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  "type": "article",
  "title": "मध्य प्रदेश में कार्बाइड गन और लैंप पर पूरी तरह पाबंदी, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए कड़े निर्देश",
  "summary": "मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर बनने वाली कार्बाइड गन और लैंप के इस्तेमाल पर पूरी सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।",
  "content": "मध्य प्रदेश में आगामी तीज-त्योहारों और मेलों के सीजन को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टर्स, कमिश्नर्स, एसपी और आईजी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए हैं कि आने वाले त्योहारों और मेलों के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को हर हाल में बेहतर बनाए रखा जाए और किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।\n\nकार्बाइड गन और लैंप के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी\nसमीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष तौर पर लोकल मेड कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के उपयोग पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के उपकरण इंसानी जिंदगी के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं और इनसे गंभीर हादसे हो सकते हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि किसी भी स्थिति में इन खतरनाक उपकरणों का इस्तेमाल न होने पाए। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में एक विस्तृत एडवाइजरी भी जारी की जा चुकी है, जिसमें इन उपकरणों से होने वाले खतरों के बारे में बताया गया था।\n\nविस्फोटक प्रकृति और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव\nकार्बाइड गन के संचालन की प्रक्रिया में जब कैल्शियम कार्बाइड पानी के संपर्क में आता है, तब उससे एसिटिलीन गैस निकलती है। यह गैस अत्यधिक ज्वलनशील स्वभाव की होती है और एक छोटी सी चिंगारी भी इसमें बड़ा विस्फोट पैदा कर सकती है। इस तरह के धमाकों के दौरान प्लास्टिक और धातु के बारीक टुकड़े हवा में बिखर जाते हैं, जो आसपास मौजूद लोगों के चेहरे, आंखों और त्वचा को गंभीर रूप से जख्मी कर देते हैं। इसके अलावा, एसिटिलीन गैस के जलने से त्वचा के झुलसने का भी भारी खतरा रहता है। इसी के मद्देनजर सरकार ने इनके उपयोग को पूरी तरह रोकने के निर्देश दिए हैं।\n\nकलेक्टर और एसपी की तय होगी सीधी जिम्मेदारी\nमुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि किसी भी जिले में कोई विषम परिस्थिति उत्पन्न होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर उस जिले के कलेक्टर और एसपी ही जिम्मेदार माने जाएंगे। त्योहारी सीजन और सामाजिक तथा धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को अभी से सभी तैयारियां पूरी कर लेनी चाहिए। सुरक्षा और आकस्मिक प्रबंधन से जुड़े मामलों में तमाम विभागों को आपसी सामंजस्य के साथ काम करने की हिदायत दी गई है ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा में कोई चूक न हो।\n\nदीपावली पर पटाखों की अवैध बिक्री और भंडारण पर रोक\nदीपावली के पर्व को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने पटाखों की अवैध बिक्री और उनके अवैध भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि दुकानदारों को लाइसेंस जारी करते वक्त सभी जरूरी शर्तों का कड़ाई से पालन करवाया जाए। इसके साथ ही विक्रेताओं की दुकानों का भौतिक सत्यापन और नियमित निरीक्षण भी किया जाना चाहिए। यदि कहीं भी विस्फोटक सामग्री का अवैध भंडारण पाया जाता है, तो उस पर तत्काल सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। प्रतिबंधित पटाखों की खरीद-फरोख्त और उनके इस्तेमाल को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।\n\nमहिलाओं की सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर\nभीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर असामाजिक तत्वों और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे स्थानों पर नियमित और प्रभावी पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए ताकि किसी भी तरह का सामाजिक या सांप्रदायिक तनाव पैदा न हो सके। इसके लिए सभी जरूरी प्रतिबंधात्मक और सुरक्षात्मक उपाय पहले ही सुनिश्चित कर लिए जाएं।\n\nआकस्मिक चिकित्सा और प्रकाश व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम\nत्योहारों के दौरान किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील स्थलों पर दमकल वाहन, अग्निशमन उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस की उपलब्धता भी अनिवार्य की गई है। इसके अलावा, अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को पहले से ही अलर्ट मोड पर रखने और डॉक्टरों की ड्यूटी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर और कस्बों के मुख्य मार्गों तथा संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।\n\nइसका आप पर असर\nत्योहारों के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक सख्ती का सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर पड़ेगा।\n\n• भारत में: त्योहारी सीजन के दौरान देश भर में सार्वजनिक सुरक्षा और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाती है। स्थानीय प्रशासन सुरक्षा नियमों और लाइसेंसों की जांच के जरिए हादसों को रोकने का प्रयास करता है।\n• मध्य प्रदेश में: राज्यभर में कलेक्टर्स और एसपी को कार्बाइड गन और अवैध पटाखों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता को त्योहारी आयोजनों और मेलों के दौरान बेहतर सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था का लाभ मिलेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह प्रशासनिक समीक्षा बैठक आगामी त्योहारों के दौरान संभावित दुर्घटनाओं और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए बुलाई गई थी। पिछले वर्षों में स्थानीय स्तर पर बनने वाली कार्बाइड गन से हुए हादसों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।\n\n• सुरक्षा और जनहानि की रोकथाम: कार्बाइड गन और लैंप के उपयोग से होने वाले गंभीर विस्फटों और शारीरिक नुकसान को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।\n• कानून-व्यवस्था का रखरखाव: त्योहारी भीड़भाड़ के दौरान किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक तनाव या असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन को पहले से सतर्क किया गया है।\n• विस्फोटक नियमों का पालन: दीपावली से पहले पटाखों के अवैध भंडारण और बिक्री पर रोक लगाकर संभावित बड़े हादसों को टालने का प्रयास किया जा रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में किसे निर्देश दिए?\nमुख्यमंत्री ने राज्य के सभी कलेक्टर्स, कमिश्नर्स, एसपी और आईजी को निर्देश दिए।\n\n2. किन उपकरणों के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने को कहा गया है?\nलोकल मेड कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।\n\n3. कार्बाइड गन के इस्तेमाल से क्या खतरा होता है?\nपानी के संपर्क में आने पर कैल्शियम कार्बाइड से अत्यधिक ज्वलनशील एसिटिलीन गैस निकलती है, जिससे चिंगारी से बड़ा विस्फोट हो सकता है और गंभीर चोटें आ सकती हैं।\n\n4. इस संबंध में किस विभाग ने एडवाइजरी जारी की थी?\nलोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2025 में इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी की गई थी।\n\n5. कानून-व्यवस्था बिगड़ने पर किसकी जिम्मेदारी तय होगी?\nकिसी भी जिले में विषम परिस्थिति बनने पर इसके लिए कलेक्टर और एसपी ही जिम्मेदार माने जाएंगे।",
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  "category": "मध्य प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-10-22",
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