# हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस में दीया जलाने वाले 55 वर्षीय यात्री को भुसावल में ट्रेन से उतारा गया, केस दर्ज

> हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस के कोच A-1 में बर्थ पर दीपक जलाकर पूजा करने वाले 55 वर्षीय यात्री के खिलाफ रेलवे अधिनियम की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। भुसावल स्टेशन पर उतारे गए यात्री के पास से माचिस और पीतल का दीया जब्त किया गया।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-09-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/hazrat-nizamuddin-mysore-express-men-diya-jalane-vale-55-varshiya-yatri-ko-bhusawal-men-trena-se-utara-gaya-kesa-darja-25996 · **Language:** Hindi
**Tags:** मध्य रेलवे, भारतीय रेलवे, भुसावल स्टेशन, रेलवे अधिनियम, ट्रेन सुरक्षा, ग्वालियर

हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12782) के एसी कोच A-1 में अपनी बर्थ पर दीया जलाकर धार्मिक अनुष्ठान करने वाले 55 वर्षीय यात्री के खिलाफ मध्य रेलवे ने कड़ी कानूनी कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी गरीब नामक इस यात्री को ट्रेन में आग लगने का गंभीर खतरा पैदा करने के आरोप में महाराष्ट्र के भुसावल रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन से नीचे उतार दिया गया। मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि यात्री के पास से पूजा सामग्री और ज्वलनशील वस्तुएं बरामद की गई हैं तथा उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम 1989 की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला पंजीकृत किया गया है।

## भुसावल स्टेशन पर हुई कार्रवाई और घटना का विवरण
यह पूरा वाकया 31 अगस्त का है, जब ट्रेन संख्या 12782 हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस अपनी निर्धारित यात्रा पर थी। सफर के दौरान कोच A-1 की बर्थ संख्या 17 पर सवार यात्री गरीब ने अपनी बर्थ पर ही पीतल का दीपक जलाकर पूजा-पाठ शुरू कर दिया। डिब्बे में खुले तौर पर आग की लौ जलती देख अन्य सहयात्रियों में डर का माहौल बन गया। इसकी सूचना तुरंत ट्रेन में तैनात रेल कर्मचारियों को दी गई। सूचना मिलते ही ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई) तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।

मौके पर पहुंचे टीटीई ने देखा कि यात्री अपनी बर्थ पर पीतल का दीया जलाकर बैठा हुआ था। रेल कर्मचारी ने यात्री को तत्काल लौ बुझाने की हिदायत दी और समझाया कि चलती ट्रेन में इस प्रकार आग जलाना बेहद खतरनाक है, जिससे पूरा कोच जल सकता है और सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है। हालांकि, यात्री ने टीटीई की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए कहा कि वह पूजा पूरी करने के बाद ही दीया बुझाएगा। इस दौरान टीटीई ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो मामले में अहम साक्ष्य बना। ट्रेन के भुसावल स्टेशन पहुंचने पर रेलवे सुरक्षा बल और अधिकारियों ने यात्री को सामान समेत नीचे उतार लिया। जांच के दौरान उसके कब्जे से एक माचिस, एक पीतल का दीपक और एक स्टील का डिब्बा बरामद किया गया।

## रेलवे अधिनियम की धारा 153 और 145(बी) के तहत एफआईआर दर्ज
मध्य रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार को आरोपी यात्री के खिलाफ रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 153 और धारा 145(बी) के तहत औपचारिक केस दर्ज किया गया है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी यात्री को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(सी) के प्रावधानों के तहत एक औपचारिक कानूनी नोटिस देकर रिहा कर दिया।

रेलवे के कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, रेलवे अधिनियम की धारा 153 बेहद सख्त कानून है, जो उन कृत्यों से संबंधित है जिनसे रेल यात्रियों की सुरक्षा को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खतरा पहुंचता है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को 5 साल तक के सश्रम कारावास की सजा हो सकती है। वहीं, धारा 145(बी) ट्रेन या रेलवे परिसर में ज्वलनशील अथवा खतरनाक पदार्थ ले जाने, उनका दुरुपयोग करने और उपद्रव फैलाने से जुड़ी है। इस धारा के उल्लंघन पर यात्री को रेलवे परिसर से तुरंत निष्कासित करने, 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाने और गंभीर परिस्थितियों में 5 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।

