# सागर में जहरीली शराब कांड पर सख्त हुए मोहन यादव, आईजी और कमिश्नर बदले गए

> मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश देते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने की पूरी छूट दी है।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/sagar-mein-zehreli-sharab-kand-par-sakht-hue-mohan-yadav-ig-aur-commissioner-badle-gaye-30548 · **Language:** Hindi
**Tags:** मोहन यादव, सागर जहरीली शराब, मध्य प्रदेश न्यूज, दिलीप कुमार, इरशाद वली, अवैध शराब कार्रवाई, भोपाल समाचार

**भोपाल:** मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री **मोहन यादव** ने सागर जिले में जहरीली शराब के सेवन से हुई दुखद मौतों के मामले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने इस गंभीर घटना का संज्ञान लेते हुए न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही प्रशासनिक लापरवाही और कुप्रबंधन पर कड़ा रुख अपनाते हुए सागर के आईजी और कमिश्नर को तत्काल प्रभाव से हटाकर नए अधिकारियों को तैनात कर दिया गया है। सरकार की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अवैध शराब के अवैध कारोबार और इसमें लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

## प्रशासनिक फेरबदल और नए अधिकारियों की तैनाती

घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी **दिलीप कुमार** को सागर संभाग का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है, जिन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया है। वहीं, कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी **इरशाद वली** को सागर रेंज का महानिरीक्षक यानी आईजी बनाया गया है। हालांकि सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन अभी तक यह आधिकारिक रूप से तय नहीं किया गया है कि इस न्यायिक जांच की अगुवाई कौन करेगा या फिर जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है।

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## मृतकों का आंकड़ा बढ़ा और घायलों का इलाज जारी

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार को सागर जिले में जहरीली शराब त्रासदी के कारण मरने वालों का कुल आंकड़ा बढ़कर 15 तक पहुंच गया है। अस्पताल में उपचार के दौरान दो और पीड़ितों ने दम तोड़ दिया। दुखद पहलू यह भी है कि इस त्रासदी में जान गंवाने वालों में से एक व्यक्ति खुद अवैध शराब के कारोबार से जुड़े नेटवर्क का आरोपी बताया जा रहा है। स्थानीय अस्पतालों में अभी भी लगभग 40 लोग भर्ती हैं जिनका इलाज चल रहा है, जिनमें से 3 मरीजों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

 

## अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री और पीड़ितों से मुलाकात

स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री **मोहन यादव** ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा किया। वहां उन्होंने भर्ती मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों से भी मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। डॉक्टरों और पीड़ित परिवारों से बातचीत कर उन्होंने इलाज की प्रगति की पूरी जानकारी ली। इसके बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार सभी घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी और प्रभावित परिवारों की अन्य सभी जरूरी आवश्यकताओं को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। राज्य सरकार पहले ही यह ऐलान कर चुकी है कि इस घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

  

## अधिकारियों को सख्त कार्रवाई की खुली छूट

जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करने के बाद मुख्यमंत्री **मोहन यादव** ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की खुली छूट दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अवैध धंधे में शामिल जो भी व्यक्ति पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सबसे कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के घिनौने कृत्यों से लोगों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके।

 मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अवैध शराब के कारोबार और अन्य सभी प्रकार की गैर-कानूनी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए तुरंत सख्त कानूनी और अतिक्रमण-विरोधी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पूरे मध्य प्रदेश राज्य में विशेष निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहें।

## इसका आप पर असर
सागर जहरीली शराब कांड के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

- **भारत में:** राज्य सरकारों द्वारा अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर पुलिस और प्रशासनिक शिकंजा कसा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर नागरिकों की सुरक्षा बढ़ेगी।

- **सागर (मध्य प्रदेश) में:** स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवारों को जिला प्रशासन द्वारा चिकित्सा सहायता और घोषित 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि का लाभ मिलेगा, साथ ही नए अधिकारियों की तैनाती से प्रशासनिक निगरानी कड़ी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
सागर जिले में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के पीछे अवैध शराब का अवैध कारोबार और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही मुख्य कारण रहे।

- **अवैध शराब का नेटवर्क:** मिलावटी और जहरीली शराब के अनधिकृत उत्पादन व वितरण के कारण लोग इस घातक त्रासदी का शिकार हुए।

- **प्रशासनिक फेरबदल:** शुरुआती मौतों और स्थिति के बिगड़ने के बाद सरकार ने लचर निगरानी व्यवस्था को सुधारने के लिए आईजी और कमिश्नर स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को बदला।

- **जांच और जवाबदेही:** मौतों का आंकड़ा 15 तक पहुंचने और लगभग 40 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. सागर जहरीली शराब कांड में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
इस जहरीली शराब त्रासदी में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 15 हो गई है।

### 2. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कौन से प्रशासनिक बदलाव किए हैं?
मुख्यमंत्री ने सागर के आईजी और कमिश्नर को हटा दिया है, जिसमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दिलीप कुमार को कमिश्नर और आईपीएस अधिकारी इरशाद वली को आईजी नियुक्त किया गया है।

### 3. घायलों और पीड़ितों के लिए सरकार ने क्या सहायता की घोषणा की है?
सरकार ने मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है और सभी घायलों के इलाज का खर्च उठाने का फैसला किया है।

### 4. वर्तमान में कितने लोग अस्पताल में भर्ती हैं?
लगभग 40 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से 3 की हालत गंभीर बनी हुई है।

### 5. इस मामले में किस तरह की जांच के आदेश दिए गए हैं?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

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