छत्रपति संभाजीनगर पहाड़ी हादसे पर परिजनों की सफाई, आईफोन और संपत्ति विवाद की अफवाहों के बीच बहन ने बताया सच महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में पहाड़ से छलांग लगाने वाले कुणाल चंदगुडे की बहन ने घटना के पांच दिन बाद सोशल मीडिया की अफवाहों को खारिज करते हुए पारिवारिक वजहों का खुलासा किया है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कुणाल चंदगुडे नाम के युवक द्वारा पहाड़ी से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। हादसे के पांच दिन बीत जाने के बाद कुणाल की बहन ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर उन तमाम अटकलों और दावों का खंडन किया है, जो इस दुखद घटना को किसी महंगे स्मार्टफोन या संपत्ति के झगड़े से जोड़ रहे थे। परिवार की तरफ से दी गई इस सफाई ने सोशल मीडिया पर चल रही मनगढ़ंत कहानियों पर विराम लगाते हुए उस मानसिक तनाव की ओर इशारा किया है, जिससे कुणाल पिछले कुछ समय से जूझ रहा था। आईफोन और आर्थिक तंगी के दावों का पूर्ण खंडन घटना के तुरंत बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय चर्चाओं में यह बात तेजी से फैलाई जा रही थी कि कुणाल ने किसी नया स्मार्टफोन खरीदने की जिद या पैसों की कमी की वजह से यह आत्मघाती कदम उठाया। कुणाल की बहन ने इन सभी बातों को पूरी तरह बेबुनियाद और गलत करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुणाल के पास पहले से ही आईफोन 15 प्रो मौजूद था और उसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या पैसों की कोई चाहत नहीं थी। परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए बहन ने बताया कि माता-पिता ने कुणाल का लालन-पालन बहुत लाड़-प्यार से किया था और बचपन से लेकर आज तक उसे कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी गई थी। इसलिए इस घटना को केवल किसी गैजेट या रुपयों से जोड़कर देखना पूरी तरह अनुचित है। जमीन और संपत्ति विवाद की सच्चाई स्मार्टफोन के अलावा सोशल मीडिया पर यह अफवाह भी जोर पकड़ रही थी कि परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर भारी विवाद चल रहा था और बहन के नाम संपत्ति किए जाने से कुणाल बेहद नाराज था। कुणाल की बहन ने इस बात का भी सख्त लहजे में खंडन किया है। उनके अनुसार, कुणाल की प्राथमिकता में कभी भी धन, दौलत या जमीन-जायदाद शामिल नहीं थी। वह कभी भी संपत्ति हासिल करने के पीछे भागने वाला व्यक्ति नहीं था। उसके लिए पारिवारिक रिश्ते और अपनों का साथ सबसे ज्यादा मायने रखता था। जमीन को लेकर उसके मन में किसी तरह की नाराजगी या तनाव होने का दावा पूरी तरह काल्पनिक है। पिता को खोने का डर और पारिवारिक पृष्ठभूमि कुणाल की बहन ने बताया कि इस कदम के पीछे की असली वजह कुणाल का अपने पिता मुरलीधर को खो देने का गहरा डर था। पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि पिता मुरलीधर पिछले लगभग 20 वर्षों से अपने माता-पिता और बहनों से दूर रह रहे थे। हालांकि, घटना से कुछ महीने पहले ही परिवार के साथ उनके संबंधों में सुधार आने लगा था और दूरियां घटने लगी थीं। इसी दौरान एक रिश्तेदार अचानक मुरलीधर के काफी करीब आने लगा। इस नए बदलाव ने कुणाल और उसकी मां संगीता के मन में गहरी चिंता पैदा कर दी थी। उन्हें डर सताने लगा था कि यह रिश्तेदार उनके पिता को भ्रमित करके परिवार से हमेशा के लिए अलग कर सकता है। पिता का सरल स्वभाव और अपनों की चिंता अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बहन ने भावुक होकर कहा कि कुणाल को किसी संपत्ति की चाहत नहीं थी, वह सिर्फ अपने पिता को अपने पास और सुरक्षित देखना चाहता था। कुणाल का मानना था कि उसके पिता मुरलीधर बहुत ही सीधे और सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं, जो मीठी बातें करने वाले लोगों की नीयत को समझे बिना उन पर जल्दी भरोसा कर लेते हैं। कुणाल को इसी बात की सबसे बड़ी चिंता थी कि कोई व्यक्ति उनके पिता के इस भोलेपन और सरल स्वभाव का नाजायज फायदा उठाकर उन्हें उनके अपने परिवार से दूर न कर दे। यही चिंता और मानसिक तनाव कुणाल को अंदर ही अंदर परेशान कर रहा था। गलत सूचना न फैलाने की अपील और रक्षा बंधन का दर्द कुणाल के परिवार ने मीडिया और सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले लोगों से बेहद दर्दभरी अपील की है। बहन का कहना है कि परिवार पहले ही कुणाल और अपने एक अन्य करीबी सदस्य को खोने के असहनीय दुख से गुजर रहा है। ऐसे मुश्किल समय में बिना सच्चाई जाने आधी-अधूरी और भ्रामक जानकारी साझा करना उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने सभी से असंवेदनशील अफवाहों को रोकने का अनुरोध किया है। रक्षा बंधन के त्यौहार के अवसर पर, जब बहनें अपने भाइयों के लिए तैयारियां करती हैं, कुणाल की बहन अपने भाई को याद कर बेहद गमगीन हैं। इस त्यौहार पर भाई का साथ न होना उनके लिए एक ऐसा दर्द है जिसे शब्दों में बयान करना आसान नहीं है। इसका आप पर असर • महाराष्ट्र में: स्थानीय प्रशासन और पुलिस सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक अफवाहों पर नजर रख रहे हैं ताकि पीड़ित परिवार को अतिरिक्त मानसिक तनाव से बचाया जा सके। • भारत में: किसी भी दुखद घटना के बाद सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के अफवाहें फैलाना परिवारों को गहरा मानसिक आघात पहुंचाता है। सवाल-जवाब 1. छत्रपति संभाजीनगर में क्या घटना घटी थी? महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कुणाल चंदगुडे नाम के युवक ने पहाड़ी से छलांग लगा दी थी। 2. क्या कुणाल ने आईफोन या पैसों के लिए यह कदम उठाया था? नहीं, कुणाल की बहन ने स्पष्ट किया है कि उनके पास पहले से ही आईफोन 15 प्रो था और आर्थिक तंगी या मोबाइल की जिद की बात गलत है। 3. कुणाल की बहन के अनुसार मुख्य परेशानी क्या थी? कुणाल और उनकी मां अपने पिता मुरलीधर को खोने के डर से चिंतित थे, क्योंकि वर्षों बाद एक रिश्तेदार उनके पिता के करीब आ गया था। 4. क्या संपत्ति या जमीन के बंटवारे को लेकर कोई विवाद था? कुणाल की बहन ने जमीन के बंटवारे या अपने नाम संपत्ति होने के कारण किसी भी विवाद के दावे को पूरी तरह खारिज किया है। 5. परिजनों ने मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स से क्या अपील की है? परिवार ने अपील की है कि बिना पुष्टि के झूठी खबरें और अफवाहें न फैलाई जाएं क्योंकि वे पहले से ही गहरे दुख से गुजर रहे हैं। https://trendkia.com/maharashtra/chhatrapati-sambhajinagar-pahari-hadase-para-parijanon-ki-saphai-iphone-aura-snpatti-vivada-ki-aphavahon-ke-bicha-bahana-ne-bataya-22520 TrendKia — Har trend, sabse pehle.