# उज्जैन स्टेशन पर पहली बार लागू होगा वन-वे ट्रैफिक सिस्टम, महाकाल के भक्तों की भारी भीड़ पर ड्रोन से रखी जाएगी नजर

> श्रावण-भादौ मास के दौरान उज्जैन रेलवे स्टेशन पर उमड़ने वाली रिकॉर्ड तोड़ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने पहली बार वन-वे ट्रैफिक सिस्टम और ड्रोन सर्विलांस लागू करने का फैसला किया है।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-07-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/ujjain-steshana-para-pahali-bara-lagu-hoga-vana-ve-traiphika-sistama-mahakal-ke-bhakton-ki-bhari-bhira-para-drona-se-rakhi-jaegi-n-10587 · **Language:** Hindi
**Tags:** उज्जैन रेलवे स्टेशन, महाकालेश्वर मंदिर, वन वे ट्रैफिक सिस्टम, स्पेशल ट्रेनें, सिंहस्थ 2028, ड्रोन निगरानी

विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार में दर्शन के लिए सामान्य दिनों में भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। लेकिन श्रावण-भादौ मास के शुरू होते ही भक्तों का यह आंकड़ा लाखों में बदल जाता है। इस पावन महीने के दौरान उज्जैन के राजा बाबा महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं, जिसे देखने और दर्शन करने के लिए देश भर से लोग आते हैं। इस वर्ष भी श्रावण-भादौ के पावन अवसर पर उज्जैन में श्रद्धालुओं का एक अभूतपूर्व सैलाब उमड़ने की पूरी संभावना है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अगस्त और सितंबर के महीनों के लिए ट्रेन टिकटों की एडवांस बुकिंग ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस भारी भीड़ को सुचारु रूप से संभालने के लिए रेलवे प्रशासन पहली बार उज्जैन रेलवे स्टेशन पर वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू करने की तैयारी में है।

 

## भीड़ नियंत्रण के लिए पहली बार वन-वे व्यवस्था का प्रयोग

आरपीएफ थाना प्रभारी नरेंद्र यादव के अनुसार, श्रावण-भादौ मास में स्टेशन पर होने वाली यात्रियों की अत्यधिक भीड़ को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने एक नया सुरक्षा प्रस्ताव तैयार किया है। इस विशेष योजना के तहत स्टेशन परिसर के भीतर यात्रियों की आवाजाही को पूरी तरह से व्यवस्थित किया जाएगा। इसके तहत यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश करने के लिए केवल प्लेटफॉर्म नंबर-1 का मार्ग दिया जाएगा। वहीं दूसरी ओर, स्टेशन से बाहर जाने वाले यात्रियों को केवल प्लेटफॉर्म नंबर-8 की तरफ निर्देशित किया जाएगा। इसके अलावा, माल गोदाम के पास बने प्रवेश मार्ग को इस दौरान पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। इस वन-वे व्यवस्था के लागू होने से स्टेशन के भीतर अनावश्यक भीड़ एकत्र नहीं होगी और यात्रियों की आवाजाही बिना किसी बाधा के सुगम बनी रहेगी।

 

## सिंहस्थ महापर्व के लिए अहम ट्रायल

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस बार श्रावण-भादौ में की जा रही यह विशेष व्यवस्था आगामी सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण ट्रायल साबित होगी। आंकड़ों की बात करें तो सामान्य दिनों में जहां उज्जैन स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 72 हजार यात्री पहुंचते हैं, वहीं श्रावण-भादौ सीजन के लिए अभी से ही रोजाना करीब 95 हजार यात्रियों की टिकट बुकिंग हो चुकी है। यह रिकॉर्ड संख्या दर्शाती है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की आमद पिछले सभी वर्षों की तुलना में कहीं अधिक होने वाली है।

 

