# गोकुल पर महाराष्ट्र सरकार का नया अध्यादेश लागू, चार सरकारी संचालकों को मिला वोटिंग का अधिकार

> महाराष्ट्र सरकार ने कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ (गोकुल) को लेकर एक नया अध्यादेश जारी किया है, जिसके तहत चार सरकारी संचालकों को वोटिंग का अधिकार मिल गया है।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-11-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/gokul-par-maharashtra-sarkar-ka-naya-adhyadesh-lagu-char-sarkari-sanchalako-ko-mila-voting-ka-adhikar-57267 · **Language:** Hindi
**Tags:** गोकुल डेयरी, महाराष्ट्र सरकार, कोल्हापुर सहकारी, सतेज पाटिल, सहकारी समितियां अध्यादेश

महाराष्ट्र सरकार ने कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ यानी गोकुल को लेकर एक अहम कदम उठाते हुए नया अध्यादेश लागू कर दिया है। इस नए आदेश के दायरे में आने वाली संस्थाओं में सरकार चार नए शासन नियुक्त संचालकों की नियुक्ति करने जा रही है, जिन्हें संघ के फैसलों और कामकाज में मतदान करने का पूरा अधिकार भी सौंपा गया है.

## नया अध्यादेश और इसके नियम
अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार शुक्रवार को महाराष्ट्र सहकारी समितियां (संशोधन) अध्यादेश, 2026 जारी किया गया है। इसके जरिए महाराष्ट्र सहकारी समितियां अधिनियम, 1960 की धारा 73AAA में संशोधन किया गया है और यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यह नया प्रावधान उन सभी संघीय सहकारी समितियों पर लागू होगा, जिनमें जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को शामिल नहीं किया गया है, बशर्ते उनका सालाना कारोबार 500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो और उन्हें राज्य सरकार से शेयर पूंजी, लोन, गारंटी, अनुदान, जमीन या किसी अन्य वित्तीय अथवा गैर-वित्तीय रूप में मदद मिली हो.

## कैबिनेट के फैसले के बाद राजनीतिक सरगर्मी
इस पूरी प्रक्रिया से तीन दिन पहले ही महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में इस बारे में आधिकारिक फैसला ले लिया गया था, जिस पर अब अध्यादेश आने के बाद औपचारिक मुहर लग गई है। सरकार के इस कदम के बाद से कोल्हापुर की स्थानीय राजनीति में हलचल काफी तेज हो गई है और इसका विरोध भी शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता सतेज (बंटी) पाटिल ने सोशल मीडिया पर इस फैसले पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि इस बदलाव का असर गोकुल के मौजूदा संचालक मंडल और आगामी अध्यक्ष पद के चुनावों पर किस तरह से पड़ता है.

## इसका आप पर असर
महाराष्ट्र सरकार के इस नए अध्यादेश का सीधा असर बड़ी सहकारी संस्थाओं के कामकाज और निर्णय प्रक्रिया पर पड़ेगा।

- **सहकारी संस्थाएं:** 500 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाली और सरकारी सहायता प्राप्त संघीय सहकारी समितियों में सरकारी दखल और नियंत्रण बढ़ेगा। इन संस्थाओं के बोर्ड में सरकारी प्रतिनिधियों की उपस्थिति से नीतिगत फैसलों की दिशा बदल सकती है।
- **कोल्हापुर:** कोल्हापुर जिले की स्थानीय राजनीति और गोकुल दूध संघ के चुनावी समीकरणों में भारी फेरबदल देखने को मिल सकता है। मौजूदा संचालक मंडल और अध्यक्ष पद के चुनाव पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
महाराष्ट्र सरकार द्वारा यह नया अध्यादेश लाने के पीछे बड़े पैमाने पर सरकारी वित्तीय सहायता पाने वाली सहकारी संस्थाओं में प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करना मुख्य कारण रहा है।

- **कैबिनेट का निर्णय:** अध्यादेश लागू होने से तीन दिन पहले महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में इस नीतिगत बदलाव पर मुहर लगाई गई थी, जिसके बाद विधिवत कानूनी संशोधन किया गया।
- **कानूनी संशोधन:** सरकार ने महाराष्ट्र सहकारी समितियां अधिनियम, 1960 की धारा 73AAA में संशोधन करके पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाली समितियों के लिए नए नियम बनाए हैं।
- **सरकारी हिस्सेदारी:** जिन संस्थाओं को राज्य सरकार से जमीन, अनुदान, लोन या शेयर पूंजी के रूप में मदद मिलती है, उनमें पारदर्शिता और नियंत्रण के लिए यह कदम उठाया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. गोकुल को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने कौन सा नया कदम उठाया है?
महाराष्ट्र सरकार ने एक नया अध्यादेश जारी किया है जिसके तहत गोकुल में चार नए शासन नियुक्त संचालक जोड़े जाएंगे और उन्हें वोटिंग का अधिकार दिया जाएगा।

### 2. यह अध्यादेश किस कानून में संशोधन करके लाया गया है?
यह अध्यादेश 'महाराष्ट्र सहकारी समितियां (संशोधन) अध्यादेश, 2026' है जिसके जरिए 'महाराष्ट्र सहकारी समितियां अधिनियम, 1960' की धारा 73AAA में संशोधन किया गया है।

### 3. यह नया प्रावधान किन संस्थाओं पर लागू होगा?
यह प्रावधान उन संघीय सहकारी समितियों पर लागू होगा जिनका वार्षिक कारोबार 500 करोड़ रुपये से अधिक है और जिन्हें राज्य सरकार से वित्तीय या गैर-वित्तीय सहायता मिलती है।

### 4. इस फैसले के बाद कोल्हापुर में क्या प्रतिक्रिया देखने को मिली है?
फैसले के बाद कोल्हापुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं।

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