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  "title": "चंद्रपुर में वॉइस मॉड्यूलेशन से विधवा महिला को धमकाने का भंडाफोड़, पति की कॉल रिकॉर्डिंग से बेनकाब हुआ दत्तू पिसे",
  "summary": "महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में वॉइस मॉड्यूलेशन और अंधविश्वास के ज़रिए महिला का यौन शोषण करने की साज़िश सामने आई है। पीड़िता के दिवंगत पति के फोन में मौजूद कॉल रिकॉर्डिंग ने आरोपी दत्तू पिसे की आवाज़ की पहचान कर पूरी साज़िश का पर्दाफ़ाश कर दिया।",
  "content": "महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में साइबर तकनीक और अंधविश्वास के ख़तरनाक गठजोड़ का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीण इलाकों में आधुनिक तकनीक के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चिमूर तहसील के अंतर्गत आने वाले नेरी गांव में एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी ही एक रिश्तेदार विधवा महिला को दिमागी रूप से प्रताड़ित करने और अपना शिकार बनाने के लिए वॉइस मॉड्यूलेशन, ज्योतिष तथा तंत्र-मंत्र की शक्तियों के नाम पर एक खौफनाक चक्रव्यूह रचा। हालांकि, पीड़िता के दिवंगत पति के मोबाइल फोन में मौजूद कॉल रिकॉर्डिंग की आदत की वजह से यह पूरी साज़िश समय रहते बेनकाब हो गई और बेबस महिला एक बड़े मानसिक व शारीरिक शोषण से बच गई।\n\nवॉइस मॉड्यूलेशन और अलौकिक शक्तियों का खौफनाक जाल\nप्राप्त विवरण के अनुसार, पीड़िता के पति का हाल ही में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के कारण देहांत हुआ था। पति की मृत्यु के बाद महिला अकेलेपन और शोक में डूबी हुई थी। इसी स्थिति का अनुचित लाभ उठाने के लिए पड़ोस में रहने वाले आरोपी दत्तू पिसे ने साज़िश की रूपरेखा तैयार की। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाते हुए खुद को विद्या गोखले नाम की एक फर्जी महिला सरकारी अधिकारी के रूप में पेश किया, जिसके पास दैवीय तथा अलौकिक शक्तियां होने का दावा किया गया। आरोपी ने महिला की आवाज़ की नकल करने या वॉइस चेंजर ऐप जैसी वॉइस मॉड्यूलेशन तकनीक की मदद से महिला को लगातार फोन कॉल करना शुरू कर दिया। बातचीत के दौरान वह महिला को डराता था कि यदि उसने अपने पड़ोस में रहने वाले दत्तू पिसे के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाए, तो उसके और उसके बच्चों पर भयंकर दैवीय प्रकोप टूटेगा और उसका पूरा परिवार पूरी तरह से तबाह हो जाएगा।\n\nदिवंगत पति के मोबाइल रिकॉर्डिंग ने खोली साज़िश की पोल\nदैवीय प्रकोप की धमकियों से भयभीत होने के बावजूद पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी और मामले की गहराई तक जाने का फैसला किया। उसके दिवंगत पति के मोबाइल फोन में हर कॉल को खुद-ब-खुद रिकॉर्ड करने का फीचर ऑन था, जो इस पूरे मामले में सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरा। महिला ने अपने फोन में सहेजी गई सभी कॉल रिकॉर्डिंग को बार-बार और बहुत ध्यान से सुनना शुरू किया। ऑडियो सुनते समय उसे बातचीत की शैली, शब्दों के उच्चारण और बोलने के खास लहजे से गहरा संदेह हुआ। गौर से विश्लेषण करने पर पीड़िता को स्पष्ट अहसास हो गया कि फोन पर बात करने वाली विद्या गोखले नाम की कोई महिला अधिकारी नहीं, बल्कि उसका अपना पड़ोसी दत्तू पिसे ही भेस बदलकर और आवाज़ बदलकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। सच का पता चलते ही महिला ने तुरंत चिमूर पुलिस स्टेशन में अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई और साक्ष्य के रूप में कॉल रिकॉर्डिंग से भरा मोबाइल फोन पुलिस अधिकारियों को सौंप दिया।\n\nपुलिस ने दर्ज किया केस, फरार आरोपी की तलाश तेज़\nमहिला की शिकायत और प्राथमिक सबूतों का अवलोकन करने के बाद चिमूर पुलिस ने आरोपी दत्तू पिसे के खिलाफ धोखाधड़ी, मानसिक उत्पीड़न और शारीरिक प्रताड़ना की गंभीर धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस में केस दर्ज होते ही आरोपी दत्तू पिसे अपने गांव नेरी से फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आरोपी के राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि की बात करें तो 60 वर्षीय दत्तू पिसे कभी भाजपा का तहसील उपाध्यक्ष रहा था, लेकिन पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण उसे पूर्व में ही दल से निष्कासित कर दिया गया था। वर्तमान समय में वह चिमूर कृषि उत्पन्न बाजार समिति (एपीएमसी) में निदेशक के पद पर कार्यरत था। पुलिस के अनुसार, नासिक के चर्चित अशोक खरात मामले की तर्ज पर रची गई यह पूरी साज़िश आधुनिक तकनीक और अंधविश्वास के घालमेल का एक अत्यंत संवेदनशील उदाहरण है।\n\nइसका आप पर असर\nपाठकों के लिए मुख्य बातें:\n\n• भारत में: किसी भी अनजान कॉल पर तंत्र-मंत्र, अलौकिक शक्तियों या अज्ञात धमकियों पर विश्वास न करें और संदिग्ध नंबरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखकर तुरंत साइबर सेल या पुलिस को सूचित करें।\n• महाराष्ट्र (चंद्रपुर) में: वॉइस मॉड्यूलेशन या नकली पहचान का उपयोग करके ब्लैकमेल या प्रताड़ित किए जाने पर चिमूर या स्थानीय पुलिस स्टेशन में ऑडियो साक्ष्य के साथ तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यह पूरा मामला किस जगह का है और इसमें मुख्य आरोपी कौन है?\nयह मामला महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले की चिमूर तहसील स्थित नेरी गांव का है, जहां 60 वर्षीय दत्तू पिसे पर एक विधवा महिला को डराने-धमकाने और प्रताड़ित करने का आरोप है।\n\n2. आरोपी ने महिला को झांसे में लेने के लिए किस तकनीक और तरीके का इस्तेमाल किया?\nआरोपी ने वॉइस मॉड्यूलेशन (आवाज बदलने की तकनीक) के जरिए खुद को विद्या गोखले नाम की महिला सरकारी अधिकारी बताया और तंत्र-मंत्र व दैवीय प्रकोप का डर दिखाकर महिला पर दबाव बनाया।\n\n3. इस साज़िश का भंडाफोड़ कैसे हुआ?\nपीड़िता के दिवंगत पति के मोबाइल में कॉल रिकॉर्डिंग चालू थी। महिला ने रिकॉर्ड की गई बातचीत को ध्यान से सुना तो उसे बोलने के अंदाज से अपने पड़ोसी दत्तू पिसे की आवाज पहचान में आ गई।\n\n4. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई की है और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है?\nचिमूर पुलिस ने धोखाधड़ी और प्रताड़ना का मामला दर्ज कर लिया है। केस दर्ज होने के बाद आरोपी दत्तू पिसे गांव से फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।",
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  "category": "महाराष्ट्र",
  "publishedAt": "2026-08-02",
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    "चंद्रपुर समाचार",
    "चिमूर पुलिस",
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