बल्लारपुर में सड़क किनारे खड़ा विशाल पेड़ भरभराकर बस पर गिरा, ड्राइवर की सूझबूझ से बची 40 यात्रियों की जान चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर में तेलंगाना राज्य परिवहन निगम की बस पर अचानक विशालकाय पेड़ गिर पड़ा, जिसमें बस का अगला शीशा टूट गया लेकिन ड्राइवर की सतर्कता से सवार सभी 40 यात्री सुरक्षित बच गए। चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर शहर में गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते होते टल गया, जब चंद्रपुर से आदिलाबाद जा रही तेलंगाना राज्य परिवहन निगम यानी टीएसआरटीसी की एक यात्री बस पर सड़क किनारे खड़ा विशालकाय पेड़ अचानक आकर गिर पड़ा। घटना के समय बस में करीब 40 यात्री सवार थे। पेड़ की भारी भरकम शाखाएं बस के अगले हिस्से पर गिरीं और सामने का कांच चीरते हुए केबिन के अंदर तक घुस गईं। हालांकि चालक की तेज प्रतिक्रिया के चलते बस में सवार किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। यह हादसा बल्लारपुर के सरकारी अस्पताल के ठीक सामने से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर हुआ। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि एक तेज कड़कड़ाहट की आवाज के साथ पेड़ अचानक भरभराकर बस पर आ गिरा। इस अचानक हुई घटना से सड़क पर कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया और आसपास खड़े लोग डर गए। बस के भीतर बैठे यात्रियों की सांसें कुछ पलों के लिए थम गईं, लेकिन गनीमत रही कि किसी को भी बड़ी चोट नहीं पहुंची। ड्राइवर की सूझबूझ ने टाला बड़ा हादसा बस चला रहे ड्राइवर मल्लेश यादव के मुताबिक, उन्हें जैसे ही पेड़ के गिरने की आवाज सुनाई दी, उन्होंने बिना देर किए तुरंत ब्रेक लगा दिए। इसी फुर्ती के कारण पेड़ बस के पिछले हिस्से के बजाय अगले हिस्से पर आकर गिरा। मल्लेश यादव का कहना है कि अगर बस उस वक्त कुछ फीट भी आगे बढ़ चुकी होती, तो पूरा पेड़ सीधे बस की छत पर गिरता और तब बड़ी संख्या में यात्रियों की जान को खतरा हो सकता था। यानी चंद फीट के फासले और ड्राइवर की सतर्कता ने संभावित बड़े जनहानि वाले हादसे को टाल दिया। तीन घंटे तक ठप रहा आवागमन पेड़ गिरने के बाद चंद्रपुर तेलंगाना मुख्य मार्ग पर करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह से बंद रहा। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीर परेशान होते रहे। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचा और जेसीबी, क्रेन तथा कटर मशीन की मदद से पेड़ की मोटी शाखाओं को काट काटकर सड़क से हटाया गया। लगभग तीन घंटे की लगातार मशक्कत के बाद ही मार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए फिर से खोला जा सका। बाउंड्री वॉल की खुदाई से कमजोर हुई थीं जड़ें स्थानीय निवासियों ने इस पूरे हादसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल परिसर में बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढों की वजह से पेड़ की जड़ें एक तरफ से पहले ही कमजोर पड़ चुकी थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस खतरे को लेकर संबंधित विभाग और निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार से कई बार मौखिक रूप से शिकायत भी की गई थी, लेकिन समय रहते कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद लगातार हो रही बारिश ने पहले से कमजोर हो चुके पेड़ की पकड़ और ढीली कर दी और आखिरकार वह पेड़ ऐन उस वक्त धराशायी हो गया जब उसके नीचे से यात्रियों से भरी बस गुजर रही थी। इसका आप पर असर • भारत में: यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सरकारी निर्माण कार्यों के दौरान आसपास खड़े पुराने पेड़ों की जड़ों की जांच और सुरक्षा को नजरअंदाज करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। • चंद्रपुर और बल्लारपुर में: स्थानीय प्रशासन और सरकारी अस्पताल परिसर के आसपास खड़े अन्य पेड़ों की मजबूती की जांच जरूरी हो गई है, ताकि इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले यात्रियों और वाहनों को दोबारा ऐसा खतरा न झेलना पड़े। सवाल-जवाब 1. यह हादसा कहां हुआ? यह हादसा चंद्रपुर जिले के बल्लारपुर शहर में सरकारी अस्पताल के सामने वाले मुख्य मार्ग पर हुआ। 2. हादसे के समय बस में कितने यात्री सवार थे? हादसे के समय बस में करीब 40 यात्री सवार थे। 3. बस किस रूट पर चल रही थी? बस तेलंगाना राज्य परिवहन निगम यानी टीएसआरटीसी की थी और चंद्रपुर से आदिलाबाद जा रही थी। 4. क्या हादसे में कोई घायल हुआ? ड्राइवर की सतर्कता के कारण किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। 5. ड्राइवर ने बड़ा हादसा कैसे टाला? ड्राइवर मल्लेश यादव ने पेड़ गिरने की आवाज सुनते ही तुरंत ब्रेक लगा दिए, जिससे पेड़ बस के अगले हिस्से पर गिरा न कि छत पर। 6. पेड़ गिरने की वजह क्या बताई जा रही है? स्थानीय लोगों के अनुसार सरकारी अस्पताल परिसर में बाउंड्री वॉल के लिए खोदे गए गड्ढों से पेड़ की जड़ें कमजोर हो गई थीं, जिसे बारिश ने और कमजोर कर दिया। 7. हादसे के बाद यातायात कितनी देर बाधित रहा? चंद्रपुर तेलंगाना मुख्य मार्ग पर करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। 8. पेड़ की शाखाओं को हटाने के लिए क्या इस्तेमाल किया गया? जेसीबी, क्रेन और कटर मशीन की मदद से पेड़ की शाखाओं को काटकर सड़क से हटाया गया। https://trendkia.com/maharashtra/ballarpur-men-saraka-kinare-khara-vishala-pera-bharabharakara-basa-para-gira-draivara-ki-sujhabujha-se-bachi-40-yatriyon-ki-jana-8159 TrendKia — Har trend, sabse pehle.