गडचिरौली आश्रमशाला में सर्पदंश से तीन छात्राओं की मौत: संस्था के अध्यक्ष और प्रिंसिपल समेत 5 पर FIR, 2 अफसर निलंबित महाराष्ट्र के गडचिरौली जिले के जपतलाई आश्रमशाला में सांप के काटने से तीन मासूम छात्राओं की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस ने प्रिंसिपल और संस्था पदाधिकारियों समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया है, वहीं विभाग ने मान्यता रद्द करते हुए दो अफसरों को निलंबित कर दिया है। महाराष्ट्र के गडचिरौली जिले में स्थित एक सरकारी अनुदानित आश्रमशाला में घटी दर्दनाक घटना के बाद प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। धानोरा तहसील के जपतलाई स्थित आवासीय स्कूल के छात्रावास में जहरीले सांप के काटने से तीन नाबालिग आदिवासी छात्राओं की जान चली गई। इस दुखद हादसे के बाद पुलिस ने स्कूल प्रबंधन, प्रधानाचार्य और अधीक्षकों समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं दूसरी ओर, विभागीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई करते हुए आदिवासी विकास विभाग ने आश्रमशाला की मान्यता तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी है और दो जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आधी रात को छात्रावास में घुसा सांप, अफरा-तफरी का माहौल यह खौफनाक घटना 10 अगस्त 2026 की रात करीब 2 बजे सामने आई। जपतलाई स्थित अनुदानित आश्रमशाला के छात्रावास परिसर में सभी छात्राएं रात का खाना खाने और पढ़ाई पूरी करने के बाद सो रही थीं। उसी दौरान कमरे के भीतर एक जहरीला सांप घुस आया और उसने सो रही छात्राओं को डस लिया। चीख-पुकार मचने पर छात्रावास परिसर में भारी अफरा-तफरी फैल गई। कर्मचारियों ने आनन-फानन में प्रभावित छात्राओं को धानोरा के ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान एटापल्ली तहसील के जव्हेली की रहने वाली 14 वर्षीय दीपिका ऐतवा लकड़ा (कक्षा छठवीं) और मेंढरी निवासी 15 वर्षीय सुष्मिता सरोजीत मंडल (कक्षा आठवीं) की मौत हो गई। इसके बाद सर्पदंश के लक्षण दिखने वाली 16 अन्य छात्राओं को तुरंत गडचिरौली जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान धानोरा तहसील के केहकावाही निवासी 8 वर्षीय अनु गजुराम कोरेटी (कक्षा दूसरी) ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह इस लापरवाही भरी घटना में तीन मासूम आदिवासी बच्चियों की अकाल मौत हो गई। अन्य पीड़ित छात्राओं का जारी है इलाज पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक घटना के बाद अस्पताल में भर्ती कराई गई अन्य छात्राओं की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गडचिरौली जिला अस्पताल में भर्ती कविता राजकुमार किंरगे और समृद्धी सुरेश नैताम का उपचार किया गया, जिनमें समृद्धी की स्थिति काफी गंभीर बताई गई थी। इसके अतिरिक्त, एक अन्य पीड़िता दीपिका बिटकूरसाय मडावी को बेहतर और गहन चिकित्सीय देखभाल के लिए शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, नागपुर स्थानांतरित किया गया है। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद 5 लोगों पर FIR दर्ज तीन छात्राओं की असमय मौत के बाद आश्रमशालाओं की सुरक्षा और वहां की अव्यवस्थाओं को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प, गडचिरौली द्वारा चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। जांच समिति की पड़ताल में सामने आया कि आश्रमशाला के जिम्मेदार कर्मचारियों और प्रबंधकों ने अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही, अनदेखी और निष्काळजीपणा बरता। जांच रिपोर्ट के आधार पर धानोरा पुलिस थाने में 12 अगस्त 2026 की रात 1 बजकर 3 मिनट पर अपराध क्रमांक 86/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 106(1), 125(A), 125(B), 3(5) तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत मामला कायम किया है। इस मामले में शिकायतकर्ता एकात्मिक