौके पर मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। उन्होंने रोते हुए बताया कि वे अपने बेटे के बेहतर भविष्य और इलाज की उम्मीद में घर से निकले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस हादसे ने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्यों को छीन लिया है, जिससे उनके सामने भरण-पोषण का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस अपूरणीय क्षति से सदमे में हैं।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: सड़क हादसों में होने वाली मौतों के प्रति आम नागरिकों में सतर्कता और सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।\n\nमध्य प्रदेश में: सीहोर और राजगढ़ के स्थानीय निवासियों के लिए, यह घटना राजमार्गों पर गति और सावधानी के प्रति अधिक संवेदनशीलता बरतने की याद दिलाती है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह हादसा कहां हुआ?\nयह दुर्घटना मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा-शुजालपुर मार्ग पर मैना के पास गोदी जोड़ पर हुई।\n\n2. हादसे में कुल कितने लोगों की मौत हुई?\nइस सड़क हादसे में राजगढ़ जिले के भियापुरा गांव के चार लोगों सहित कुल पांच लोगों की मौत हुई।\n\n3. पीड़ित परिवार कहां जा रहा था?\nपरिवार के सदस्य मानसिक रूप से बीमार बने सिंह तंवर के इलाज के लिए देवास जिले के कांटाफोड़ गांव जा रहे थे।\n\n4. हादसे में कौन-कौन शामिल था?\nमृतकों में देवी राम तंवर, उनके बेटे बने सिंह तंवर, और दो चचेरे भाई भगवान सिंह तंवर व गुलाब सिंह तंवर शामिल हैं।",
  "url": "https://trendkia.com/madhya-pradesh/rajgarh-saraka-hadase-men-pita-bete-sameta-4-logon-ki-mauta-eka-hi-chita-para-hua-antima-snskara-5516",
  "category": "मध्य प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-07-07",
  "tags": [
    "राजगढ़",
    "सड़क हादसा",
    "सीहोर",
    "मध्य प्रदेश समाचार",
    "अंतिम संस्कार",
    "भियापुरा"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}