# अनधिकृत मंजिलों पर बीएमसी का कड़ा रुख, तय ऊंचाई पार करने वाली झोपड़ियों पर चलेगा हथौड़ा

> मुंबई में चौदह फीट से अधिक ऊंची झोपड़ियों और अवैध ढांचों को गिराने के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका एक अक्टूबर से विशेष अभियान शुरू करेगी।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/anadhikrita-mnjilon-para-bmc-ka-kara-rukha-taya-unchai-para-karane-vali-jhopariyon-para-chalega-hathaura-37107 · **Language:** Hindi
**Tags:** बीएमसी, मुंबई अतिक्रमण, झोपड़पट्टी कार्रवाई, अबू आजमी, अवैध निर्माण, महाराष्ट्र समाचार

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में अनधिकृत निर्माण और निर्धारित सीमा से अधिक ऊंची बनाई गई झुग्गियों पर नागरिक निकाय बड़े स्तर पर कानूनी डंडा चलाने की तैयारी में है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका यानी बीएमसी ने नियमों का उल्लंघन कर खड़ी की गईं चौदह फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाली झोपड़ियों को हटाने के लिए एक समर्पित समय सीमा तय कर दी है। नगर निगम के प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एक अक्टूबर से इकतीस दिसंबर तक समूचे शहर में अवैध ढांचों को ध्वस्त करने का विशेष अभियान छेड़ा जाएगा, जिसमें तय ऊंचाई का दायरा लांघने वाली झोपड़ियों पर सीधी बुलडोजर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

## शहर में उनतालीस हजार से अधिक झुग्गियां तय सीमा से ऊंची
नागरिक निकाय द्वारा जुटाए गए आधिकारिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक, आर्थिक राजधानी में कुल झुग्गियों की तादाद करीब दो लाख तेईस हजार एक सौ पचास दर्ज है। इन बस्तियों के गहन आकलन में यह तथ्य सामने आया है कि उनतालीस हजार एक सौ ग्यारह झोपड़ियों का निर्माण चौदह फीट की मान्य सीमा को पार करके किया गया है। क्षेत्रीय विभाजन पर गौर करें तो सबसे गंभीर स्थिति पूर्वी उपनगरों में नजर आती है। पूर्वी उपनगर में इकतीस हजार दो सौ सत्ताईस अवैध ऊंची संरचनाएं चिन्हित की गई हैं। इसके अतिरिक्त पश्चिमी उपनगर क्षेत्र में चार हजार पांच सौ छत्तीस और दक्षिण मुंबई यानी मुंबई सिटी क्षेत्र में तीन हजार तीन सौ तैंतालीस ऐसी झोपड़ियां पाई गई हैं जिन्होंने स्थापित नियमों को ताक पर रख दिया है।

## प्रशासन का कड़ा संदेश और तय समय सीमा
अवैध निर्माणों को लेकर निगम तंत्र पहले से ही सक्रिय रहा है। अब तक चार हजार पांच सौ चौरासी झुग्गियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण या संशोधन की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है, जबकि छह सौ ग्यारह अवैध निर्माणकर्ताओं को विधिवत नोटिस भेजे जा चुके हैं। निगम अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में रेखांकित किया है कि निर्धारित समय सीमा यानी एक अक्टूबर की तारीख पार होते ही किसी भी स्तर पर कोई अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी और सीधे ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

## विपक्ष का कड़ा विरोध और मिलीभगत के आरोप
नागरिक प्रशासन के इस सख्त रुख के सामने आते ही सियासी स्तर पर तीखा विरोध भड़क उठा है। समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने इस बड़े ध्वस्तीकरण अभियान पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाते हुए पूछा कि जब ये मकान चौदह फीट से अधिक ऊंचाई पर धीरे-धीरे ताने जा रहे थे, तब नगर निगम और संबंधित सरकारी अधिकारी क्या कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि निचले स्तर के कर्मचारियों और अधिकारियों की प्रत्यक्ष या परोक्ष मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी संख्या में बहुमंजिला अवैध निर्माण खड़ा होना कतई मुमकिन नहीं था।

## मानवीय आधार पर मुख्यमंत्री से अभियान रोकने की गुहार
सपा नेता अबू आजमी ने मानवीय पहलुओं का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से इस अभियान को तत्काल स्थगित करने की अपील की है। उनका तर्क है कि झुग्गियों की ऊपरी मंजिलों में हजारों बेसहारा बुजुर्ग और छोटे बच्चे अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं, और अचानक घरों को तोड़ देने से उनके जीवन पर सीधा संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने मांग रखी है कि प्रशासन को कोई भी विध्वंसक कार्रवाई करने से पहले इन सभी प्रभावित परिवारों को झोपड़पट्टी पुनर्वास प्राधिकरण यानी एसआरए अथवा सरकार की अन्य किसी वैकल्पिक आवास योजना के तहत पक्के आशियाने मुहैया कराने चाहिए, जिसके बाद ही कोई जमीनी कदम उठाया जाए।

## बांद्रा ईस्ट में पूर्व में हुई रेलवे की बड़ी कार्रवाई
मुंबई में अतिक्रमण के खिलाफ यह पहला बड़ा कदम नहीं है। इससे पूर्व मई के महीने में पश्चिम रेलवे प्रशासन ने भी जमीन खाली कराने के लिए बड़ा बुलडोजर अभियान चलाया था। रेलवे की जमीन के विस्तार और सार्वजनिक पुनर्विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर इलाके में बड़े पैमाने पर अनधिकृत बस्तियों को हटाया गया था। उस दौरान बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायिक निर्देशों के तहत लगभग पांच सौ अवैध ढांचों को जमींदोज किया गया था ताकि लंबे समय से अटकी पड़ी सार्वजनिक उपयोग की जमीन को सुरक्षित वापस लिया जा सके।

