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  "type": "article",
  "title": "बारिश के पानी से बहा करंट, पनवेल की दहीहांडी में पांच झुलसे, दो बच्चे आईसीयू में",
  "summary": "रायगड जिले के पनवेल शहर में दहीहांडी उत्सव के दौरान करंट फैलने से पांच लोग घायल हो गए, वहीं मुंबई में अलग हादसे में एक बच्चे की मौत हुई और 376 गोविंदा जख्मी हुए।",
  "content": "महाराष्ट्र के रायगड जिले में दहीहांडी उत्सव के दौरान करंट फैलने से पांच लोग झुलस गए। पनवेल शहर के लाईनआली इलाके में उत्सव के बीच अचानक बिजली का करंट दौड़ा, जिससे मौके पर मौजूद लोग बुरी तरह डर गए और वहां अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दो बच्चों को आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।\n\nबिजली के तार से टकराई हांडी बांधने वाली रस्सी\nलाईनआली इलाके में हर साल मन्नत की दहीहांडी लाठी से तोड़ने की परंपरा निभाई जाती है। इस बार जिस रस्सी से हांडी बांधी गई थी, ठीक उसी जगह से बिजली का तार भी गुजर रहा था। भारी बारिश के चलते आसपास की सड़क पर पानी भरा हुआ था। रस्सी और तार के आपस में संपर्क में आते ही करंट फैल गया, जिसकी चपेट में पांच लोग आ गए। सभी घायलों को फौरन नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज शुरू कर दिया गया। डॉक्टरों की टीम फिलहाल सभी की सेहत पर करीबी नजर रखे हुए है, खासकर दो बच्चों की, जिन्हें आईसीयू में ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।\n\nमुंबई में सात साल के बच्चे की मौत, 376 गोविंदा घायल\nरायगड की इस घटना से अलग मुंबई से भी दहीहांडी उत्सव के दौरान हादसे की खबर है। नगर निगम के अधिकारियों ने रविवार को जानकारी दी कि शहर में दहीहांडी समारोह के दौरान एक नाबालिग लड़के की जान चली गई, जबकि कुल 376 गोविंदा घायल हुए। अधिकारी के मुताबिक शनिवार दोपहर मालवानी के चिकुवाड़ी इलाके में एकता वेलफेयर सोसाइटी के पास बच्चों का एक समूह अपने स्तर पर ही दहीहांडी मना रहा था। इसी दौरान ईंटों से बना एक खंभा अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से सात साल के एक बच्चे की मौत हो गई। इस पूरे हादसे में शहरभर से कुल 376 गोविंदा घायल होने की जानकारी सामने आई।\n\nकिन अस्पतालों में पहुंचे सबसे ज्यादा घायल\nबृहन्मुंबई नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक सबसे ज्यादा घायल आइलैंड सिटी के अस्पतालों में भर्ती कराए गए, जहां इनकी संख्या 183 रही। इसके बाद पश्चिमी उपनगरों में 126 और पूर्वी उपनगरों में 62 घायल पहुंचे। इन घायलों में से 53 अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, 37 अन्य का इलाज चल रहा है, जबकि 286 को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। परेल के केईएम अस्पताल में सबसे ज्यादा 76 घायल गोविंदा पहुंचे। इसके बाद जोगेश्वरी के एचबीटी ट्रॉमा केयर अस्पताल में 34, घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल और विक्रोली के वी देसाई अस्पताल में 33-33, और मुंबई सेंट्रल के नायर अस्पताल में 32 घायल भर्ती हुए। इसके अलावा नगर निगम द्वारा संचालित सायन अस्पताल और गोवंडी के बीडीबीए अस्पताल में भी 18-18 घायल पहुंचे।\n\nत्योहार के दौरान सुरक्षा को लेकर सवाल\nरायगड और मुंबई की ये दोनों घटनाएं एक ही सप्ताहांत में दहीहांडी उत्सव के दौरान सामने आई हैं। पनवेल में बारिश के पानी से फैले करंट ने पांच लोगों को घायल किया, तो मुंबई में ईंटों का खंभा गिरने से एक बच्चे की जान चली गई और सैकड़ों गोविंदा जख्मी हुए। दोनों ही मामलों में बड़ी भीड़ जुटने, ऊंचाई पर हांडी बांधने और आसपास बिजली के तार या कच्चे ढांचों की मौजूदगी से खतरा बढ़ा। दोनों जगह घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाया जाना उनकी जान बचाने में मददगार साबित हुआ, लेकिन इन हादसों ने एक बार फिर त्योहार के दौरान भीड़भाड़ वाले आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nइस हादसे के बाद त्योहारों के दौरान होने वाले बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।\n\n• भारत में: दहीहांडी, जन्माष्टमी जुलूस और इसी तरह के त्योहारी आयोजनों में हर साल बड़ी भीड़ जुटती है। इन दोनों हादसों के बाद आयोजकों और स्थानीय प्रशासन को हांडी बांधने वाली जगह के आसपास बिजली के तार और कच्चे ढांचों की जांच पहले से करनी होगी।\n• महाराष्ट्र में: रायगड और मुंबई, दोनों जगह घायलों को इलाज मिल रहा है, लेकिन पनवेल के दो बच्चे अभी आईसीयू में हैं और मुंबई में 53 लोग अब भी भर्ती हैं। इन इलाकों के परिवारों को अगले कुछ दिन अस्पताल से अपडेट पर नजर रखनी होगी।\n• बिजली सुरक्षा: बारिश के मौसम में गीली सड़क और बिजली के तार का यह खतरनाक मेल कहीं भी दोहराया जा सकता है। रस्सी या हांडी बांधने से पहले आसपास बिजली के तारों की दूरी जांच लेना जरूरी है।\n• ऊंचाई पर बने ढांचे: मुंबई में ईंटों का खंभा गिरने से हुई मौत बताती है कि हांडी उत्सव के दौरान अस्थायी ढांचों की मजबूती की जांच भी उतनी ही जरूरी है जितनी बिजली की सुरक्षा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पनवेल में हादसा कहां हुआ?\nमहाराष्ट्र के रायगड जिले में पनवेल शहर के लाईनआली इलाके में दहीहांडी उत्सव के दौरान यह हादसा हुआ।\n\n2. पनवेल में कितने लोग घायल हुए?\nकरंट लगने से पांच लोग घायल हुए, जिनमें से दो बच्चों को आईसीयू में निगरानी में रखा गया है।\n\n3. पनवेल में करंट कैसे फैला?\nजिस रस्सी से हांडी बांधी गई थी, वहीं से बिजली का तार गुजर रहा था और बारिश के पानी से भरी सड़क पर तार के संपर्क में आने से करंट फैल गया।\n\n4. मुंबई में क्या हुआ?\nमुंबई के मालवानी स्थित चिकुवाड़ी में दहीहांडी मनाते समय ईंटों का एक खंभा गिरने से सात साल के एक बच्चे की मौत हो गई।\n\n5. मुंबई में कुल कितने गोविंदा घायल हुए?\nमुंबई भर में कुल 376 गोविंदा घायल हुए।\n\n6. मुंबई में सबसे ज्यादा घायल किस अस्पताल में पहुंचे?\nपरेल के केईएम अस्पताल में सबसे ज्यादा 76 घायल गोविंदा भर्ती कराए गए।\n\n7. मुंबई में कितने घायल अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं?\n53 घायल अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं जबकि 286 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।",
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  "category": "महाराष्ट्र",
  "publishedAt": "2026-09-06",
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    "पनवेल करंट",
    "रायगड न्यूज़",
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    "मुंबई दहीहांडी हादसा",
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