# सिंहस्थ-2028 से पहले ओंकारेश्वर का कायाकल्प: 160 करोड़ की मंजूरी, बनेंगे हेलीपेड और मल्टीलेवल पार्किंग

> मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में ओंकारेश्वर तीर्थ क्षेत्र के लिए सड़क, पार्किंग, अस्पताल, रेलवे ओवरब्रिज और हेलीपेड समेत कई परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है।

**Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/sinhastha-2028-se-pahale-onkareshvara-ka-kayakalpa-160-karora-ki-mnjuri-banenge--495

मध्य प्रदेश की पवित्र तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर अगले कुछ वर्षों में पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी। सिंहस्थ-2028 में उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में इस तीर्थ क्षेत्र के लिए विकास परियोजनाओं की एक लंबी सूची को मंजूरी मिली है।

## क्यों हो रहा है इतना बड़ा निवेश
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं को देखते हुए सरकार ने यहां बड़े पैमाने पर काम कराने का फैसला लिया है। इन सभी कामों के पीछे एक ही सोच है — सिंहस्थ-2028 के दौरान आने वाले लाखों लोगों को आवागमन, पार्किंग, स्वास्थ्य और सुरक्षा के मोर्चे पर बेहतरीन इंतजाम मिलें और तीर्थनगरी का स्वरूप आधुनिक तथा व्यवस्थित बन सके।

## मंदिर परिसर पर 160 करोड़, सड़कों पर अलग बजट
सबसे बड़ा हिस्सा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर परिसर को मिला है। इसके विकास और सुंदरीकरण पर लगभग 160 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिल सकेगी।

इसके साथ ही नगर परिषद क्षेत्र की सड़कों को मजबूत और धूल-मुक्त बनाने के लिए 12.63 करोड़ रुपये की लागत से सीसी रोड बनाई जाएगी। यातायात को और सहूलियत देने के लिए ओंकारेश्वर रोड से सनावद मार्ग पर 9.23 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण किया जाएगा, जिससे रेल फाटक पर लगने वाले जाम से लोगों को छुटकारा मिलेगा।

## पार्किंग की समस्या का स्थायी हल
सिंहस्थ के समय वाहनों का भारी दबाव रहता है, इसी को ध्यान में रखकर 24.99 करोड़ रुपये की लागत से मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें फूड कोर्ट, टॉयलेट और प्रशासनिक भवन भी शामिल होंगे। इतना ही नहीं, कुबेर भंडारी क्षेत्र में तीन मंजिला पार्किंग बनाने की योजना को भी मंजूरी मिली है। इन दोनों परियोजनाओं से वाहन खड़े करने की दिक्कत काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

## स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं को नई ताकत
स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अस्पताल भवन का उन्नयन किया जाएगा, स्टाफ क्वार्टर बनाए जाएंगे और अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। आपात स्थिति में तेज प्रतिक्रिया के लिए ओंकारेश्वर में नया हेलीपेड बनाया जाएगा, जिससे एयर एम्बुलेंस की सेवा और आपदा प्रबंधन दोनों तेज हो सकेंगे।

## अलग विकास प्राधिकरण और वैकल्पिक मार्ग
मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर, बड़वाह और खेड़ीघाट क्षेत्र के कामों में तालमेल बनाए रखने के लिए एक अलग विकास प्राधिकरण गठित करने के निर्देश भी दिए हैं। इससे खंडवा और खरगोन जिलों में चल रही परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूरी हो सकेंगी। बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की योजना पर भी काम हो रहा है, ताकि सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को जाम में न फंसना पड़े।

कुल मिलाकर ये परियोजनाएं केवल सिंहस्थ-2028 को सफल बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाले वर्षों में ओंकारेश्वर के धार्मिक पर्यटन को एक नई दिशा देंगी और तीर्थनगरी का चेहरा पूरी तरह बदल देंगी।

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