## महाकाल लोक के बाद बढ़ा दबाव और स्पेशल ट्रेनें

उज्जैन में महाकाल लोक कॉरिडोर के भव्य निर्माण के बाद से ही श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर और भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रेलवे के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले साल श्रावण-भादौ में जहां रोजाना लगभग 70 हजार यात्री उज्जैन पहुंचते थे, वहीं अब सामान्य दिनों में ही यह आंकड़ा पार हो जाता है। इस बार के श्रावण सीजन में प्रतिदिन 95 हजार से अधिक यात्रियों के आने की संभावना है। इसी भारी भीड़ को देखते हुए भोपाल रूट पर 6 अतिरिक्त ट्रेनें यानी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया गया है।

 इसके साथ ही, रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर 1200 यात्रियों की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक और पूरी तरह से वाटरप्रूफ होल्डिंग एरिया भी तैयार किया जा रहा है। इस होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए पीने का साफ पानी, बैठने की उचित व्यवस्था और अन्य सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इससे स्टेशन के मुख्य प्लेटफॉर्मों पर भीड़ का दबाव नहीं बढ़ेगा और यात्रियों को चरणबद्ध तथा सुरक्षित तरीके से ही स्टेशन के भीतर प्रवेश दिया जाएगा।

 

## ड्रोन और सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा

श्रावण-भादौ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं। इसके लिए सुरक्षा बलों के 50 अतिरिक्त जवानों की मांग की गई है, जो पूरे स्टेशन परिसर में मुस्तैद रहेंगे। इसके साथ ही, स्टेशन पर पहले से मौजूद सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क का भी विस्तार किया जा रहा है। पहली बार सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक बनाते हुए ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की हवाई निगरानी की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि सिंहस्थ-2028 के दौरान होने वाले बेहद बड़े पैमाने के क्राउड मैनेजमेंट के लिए यह सुरक्षा व्यवस्था एक मजबूत बुनियाद की तरह काम करेगी।

## इसका आप पर असर
- **भारत भर में:** उज्जैन जाने वाले तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत टिकट बुक करें क्योंकि अगस्त और सितंबर के लिए ट्रेन बुकिंग पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है।
- **उज्जैन में:** उज्जैन रेलवे स्टेशन का उपयोग करने वाले यात्रियों को नए नियमों का पालन करना होगा, जिसमें प्लेटफॉर्म नंबर-1 से प्रवेश और प्लेटफॉर्म नंबर-8 से निकास शामिल है।

## सवाल-जवाब

### 1. उज्जैन रेलवे स्टेशन पर प्रवेश और निकास के नए नियम क्या हैं?
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहली बार वन-वे सिस्टम लागू किया जा रहा है। यात्रियों को केवल प्लेटफॉर्म नंबर-1 से प्रवेश मिलेगा, जबकि बाहर निकलने के लिए केवल प्लेटफॉर्म नंबर-8 का उपयोग करना होगा।

### 2. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्टेशन पर सुरक्षा के क्या विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं?
सुरक्षा के लिए 50 अतिरिक्त जवान तैनात किए जा रहे हैं, सीसीटीवी कैमरों का दायरा बढ़ाया जा रहा है और पहली बार ड्रोन कैमरों से पूरे स्टेशन परिसर की हवाई निगरानी की जाएगी।

### 3. श्रावण-भादौ के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कितनी विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी?
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए भोपाल मार्ग पर 6 अतिरिक्त ट्रेनें (3 जोड़ी विशेष ट्रेनें) चलाई जाएंगी।

### 4. स्टेशन के बाहर बनाया जा रहा वाटरप्रूफ होल्डिंग एरिया क्या है?
यह 1200 यात्रियों की क्षमता वाला एक आधुनिक शेल्टर है जहां पीने का पानी और बैठने की सुविधाएं होंगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित तरीके से बारी-बारी स्टेशन में प्रवेश दिया जा सके।

### 5. क्या माल गोदाम की तरफ से स्टेशन में प्रवेश किया जा सकेगा?
नहीं, सुरक्षा कारणों से माल गोदाम की ओर से आने वाले प्रवेश मार्ग को इस सीजन के दौरान पूरी तरह से बंद रखा जाएगा।

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