## इसका आप पर असर
इस बड़े प्रशासनिक अभियान से मुंबई की अनधिकृत झुग्गियों में रहने वाले हजारों परिवारों के सिर से छत छिनने और दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त होने का सीधा खतरा पैदा हो गया है।

- **भारत में:** यह कदम देश भर के बड़े महानगरों में झुग्गी बस्तियों के लंबवत विस्तार और अनधिकृत निर्माणों पर होने वाली प्रशासनिक सख्ती का एक बड़ा कानूनी उदाहरण बनेगा। अन्य राज्यों के शहरी निकाय भी अनियंत्रित निर्माणों पर रोक लगाने के लिए ऐसे सख्त नियम लागू कर सकते हैं।
- **मुंबई में:** तय सीमा चौदह फीट से अधिक ऊंची झुग्गियों में रहने वाले परिवारों को एक अक्टूबर से पहले अपना सामान और व्यवस्था संभालनी होगी। नगर निगम बिना किसी अग्रिम छूट के सीधे ध्वस्तीकरण दस्ते भेजेगा, जिससे प्रभावित बस्तियों में किराए और आवास का संकट बढ़ेगा।
- **पूर्वी उपनगर निवासियों के लिए:** सबसे बड़ा असर पूर्वी उपनगर क्षेत्र में देखने को मिलेगा जहां इकतीस हजार से ज्यादा इकाइयों पर कार्रवाई प्रस्तावित है। वहां के स्थानीय निवासियों को संभावित विस्थापन और अदालती कानूनी विकल्पों की तैयारी तुरंत करनी होगी।
- **आवास योजनाओं के लाभार्थियों के लिए:** प्रभावित निवासी अपने कागजात जुटाकर एसआरए जैसी पुनर्वास योजनाओं में दावेदारी के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संपर्क साध सकते हैं। आधिकारिक राहत न मिलने पर उन्हें किराए के वैध वैकल्पिक विकल्पों की तलाश करनी पड़ सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह अभियान शहरी बस्तियों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और नियमों को धता बताकर किए गए अवैध बहुमंजिला निर्माणों को रोकने के लिए शुरू किया जा रहा है। झुग्गियों की अत्यधिक ऊंचाई से संरचनात्मक खतरे और आग लगने की आपातकालीन स्थितियों में बचाव कार्य बाधित होने की आशंकाएं लगातार बनी रहती हैं।

- **मानक ऊंचाई नियमों का उल्लंघन:** नगर निगम के सुरक्षा और निर्माण दिशा-निर्देशों के तहत झुग्गी-झोपड़ियों के लिए चौदह फीट की अधिकतम ऊंचाई सीमा निर्धारित की गई है। सर्वेक्षण में पाया गया कि उनतालीस हजार से अधिक इकाइयों ने दो से तीन मंजिलें अवैध रूप से खड़ी कर ली थीं।
- **पूर्वी उपनगरों में अनियंत्रित फैलाव:** अकेले पूर्वी उपनगरों में इकतीस हजार से अधिक उल्लंघन पाए गए, जहां अनधिकृत निर्माण तेजी से फैला। घनी आबादी वाले इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाना अनिवार्य माना गया।
- **पूर्व में जारी नोटिसों की अनदेखी:** प्रशासन द्वारा पहले ही चार हजार पांच सौ से अधिक ढांचों पर कार्रवाई की गई थी और सैकड़ों नोटिस बांटे गए थे। तय अवधि में स्वेच्छा से सुधार न किए जाने के कारण निकाय ने व्यापक स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाने का फैसला लिया।

## सवाल-जवाब

### 1. बीएमसी का यह विशेष ध्वस्तीकरण अभियान कब से कब तक चलेगा?
यह अभियान 1 अक्टूबर से शुरू होकर 31 दिसंबर तक पूरी मुंबई में चलाया जाएगा।

### 2. नागरिक निकाय के नियमों के तहत झोपड़ियों की अधिकतम ऊंचाई कितनी तय है?
नियमों के अनुसार झोपड़ियों की मान्य अधिकतम ऊंचाई 14 फीट निर्धारित है, जिससे ऊंची संरचनाओं को अवैध माना जाता है।

### 3. मुंबई में कुल कितनी झोपड़ियां 14 फीट से ऊंची पाई गई हैं?
सर्वेक्षण के मुताबिक मुंबई की कुल 2,23,150 झोपड़ियों में से 39,111 झोपड़ियां 14 फीट या उससे ज्यादा ऊंची पाई गई हैं।

### 4. किस इलाके में सबसे ज्यादा नियम तोड़े गए हैं?
पूर्वी उपनगर में सबसे ज्यादा 31,227 झोपड़ियां तय ऊंचाई की सीमा का उल्लंघन करती पाई गई हैं।

### 5. क्या 1 अक्टूबर के बाद प्रभावित लोगों को कोई अतिरिक्त समय दिया जाएगा?
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 1 अक्टूबर के बाद अवैध निर्माण हटाने के लिए कोई अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी।

### 6. सपा नेता अबू आजमी ने इस अभियान के विरोध में क्या मांग रखी है?
अबू आजमी ने मुख्यमंत्री से अभियान रोकने और बेघर होने वाले परिवारों को एसआरए या अन्य योजनाओं में पक्के घर देने की मांग की है।

### 7. मई महीने में बांद्रा ईस्ट में किस एजेंसी ने कार्रवाई की थी?
मई में पश्चिम रेलवे ने बांद्रा ईस्ट के गरीब नगर में बॉम्बे उच्च न्यायालय के आदेश पर करीब 500 अवैध निर्माण हटाए थे।

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