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  "title": "सतना-मानिकपुर रेलखंड पर भारी बारिश का कहर, दो फीट पानी भरने से साढ़े चार घंटे थमा ट्रेनों का सफर",
  "summary": "मूसलाधार बारिश के चलते सरभंग नदी में उफान आ गया जिससे सतना-मानिकपुर रेलखंड पर ट्रैक दो फीट पानी में डूब गया। इस कारण करीब साढ़े चार घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा और लगभग 12 ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा।",
  "content": "शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण सरभंग नदी में भारी उफान आ गया, जिसका सीधा असर सतना-मानिकपुर रेलखंड पर देखने को मिला। खुटहा और चितहरा के बीच रेलवे ट्रैक के ऊपर करीब दो फीट तक पानी बहने लगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने एहतियातन कदम उठाए। इस जलभराव के चलते करीब साढ़े चार घंटे तक रेल यातायात पूरी तरह से ठप रहा। इस दौरान लगभग 12 महत्वपूर्ण ट्रेनों को सतना, मानिकपुर, मझगवां और सगमा सहित अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर ही रोककर रखना पड़ा। इससे पहले भी 23 जुलाई 2026 को मूसलाधार बारिश के चलते रेलवे ने 23 जुलाई 2026 को अपने प्रारंभिक स्टेशनों से चलने वाली चार ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया था।\n\nमूसलाधार बारिश से अस्त-व्यस्त हुई रेलवे व्यवस्था\n\nसुबह लगभग सात बजे के आसपास गोदान एक्सप्रेस और एक डाउन मालगाड़ी चितहरा के पास पहुँची। जब लोको पायलटों ने ट्रैक पर पानी का तेज बहाव और खतरनाक स्थिति देखी, तो उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए दोनों गाड़ियों को वहीं रोक दिया और तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी। इसके फौरन बाद सतना से रेलवे के तकनीकी अधिकारियों, अन्य कर्मचारियों और आरपीएफ की टीम को हालात का जायजा लेने के लिए मौके पर रवाना किया गया। हालाँकि, लगातार हो रही भारी बारिश और खराब सड़क मार्ग के कारण बचाव दल को घटनास्थल तक पहुँचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।\n\nवंदे भारत समेत कई प्रमुख ट्रेनों पर पड़ी रोक\n\nइस अप्रत्याशित जलभराव और रेल यातायात के बाधित होने का असर कई लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन पर भी साफ तौर पर दिखाई दिया। आनंद विहार-रीवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस को मानिकपुर स्टेशन पर लगभग ढाई घंटे तक रोककर रखा गया, जो बाद में हालात सामान्य होने पर दोपहर करीब एक बजे सतना पहुँची। इसके अलावा सारनाथ एक्सप्रेस को भी सतना स्टेशन पर लगभग दो घंटे तक रोककर रखा गया और सुबह 11:40 बजे आगे के लिए रवाना किया गया। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण सतना-मानिकपुर मेमू ट्रेन का सुबह का फेरा भी रद्द करना पड़ा, जिसके विकल्प के तौर पर इसे सतना-कटनी स्पेशल गाड़ी के रूप में चलाया गया।\n\nमुख्तियारगंज फाटक के पास रोकना पड़ा पहिया\n\nमुख्तियारगंज फाटक के निकट रेलवे ट्रैक पर पानी जमा होने के कारण रीवा-भोपाल वंदे भारत एक्सप्रेस को भी सुरक्षा कारणों से करीब 5 से 10 मिनट के लिए रोकना पड़ा। रेलवे के फील्ड कर्मचारियों ने तुरंत मौके पर पहुँचकर पानी की निकासी के प्रबंध किए, जिसके बाद ट्रेन को सुरक्षित आगे रवाना किया गया। इस पूरी स्थिति की पुष्टि स्टेशन मैनेजर अब्दुल मतीन ने की है। ट्रैक पर पानी का स्तर घटने और लगातार हो रही निगरानी के बाद रेलवे प्रशासन ने करीब चार घंटे के लंबे अंतराल के बाद रेल परिचालन को धीरे-धीरे सामान्य करना शुरू किया।\n\nसतर्कता से टला बड़ा हादसा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम\n\nसभी संवेदनशील और प्रभावित स्थानों पर रेलवे कर्मचारियों की गश्त और निगरानी को काफी बढ़ा दिया गया है। रेलवे ट्रैक और उसके आसपास के जलमग्न इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। मूसलाधार बारिश के इस संकट के दौरान रेलवे की त्वरित सतर्कता और मुस्तैदी से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। हालाँकि, इतने लंबे समय तक रेल यातायात के बाधित रहने के कारण यात्रियों को भीषण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और कई ट्रेनों का समय-सारणी चक्र पूरी तरह से प्रभावित हो गया।\n\nइसका आप पर असर\nसतना-मानिकपुर रेलखंड पर भारी बारिश और जलभराव के कारण रेल यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा है और कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं।\n\n• भारत में: देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून के दौरान जलभराव से लंबी दूरी की रेल यात्राओं के शेड्यूल पर बुरा असर पड़ता है और यात्रियों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ता है।\n\n• सतना और मानिकपुर में: स्थानीय रेल यात्रियों और दैनिक पैसेंजर्स को ट्रैक पर पानी भरने के कारण सतना, मानिकपुर और मझगवां जैसे स्टेशनों पर घंटों रुकना पड़ा और मेमू सेवाओं का संचालन रद्द करना पड़ा।\n\n• ट्रेन संचालन: गोदान एक्सप्रेस, सारनाथ एक्सप्रेस, आनंद विहार-रीवा सुपरफास्ट और रीवा-भोपाल वंदे भारत जैसी प्रमुख ट्रेनों के पहिए सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से थमे।\n\n• सुरक्षा उपाय: रेलवे प्रशासन ने संवेदनशील पटरियों पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि भविष्य में भारी बारिश के दौरान किसी भी बड़े हादसे को समय रहते रोका जा सके।\n\n• यात्री सलाह: खराब मौसम और मूसलाधार बारिश के दौरान यात्रा करने वाले लोग घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेनों की लाइव स्थिति और समय सारणी की जांच जरूर कर लें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सतना-मानिकपुर रेलखंड पर यातायात क्यों बाधित हुआ था?\nमूसलाधार बारिश के कारण सरभंग नदी के उफान पर आने और खुटहा-चितहरा के बीच ट्रैक पर दो फीट पानी भरने से यातायात बाधित हुआ।\n\n2. कितने समय तक रेल परिचालन प्रभावित रहा?\nसुरक्षा कारणों से करीब साढ़े चार घंटे तक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा और बाद में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य की गई।\n\n3. कितनी ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोका गया था?\nइस दौरान लगभग 12 ट्रेनों को सतना, मानिकपुर, मझगवां और सगमा जैसे स्टेशनों पर रोककर रखा गया था।\n\n4. वंदे भारत एक्सप्रेस को कहाँ और क्यों रोका गया था?\nमुख्तियारगंज फाटक के पास ट्रैक पर पानी भरने के कारण रीवा-भोपाल वंदे भारत एक्सप्रेस को 5 से 10 मिनट के लिए रोकना पड़ा था।\n\n5. इस घटना की पुष्टि किसने की थी?\nस्टेशन मैनेजर अब्दुल मतीन ने ट्रैक पर पानी कम होने और परिचालन बहाल होने की पुष्टि की थी।",
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  "category": "मध्य प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-08-29",
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    "भारतीय रेलवे",
    "सतना न्यूज",
    "मानिकपुर",
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