आदिवासी विकास प्रकल्प के सहायक प्रकल्प अधिकारी (शिक्षण) 57 वर्षीय डॉ. प्रभु पुनया सादमवार हैं। पूरे मामले की विवेचना पेंढरी के उपविभागीय पुलिस अधिकारी (SDPO) जगदीश पांडे कर रहे हैं, जिनके पास धानोरा उपविभाग का अतिरिक्त प्रभार है। पुलिस FIR में नामजद किए गए पांच आरोपी इस प्रकार हैं • प्रशांत विलासराव ताटपल्लीवार: मुख्याध्यापक (उम्र 51 वर्ष) • भाग्यश्री ज्ञानेश्वर चिल्लमवार: महिला अधीक्षिका (उम्र 34 वर्ष) • भाष्कर रामचंद्र भोयर: पुरुष अधीक्षक (उम्र 50 वर्ष) • मारोतराव सैनुजी कोवासे: संस्था के अध्यक्ष (निवासी गडचिरौली) • विश्वजित मारोतराव कोवासी: संस्था के सचिव (निवासी गडचिरौली) संस्था की मान्यता रद्द और दो अधिकारी निलंबित हादसे के बाद राज्य सरकार और विभागीय स्तर पर भी सख्त रुख अपनाया गया है। 17 अगस्त 2026 को नासिक स्थित आदिवासी विकास विभाग, महाराष्ट्र राज्य की आयुक्त लीना बनसोड़ ने जपतलाई आश्रमशाला की मान्यता को रद्द कर दिया। इसके बाद 21 अगस्त 2026 को नागपुर स्थित आदिवासी विकास विभाग की अपर आयुक्त आयुषी सिंह ने विभागीय दायित्वों में लापरवाही बरतने के आरोप में दो अधिकारियों को सस्पेंड करने का आदेश जारी किया। निलंबित किए गए अधिकारियों में शिकायतकर्ता सहायक प्रकल्प अधिकारी डॉ. प्रभु पुनया सादमवार और विस्तार अधिकारी कन्नाके शामिल हैं। विपक्ष का सरकार पर हमला, सुरक्षा पर उठे सवाल इस हृदयविदारक घटना ने महाराष्ट्र भर के आदिवासी आवासीय विद्यालयों में सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा दिया है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आश्रमशालाओं की बदहाली पर कड़े सवाल दागे। वडेट्टीवार ने कहा कि बीते दो वर्षों के भीतर आश्रम स्कूलों में 584 विद्यार्थियों की मौत हो चुकी है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सरकार से जवाब मांगा कि इन गरीब और आदिवासी बच्चों की जान माल की सुरक्षा के लिए धरातल पर क्या ठोस उपाय किए गए हैं। इसका आप पर असर • महाराष्ट्र में: गडचिरौली सहित राज्यभर के आश्रम स्कूलों में सुरक्षा मानकों और परिसर की सफाई की कड़ाई से जांच होगी ताकि जहरीले जीवों के प्रवेश को रोका जा सके। • भारत में: सरकारी और अनुदानित आवासीय विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा, प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर जवाबदेही और नए नियम लागू हो सकते हैं। सवाल-जवाब 1. गडचिरौली के आश्रम स्कूल में क्या हादसा हुआ? 10 अगस्त 2026 की रात गडचिरौली के जपतलाई स्थित आश्रमशाला के छात्रावास में जहरीले सांप के काटने से तीन नाबालिग आदिवासी छात्राओं की मौत हो गई। 2. इस मामले में पुलिस ने किन-किन लोगों पर FIR दर्ज की है? धानोरा पुलिस ने मुख्याध्यापक प्रशांत विलासराव ताटपल्लीवार, महिला अधीक्षिका भाग्यश्री चिल्लमवार, पुरुष अधीक्षक भाष्कर भोयर, संस्था अध्यक्ष मारोतराव कोवासे और सचिव विश्वजित कोवासी पर मामला दर्ज किया है। 3. प्रशासन ने स्कूल और अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की? जनजातीय विकास विभाग ने 17 अगस्त को स्कूल की मान्यता रद्द कर दी और 21 अगस्त को दो अधिकारियों, डॉ. प्रभु पुनया सादमवार और कन्नाके को निलंबित कर दिया। 4. हादसे में जान गंवाने वाली छात्राओं के नाम क्या हैं? मृतक छात्राओं में 14 वर्षीय दीपिका ऐतवा लकड़ा, 15 वर्षीय सुष्मिता सरोजीत मंडल और 8 वर्षीय अनु गजुराम कोरेटी शामिल हैं। 5. विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं? कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में आश्रम स्कूलों में 584 छात्रों की मौत हुई है और उन्होंने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए। https://trendkia.com/maharashtra/gadchiroli-ashramashala-men-sarpadnsha-se-tina-chhatraon-ki-mauta-snstha-ke-adhyaksha-aura-prinsipala-sameta-5-para-fir-2-aphasara-21703 TrendKia — Har trend, sabse pehle.