## ज्वलनशील पदार्थों को लेकर मध्य रेलवे की सख्त चेतावनी
इस घटना के बाद मध्य रेलवे प्रशासन ने सभी रेल यात्रियों से एक विशेष अपील जारी की है। रेलवे ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ट्रेन के डिब्बों में किसी भी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ ले जाना, मोमबत्ती, अगरबत्ती, कपूर या दीपक जलाना कानूनन अपराध है और यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। डिब्बे में कपड़ों, फोम की सीटों और लकड़ी के पैनलों की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैल सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। रेलवे ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस प्रकार का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ बिना किसी ढील के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

## इसका आप पर असर
ट्रेन में पूजा या अन्य काम के लिए दीया, अगरबत्ती या मोमबत्ती जलाना कानूनी अपराध है और इससे यात्रियों पर जेल तथा भारी जुर्माने की कार्रवाई हो सकती है।

- **भारत में रेल यात्रियों पर असर:** ट्रेनों के भीतर माचिस, दीया, अगरबत्ती या कपूर जैसा कोई भी ज्वलनशील सामान जलाना पूर्णतः प्रतिबंधित है। नियम का उल्लंघन करने पर यात्री को बीच रास्ते में ट्रेन से उतारा जा सकता है तथा 5000 रुपये का जुर्माना और 5 साल तक की जेल हो सकती है।
- **ग्वालियर और मध्य प्रदेश के यात्रियों पर असर:** मध्य प्रदेश से गुजरने वाली या हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले लोगों को यात्रा नियमों का सख्त पालन करना होगा। किसी भी अनधिकृत गतिविधि की सूचना सहयात्री तुरंत टीटीई या 139 हेल्पलाइन पर दे सकते हैं।
- **ट्रेन में आग से सुरक्षा पर असर:** कोच में सिंथेटिक कपड़े, सीट कवर और लकड़ी का सामान होने के कारण छोटी सी लौ भी विकराल रूप ले सकती है। सजगता बरतने से सभी रेल यात्रियों की जान-माल सुरक्षित रहती है।
- **कानूनी कार्रवाई का सामना:** रेलवे अधिनियम की धारा 153 और 145(बी) के तहत मामला दर्ज होने पर यात्री को कानूनी मुकदमों और पुलिस नोटिस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसलिए किसी भी धार्मिक या व्यक्तिगत गतिविधि के लिए ट्रेन में आग जलाने से बचें।

## सवाल-जवाब

### 1. ट्रेन में दीया जलाने वाले यात्री के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
यात्री को भुसावल स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया गया और उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 तथा 145(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

### 2. यह घटना किस ट्रेन और किस तारीख को हुई थी?
यह घटना 31 अगस्त को हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12782) के कोच A-1 में हुई थी।

### 3. आरोपी यात्री की पहचान क्या है?
आरोपी यात्री मध्य प्रदेश के ग्वालियर का रहने वाला 55 वर्षीय गरीब नाम का व्यक्ति है।

### 4. यात्री के पास से रेलवे ने क्या-क्या सामान बरामद किया?
रेलवे अधिकारियों ने यात्री के पास से एक माचिस, एक पीतल का दीपक और एक स्टील का डिब्बा जब्त किया।

### 5. रेलवे अधिनियम की धारा 153 और 145(बी) में क्या सजा का प्रावधान है?
धारा 153 में यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने पर 5 साल तक की जेल हो सकती है, जबकि धारा 145(बी) में 5000 रुपये जुर्माना और 5 साल तक की कैद का प्रावधान है।

### 6. क्या आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है?
कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद यात्री को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(सी) के तहत नोटिस देकर रिहा कर दिया गया।

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