गोरेगांव में मिलावटी दूध का खेल बेनकाब, अमूल-गोकुल के पैकेट में भरते थे गंदा पानी, दो गिरफ्तार मुंबई के गोरेगांव इलाके में क्राइम ब्रांच यूनिट-11 ने मिलावटी दूध बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो अमूल और गोकुल के पैकेट काटकर उनमें गंदा पानी मिला रहे थे। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच यूनिट-11 ने गोरेगांव इलाके में मिलावटी दूध बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 558 लीटर मिलावटी दूध, 224 नकली खाली दूध की थैलियां, मिलावट में इस्तेमाल होने वाला सामान और एक मोबाइल फोन समेत कुल 50304 रुपये का माल जब्त किया गया है। पुलिस को कैसे मिली भनक डीसीपी नवनाथ ढवले के मुताबिक, पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि गोरेगांव स्थित अंकुर बिल्डिंग के आसपास सिद्धिविनायक सेवा मंडल सोसायटी, प्रेम नगर, तीन डोंगरी और लिंक रोड इलाके में दो लोग नामी दूध कंपनियों के पैकेटों में गंदा पानी मिलाकर मिलावटी दूध तैयार कर रहे हैं और उसे आम नागरिकों तक पहुंचा रहे हैं। इस सूचना के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-11, कांदिवली की टीम हरकत में आई और बृहन्मुंबई अन्न एवं औषध प्रशासन के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ मिलकर संयुक्त छापेमारी की योजना बनाई। कैसे तैयार होता था मिलावटी दूध 15 जुलाई 2026 की सुबह की गई इस कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी अमूल गोल्ड, अमूल ताज़ा और गोकुल ब्रांड के असली दूध के पैकेट काटकर उनमें से कुछ मात्रा में दूध निकाल लेते थे। इसके बाद उतनी ही मात्रा में अस्वच्छ पानी भरकर पैकेटों को फिर से सील कर दिया जाता था, ताकि देखने में यह असली और प्रमाणित दूध जैसा लगे। तैयार पैकेट बाजार में असली दूध के नाम पर ग्राहकों को बेचे जाने की तैयारी में थे, जब पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने छापा मारकर पूरा खेल पकड़ लिया। छापे में क्या-क्या बरामद हुआ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अमूल और गोकुल कंपनियों के करीब 39504 रुपये मूल्य के 558 लीटर मिलावटी दूध के अलावा अमूल ताज़ा और अमूल गोल्ड की 224 खाली नकली पाउच बरामद कीं। इसके साथ ही मिलावट में इस्तेमाल होने वाला सामान और 10000 रुपये मूल्य का एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। बरामद किए गए पूरे मिलावटी दूध को बाद में नष्ट कर दिया गया, ताकि वह किसी भी सूरत में बाजार तक न पहुंच सके। गोरेगांव पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह मिलावटी दूध और कहां-कहां सप्लाई किया जा चुका था। राज्य में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले गौरतलब है कि इससे पहले महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में भी 9 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत का नकली दूध पकड़ा जा चुका है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों से साफ है कि दूध में मिलावट का यह धंधा राज्य के कई हिस्सों में फैला हुआ है और पुलिस तथा खाद्य सुरक्षा विभाग को लगातार निगरानी बढ़ानी पड़ रही है। इसका आप पर असर यह मामला सीधे रोज़मर्रा में दूध खरीदने वाले हर परिवार की सेहत और जेब से जुड़ा है। • भारत में: पैकेटबंद ब्रांडेड दूध पर भरोसा करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह मामला याद दिलाता है कि पैकेट की सील ढीली या छेड़छाड़ की हुई लगे तो दूध न खरीदें, क्योंकि नामी ब्रांड के नाम पर भी मिलावटी दूध बेचा जा सकता है। • मुंबई में: गोरेगांव और आसपास के इलाकों जैसे प्रेम नगर, तीन डोंगरी और लिंक रोड में दूध खरीदने वाले लोगों को खरीद के स्रोत की पुष्टि करनी चाहिए, क्योंकि पुलिस अब भी यह पता लगा रही है कि मिलावटी दूध और कहां-कहां सप्लाई हुआ। सवाल-जवाब 1. मुंबई में मिलावटी दूध का यह मामला कहां सामने आया? यह मामला मुंबई के गोरेगांव इलाके में, अंकुर बिल्डिंग के आसपास सिद्धिविनायक सेवा मंडल सोसायटी, प्रेम नगर, तीन डोंगरी और लिंक रोड क्षेत्र में सामने आया। 2. पुलिस ने कितना माल जब्त किया? पुलिस ने 558 लीटर मिलावटी दूध, अमूल ताज़ा और अमूल गोल्ड की 224 खाली नकली थैलियां, मिलावट का सामान और एक मोबाइल फोन समेत कुल 50304 रुपये का माल जब्त किया। 3. आरोपी किस तरह मिलावट करते थे? आरोपी अमूल गोल्ड, अमूल ताज़ा और गोकुल ब्रांड के असली पैकेट काटकर उनमें से दूध निकालकर उतनी ही मात्रा में अस्वच्छ पानी भरते थे और फिर पैकेट दोबारा सील कर देते थे। 4. यह कार्रवाई कब की गई? यह छापेमारी 15 जुलाई 2026 की सुबह क्राइम ब्रांच यूनिट-11 और बृहन्मुंबई अन्न एवं औषध प्रशासन की संयुक्त टीम ने की। 5. आरोपियों के खिलाफ कौन-सी धाराओं में केस दर्ज हुआ? गोरेगांव पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 6. जब्त किया गया मिलावटी दूध का क्या हुआ? बरामद पूरा मिलावटी दूध नष्ट कर दिया गया है, ताकि वह बाजार तक न पहुंच सके। 7. क्या राज्य में ऐसे मामले पहले भी सामने आए हैं? हां, इससे पहले महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में भी 9 करोड़ रुपये से ज्यादा का नकली दूध पकड़ा गया था। https://trendkia.com/maharashtra/goregaon-men-milavati-dudha-ka-khela-benakaba-amul-gokul-ke-paiketa-men-bharate-the-gnda-pani-do-giraphtara-8067 TrendKia — Har trend, sabse pehle.