अभिनय का सपना लेकर घर से भागे दो नाबालिग मुंबई में सुरक्षित मिले, आरे पुलिस ने बच्चों को रेस्क्यू किया टीवी और फिल्मों में काम करने की चाहत में असम और मध्य प्रदेश से भागकर मुंबई पहुंचे दो नाबालिगों को आरे पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। मायानगरी मुंबई में अभिनय क्षेत्र में अपना करियर बनाने की महत्वाकांक्षा के साथ अपने घरों से बिना बताए निकले दो नाबालिग बच्चों को पुलिस प्रशासन ने सुरक्षित बचा लिया है। महाराष्ट्र के मुंबई में घटी इन अलग-अलग घटनाओं में आरे पुलिस स्टेशन की मुस्तैदी से एक 15 वर्षीय लड़की और एक 16 वर्षीय लड़के को सुरक्षित अभिरक्षा में लिया गया। यह दोनों नाबालिग देश के दो अलग-अलग राज्यों असम और मध्य प्रदेश से भागकर फिल्म और टेलीविजन धारावाहिकों में काम तलाशने के उद्देश्य से मुंबई पहुंचे थे। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में दोनों बच्चों की पृष्ठभूमि और उनके मुंबई आने के कारणों का खुलासा हुआ है। काम की तलाश में असम से पहुंची 15 साल की नाबालिग लड़की पहला मामला असम से जुड़ी एक 15 वर्षीय किशोरी का है जो अभिनय की दुनिया में नाम कमाने का सपना लेकर बिना किसी पूर्व सूचना के अपने परिवार को छोड़कर मुंबई आ गई थी। जानकारी के अनुसार यह लड़की मुंबई के प्रसिद्ध फिल्म सिटी क्षेत्र में काम मांगने के लिए पहुंची थी। हालांकि वहां सुरक्षा कारणों से प्रवेश नहीं मिलने के बाद वह मदद की आस में आरे पुलिस थाने पहुंच गई। थाने में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने तत्काल स्थिति की संवेदनशीलता को समझा। महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में किशोरी को विश्वास में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान किशोरी ने अपना नाम प्रियांखी टूटू बोरा बताया। उसने खुलासा किया कि वह असम राज्य के गोलाघाट जिले के अंतर्गत आने वाले बोकाखाट क्षेत्र की निवासी है। लड़की ने बताया कि वह 4 अगस्त 2026 को अपने परिजनों को बिना कोई जानकारी दिए चुपचाप घर से मुंबई के लिए निकल पड़ी थी। उसका मुख्य उद्देश्य फिल्मों और टीवी सीरियलों में काम की तलाश करना था। पुलिस अधिकारियों ने किशोरी की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया और उसे सुरक्षित रूप से वन स्टॉप सेंटर भेज दिया जहां उसकी देखरेख की जा रही है। तारक मेहता का उल्टा चश्मा धारावाहिक में काम करने की चाहत में मुंबई पहुंचा किशोर दूसरे मामले में मध्य प्रदेश का एक 16 वर्षीय लड़का भी मनोरंजन उद्योग में काम करने के जुनून में घर से भाग आया। इस लड़के को मुंबई की फिल्म सिटी परिसर के आसपास लावारिस और संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए देखा गया था। स्थानीय सूचना मिलते ही आरे पुलिस थाने की मोबाइल गश्त टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर किशोर को अपनी सुरक्षा में लिया और थाने ले आई। पुलिस की गहन पूछताछ में लड़के ने अपनी पहचान पारस रतिराम वर्मा के रूप में बताई। पारस ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्थित चौरई ब्लॉक के हिवरखेड़ी गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि उसकी तीव्र इच्छा मशहूर कॉमेडी टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में अभिनय करने की थी। इसी इरादे से वह 6 अगस्त 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे स्कूल जाने का बहाना बनाकर घर से निकला था। इसके बाद वह छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन पकड़कर नागपुर गया। नागपुर से उसने मुंबई आने वाली ट्रेन पकड़ी। पुलिस ने पिता से किया संपर्क, गोरेगांव से पैदल पहुंचा था फिल्म सिटी पूछताछ में आगे जानकारी सामने आई कि पारस 7 अगस्त 2026 की सुबह मुंबई पहुंचा था। मुंबई पहुंचने के तुरंत बाद उसने लोकल ट्रेन पकड़ी और गोरेगांव स्टेशन पर उतरा। वहां से वह पैदल ही सफर तय करके फिल्म सिटी परिसर तक जा पहुंचा था। आरे पुलिस ने बिना समय गंवाए नाबालिग के परिजनों से संपर्क स्थापित किया। जब लड़के के पिता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनका बेटा स्कूल जाने की बात कहकर निकला था और उसके बाद से लापता था। पिता ने सूचना मिलने के बाद राहत की सांस ली और अपने बेटे को वापस ले जाने के लिए मुंबई के लिए रवाना हो चुके हैं। तब तक के लिए नाबालिग पारस को आरे पुलिस स्टेशन में पूरी सुरक्षा के साथ रखा गया है। इसका आप पर असर भारत भर में: बच्चों द्वारा बिना बताए घर छोड़ने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए माता-पिता को बच्चों की डिजिटल गतिविधियों और सपनों पर खुलकर संवाद करने की आवश्यकता है। मुंबई में: फिल्म सिटी और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की सतर्कता से दूसरे राज्यों से आने वाले लावारिस और लापता बच्चों को समय रहते सुरक्षा प्रदान की जा रही है। सवाल-जवाब 1. प्रियांखी टूटू बोरा मुंबई क्यों आई थी और वह कहां की रहने वाली है? प्रियांखी असम के गोलाघाट जिले के बोकाखाट क्षेत्र की रहने वाली है और वह फिल्मों तथा टीवी सीरियलों में काम की तलाश में मुंबई आई थी। 2. मध्य प्रदेश के नाबालिग लड़के पारस रतिराम वर्मा का मुंबई आने का क्या मकसद था? पारस टीवी धारावाहिक 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में काम करना चाहता था और इसी वजह से वह घर से भागकर मुंबई पहुंचा था। 3. दोनों नाबालिगों को किस पुलिस स्टेशन द्वारा रेस्क्यू किया गया? दोनों बच्चों को मुंबई के गोरेगांव स्थित आरे पुलिस स्टेशन द्वारा सुरक्षित अभिरक्षा में लिया गया। 4. पारस रतिराम वर्मा छिंदवाड़ा से मुंबई कैसे पहुंचा? पारस 6 अगस्त 2026 को स्कूल जाने के बहाने घर से निकला, छिंदवाड़ा से ट्रेन पकड़कर नागपुर गया और फिर नागपुर से मुंबई पहुंचा, जहां से गोरेगांव आकर पैदल फिल्म सिटी गया। https://trendkia.com/maharashtra/abhinay-ka-sapna-lekar-ghar-se-bhage-do-nabaligh-mumbai-mein-surakshit-mile-aarey-police-ne-bachhon-ko-rescue-kiya-15152 TrendKia — Har trend, sabse pehle.