# सीधी के प्राथमिक विद्यालय में शराब पीकर पहुंचे शिक्षक का वीडियो वायरल, 200 से घटकर 28 रह गई छात्रों की संख्या

> मध्य प्रदेश के सीधी जिले के ग्राम डिहुली में शराब के नशे में स्कूल पहुंचे शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है। बच्चों का आरोप है कि शिक्षक नशे में उन पर गिर जाते थे, जिसके बाद स्कूल में छात्रों की संख्या 200 से घटकर 28 रह गई।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-08-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/sidhi-ke-prathamika-vidyalaya-men-sharaba-pikara-pahunche-shikshaka-ka-vidiyo-vayarala-200-se-ghatakara-28-raha-gai-chhatron-ki-sn-14717 · **Language:** Hindi
**Tags:** सीधी, मध्य प्रदेश, प्राथमिक विद्यालय, दिनेश प्रसाद कोल, शिक्षा विभाग, वायरल वीडियो

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित सिहावल जनपद पंचायत के ग्राम डिहुली नंबर-4 के प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां पदस्थ शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल पर शराब के भारी नशे में स्कूल आने और परिसर के भीतर ही मदिरा का सेवन करने के गंभीर आरोप लगे हैं। गुरुवार को गांव के ही निवासी गयासुद्दीन अंसारी ने इस पूरी घटना का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर जारी कर दिया, जिसके बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।

## कक्षा के भीतर लड़खड़ाते हुए पहुंचे शिक्षक, कलेक्टर के नाम में की गड़बड़ी
वीडियो सामने आने के बाद जब प्राथमिक विद्यालय के परिसर में पड़ताल की गई, तो शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल स्कूल के एक कमरे में लेटे हुए पाए गए। शुरुआत में पूछताछ के दौरान उन्होंने शराब का सेवन करने से साफ इनकार किया और दावा किया कि उनका रक्तचाप यानी BP बढ़ गया है। हालांकि, इसके कुछ ही देर बाद वे नशे में पूरी तरह लड़खड़ाते हुए ब्लैकबोर्ड के पास बच्चों को पढ़ाने के लिए पहुंचे। वहां पढ़ाते समय उन्होंने जिला कलेक्टर विकास मिश्रा का सही नाम लिखने के बजाय ब्लैकबोर्ड पर "मनीष मिश्रा" लिख दिया।

## छात्रों पर गिरते थे शिक्षक, अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला हटाया
स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों ने शिक्षक की हरकतों की पोल खोलते हुए चौकाने वाले खुलासे किए। बच्चों का कहना है कि दिनेश प्रसाद कोल अक्सर शराब पीकर ही पढ़ाने आते हैं। नशे की वजह से वे कई बार कक्षा के अंदर ही जमीन पर गिर पड़ते हैं और कई मौकों पर तो वे मासूम बच्चों के ऊपर ही गिर गए। इतना ही नहीं, बच्चों ने यह भी बताया कि शिक्षक कई बार क्लास में ही उल्टी कर देते थे। इस शर्मनाक माहौल और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है।

## दो साल से तीन दिन आती थी हाजिरी, फिर भी जारी हुआ पूरा वेतन
इसी स्कूल में पदस्थ एक अन्य शिक्षक अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि वे बीते दो वर्षों से इस बदहाल स्थिति को देख रहे हैं। उनके अनुसार, आरोपी शिक्षक पूरे महीने में मुश्किल से दो या तीन दिन ही स्कूल उपस्थित होते हैं और उन दिनों में भी ज्यादातर समय भारी नशे में रहते हैं। अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि इस संबंध में संकुल प्राचार्य और BRC कार्यालय में लिखित शिकायतें भेजी गईं और उपस्थिति का रिकॉर्ड भी सौंपा गया, लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि वास्तविक उपस्थिति कम होने के बावजूद आरोपी शिक्षक को हर महीने पूरा वेतन जारी किया जाता रहा। इसी वजह से स्कूल में दर्ज बच्चों की संख्या, जो पहले करीब 200 थी, अब घटकर मात्र 28 रह गई है।

## डॉक्टर की सलाह पर शराब पीने का अजीबोगरीब दावा
प्रशासनिक स्तर पर संकुल प्राचार्य सुरेश प्रसाद कोल ने माना कि उन्होंने वायरल वीडियो देखा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक को पहले भी कई बार सुधरने की चेतावनी और समझाइश दी गई थी, लेकिन उनके आचरण में कोई बदलाव नहीं आया। उधर, ACS दिवाकर प्रसाद शुक्ला ने स्पष्ट किया कि संकुल स्तर से भेजी जाने वाली उपस्थिति रिपोर्ट के आधार पर ही वेतन जारी होता है। शुरुआती जांच में पता चला है कि संबंधित शिक्षक महीने में केवल चार दिन ही स्कूल आए थे, जबकि कागजों में पूरी उपस्थिति दर्शाई गई थी। उन्होंने मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। दूसरी तरफ, शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल ने स्वीकार किया कि वे कभी-कभार शराब पीते हैं और स्कूल में शराब की बोतल भी लेकर आते हैं। उनका अजीबोगरीब तर्क है कि वे उच्च रक्तचाप के मरीज हैं और एक डॉक्टर की सलाह पर ही शराब का सेवन करते हैं।

## अन्य जिलों से भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
विद्यालयों में शिक्षकों के नशे में धुत होकर पहुंचने का यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते महीने मध्य प्रदेश के धार जिले में भी एक महिला शिक्षिका नशे में धुत होकर स्कूल परिसर पहुंची थी। वहां काम कर रहे मजदूरों के साथ शिक्षिका की बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। इसके अलावा बिहार के रोहतास जिले में भी एक प्राथमिक विद्यालय के प्रिंसिपल पर शराब के नशे में एक अन्य शिक्षक के साथ मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगा था।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और बायोमेट्रिक निगरानी सख्त करने की मांग बढ़ सकती है।
- **मध्य प्रदेश में:** सीधी जिले के प्राथमिक विद्यालयों में प्रशासनिक जांच और संकुल स्तर की हाजिरी व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. सीधी के स्कूल में किस शिक्षक पर शराब पीने का आरोप लगा है?
ग्राम डिहुली नंबर-4 स्थित प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल पर स्कूल परिसर में शराब पीने और नशे में आने के आरोप लगे हैं।

### 2. स्कूल में छात्रों की संख्या घटने का क्या कारण है?
बच्चों और अन्य शिक्षक के अनुसार, शिक्षक के नशे में रहने और क्लास में बच्चों पर गिरने व उल्टी करने के कारण अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया, जिससे संख्या 200 से घटकर 28 रह गई।

### 3. शिक्षक ने शराब पीने को लेकर क्या सफाई दी?
शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल ने दावा किया कि वे उच्च रक्तचाप के मरीज हैं और एक डॉक्टर की सलाह पर ही शराब का सेवन करते हैं।

### 4. प्रशासन ने मामले में क्या कार्रवाई की बात कही है?
ACS दिवाकर प्रसाद शुक्ला ने फर्जी हाजिरी और कम उपस्थिति के बावजूद पूरा वेतन जारी होने के मामले में जांच कराने की बात कही है।

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