देवेंद्र फडणवीस की कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए एकनाथ शिंदे, दिल्ली दौरे के बाद सियासी गलियारों में सुगबुगाहट महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कैबिनेट बैठक से दूरी बनाने और तुरंत दिल्ली रवाना होने के बाद सियासी हलकों में नाराजगी की चर्चाएं तेज हो गईं, हालांकि उन्होंने और बीजेपी ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के एक अहम फैसले के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में एकनाथ शिंदे शामिल नहीं हुए, जिसके तुरंत बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस घटनाक्रम के सामने आते ही सियासी पंडितों और विपक्षी खेमे में यह कयास लगाए जाने लगे कि सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और एकनाथ शिंदे अपनी पार्टी या सरकार से नाखुश हैं। कैबिनेट बैठक से दूरी और दिल्ली का अचानक दौरा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को दोपहर 12 बजे मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। इस बैठक में राज्य के कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन एकनाथ शिंदे इसमें नहीं पहुंचे। बैठक खत्म होने के ठीक बाद, करीब दो बजे वे मुंबई एयरपोर्ट से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके इस कदम ने तुरंत राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा, क्योंकि कैबिनेट बैठक जैसे अहम कार्यक्रम को छोड़कर अचानक दिल्ली चले जाना सामान्य घटना नहीं मानी जाती। अटकलों पर एकनाथ शिंदे और बीजेपी की सफाई जैसे ही उनके दिल्ली जाने और बैठक में गैर-मौजूदगी की खबर फैली, नाराजगी की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। हालांकि, एकनाथ शिंदे ने इन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका दिल्ली जाना पहले से तय था क्योंकि वहां अन्य राज्यों के शिवसेना प्रमुखों के साथ उनकी बैठक निर्धारित है। इसके अलावा, पार्टी के चुनाव चिह्न और शिवसेना पर अधिकार के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई चल रही है, जिसके सिलसिले में उन्हें अपने वकीलों से भी विचार-विमर्श करना है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने भी इन खबरों को अफवाह करार दिया है। पार्टी का कहना है कि एकनाथ शिंदे के कुछ कार्यक्रम पहले से तय थे, जिसके कारण वे बैठक में नहीं आ सके और सरकार के भीतर किसी भी तरह की अनबन या नाराजगी की बात पूरी तरह बेबुनियाद है। विवाद और मतभेद के अन्य कारण राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की चर्चाओं के पीछे हालिया कुछ घटनाएं भी हैं। बीते दिनों मराठी भाषा के मुद्दे को लेकर सत्ताधारी गठबंधन की दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे थे कि कैबिनेट बैठक में यह विषय किसी विवाद की वजह बन सकता है। इसके अलावा, मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के आगामी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के आमने-सामने आकर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ने की संभावना भी जताई जा रही है, जो दोनों दलों के बीच तनातनी की एक और वजह बन सकती है। महाराष्ट्र की राजनीति में जब भी देवेंद्र फडणवीस या एकनाथ शिंदे अकेले दिल्ली का रुख करते हैं, तो सियासी अटकलें लगना आम बात हो जाती है, लेकिन फिलहाल दोनों पक्षों ने नाराजगी की खबरों को खारिज कर दिया है। इसका आप पर असर महाराष्ट्र की राजनीति में हालिया घटनाक्रम का असर प्रशासनिक फैसलों और स्थानीय चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। • भारत में: राज्य स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने से नीतिगत फैसलों की गति प्रभावित हो सकती है, जिससे जनता से जुड़े मुद्दों पर देरी की संभावना बनी रहती है। • महाराष्ट्र में: मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक चुनावों और मराठी भाषा से जुड़े नियमों को लेकर सत्ताधारी गठबंधन के भीतर बनने वाले समीकरण आगामी स्थानीय प्रशासन को सीधे प्रभावित करेंगे। सवाल-जवाब 1. एकनाथ शिंदे कैबिनेट बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए? एकनाथ शिंदे ने कैबिनेट बैठक में शामिल होने के बजाय अपने पहले से तय कार्यक्रमों और दिल्ली दौरे का हवाला दिया। 2. कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता किसने की थी? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार दोपहर 12 बजे मंत्रालय में इस कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की थी। 3. एकनाथ शिंदे दिल्ली क्यों गए हैं? वे अन्य राज्यों के शिवसेना प्रमुखों के साथ बैठक करने और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले के सिलसिले में वकीलों से मिलने दिल्ली गए हैं। 4. क्या बीजेपी ने नाराजगी की खबरों को सही बताया है? नहीं, बीजेपी ने एकनाथ शिंदे की नाराजगी की खबरों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें महज अटकलें बताया है। 5. किन मुद्दों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हुई है? हाल ही में मराठी भाषा के मुद्दे पर मतभेद और मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में दोनों पार्टियों के आमने-सामने लड़ने की चर्चाओं से अटकलें तेज हुईं। https://trendkia.com/maharashtra/devendra-phadanavisa-ki-kaibineta-baithaka-men-shamila-nahin-hue-eknath-shinde-delhi-daure-ke-bada-siyasi-galiyaron-men-sugabugaha-25894 TrendKia — Har trend, sabse pehle.