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  "type": "article",
  "title": "गिरगांव चौपाटी की ओर निकलेगी लालबागचा राजा की विदाई मिरवणूक, 22 घंटे के सफर में पुलिस सलामी और दो टांकी पर होगा फूलों से इस्तकबाल",
  "summary": "मुंबई में 25 सितंबर की दोपहर से लालबागचा राजा का शाही विसर्जन जुलूस निकलेगा, जो भायखला और दो टांकी के रास्ते अगले दिन गिरगांव चौपाटी पहुंचेगा।",
  "content": "महाराष्ट्र की राजधानी में गणेशोत्सव के अंतिम चरण को लेकर व्यापक प्रबंध किए गए हैं, जहां मध्य मुंबई के प्रसिद्ध गणपति बप्पा के प्रस्थान की पूरी समय सारिणी तय कर ली गई है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक 25 सितंबर के दिन सुबह 9 बजे से विदाई से जुड़े शुरुआती अनुष्ठान आरंभ होंगे। इसके ठीक एक घंटे पश्चात यानी सुबह 10 बजे बप्पा की विशेष आरती और पूजन संपन्न कराया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार और उत्तर पूजा की रस्में पूरी होते ही दोपहर 12 बजे इस भव्य विसर्जन मिरवणूक का औपचारिक प्रस्थान होगा। दोपहर करीब 1 बजे जब प्रतिमा मुख्य द्वार पार करेगी, तब सुरक्षा व्यवस्था में जुटी पुलिस फोर्स को समर्पित एक विशेष अभिवादन भी पेश किया जाएगा। आयोजक मंडल ने सुरक्षाकर्मियों के अथक परिश्रम को रेखांकित करते हुए संदेश साझा किया कि खाकी वर्दी में मुस्तैद जवानों के कारण ही विशाल जनसमूह निर्विघ्न रूप से यह पावन पर्व मना पाता है।\n\nइन प्रमुख रास्तों और चौराहों से गुजरेगा शाही कारवां\nविदाई यात्रा के मार्ग को पारंपरिक नक्शे के अनुसार तैयार किया गया है। लालबाग बाजार क्षेत्र से प्रस्थान के बाद यह कारवां डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग की ओर रुख करेगा। वहां से जुलूस भारतमाता सिनेमा परिसर और स्थानीय पुलिस चौकी क्षेत्र से मुड़ते हुए दोबारा मुख्य द्वार के निकट पहुंचेगा। इसके आगे बढ़ते हुए श्रॉफ बिल्डिंग के समीप भव्य पुष्पवृष्टि की जाएगी। इसके बाद विसर्जन दल चिंचपोकली पुल पार करते हुए भायखला रेलवे स्टेशन की दिशा में अग्रसर होगा और हिंदुस्तान मस्जिद वाले इलाके से गुजरेगा।\n\nयात्रा जब मुंबई अग्निशमन दल के मुख्यालय के सामने से निकलेगी, तब वहां तैनात दमकल कर्मी अपने वाहनों के सायरन बजाकर गणपति बप्पा को औपचारिक सलामी पेश करेंगे। इसके उपरांत यह विशाल जनसमूह खड़ा पारसी, दो टांकी, कुंभारवाड़ा और सुतार गली जैसे पुराने रिहायशी और व्यापारिक गलियारों से होकर गुजरेगा। दो टांकी इलाके में सामाजिक सौहार्द का अनोखा दृश्य देखने को मिलेगा, जहां मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि विशेष रूप से एकत्रित होकर बप्पा की प्रतिमा पर फूलों के हार अर्पित करेंगे और यात्रा का स्वागत करेंगे।\n\nमाधव बाग से गिरगांव चौपाटी तक का अंतिम पड़ाव\nपारंपरिक बस्तियों से निकलकर विसर्जन मिरवणूक माधव बाग, वीपी रोड और प्रार्थना समाज के ऐतिहासिक मार्ग से होते हुए सीधे समुद्र तट की दिशा पकड़ेगी। जैसे ही जुलूस गिरगांव चौपाटी सिग्नल पर पहुंचेगा, वहां स्थापित मुंबई महानगरपालिका के विशेष स्वागत कक्ष द्वारा बप्पा का औपचारिक सत्कार किया जाएगा। इसके बाद प्रतिमा को चौपाटी के तट पर पहले से तैयार किए गए विशेष विसर्जन तराफे तक पहुंचाया जाएगा।\n\nलालबाग के पंडाल से निकलकर चौपाटी के रेतीले तट तक पहुंचने की इस पूरी यात्रा में लगभग 21 से 22 घंटे का वक्त लगने का अनुमान है। रास्ते भर श्रद्धालुओं द्वारा किए जाने वाले स्वागत, जगह-जगह होने वाली आरती, पुष्पवर्षा और सुरक्षा सलामी की वजह से काफिला धीमी गति से आगे बढ़ता है। इसी कारण आयोजकों ने अंतिम विसर्जन का कोई निश्चित समय तय नहीं किया है, लेकिन 25 सितंबर की पूरी रात सड़क पर रहने के बाद 26 सितंबर की सुबह 10 बजे के बाद प्रतिमा को तराफे के जरिए अरब सागर के गहरे पानी में ले जाकर विसर्जित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष के उत्सव के दौरान भी देश की कई नामचीन हस्तियों ने लालबाग पहुंचकर शीश नवाया था।\n\nइसका आप पर असर\nइस ऐतिहासिक विसर्जन यात्रा और 22 घंटे लंबे जुलूस के चलते मुंबई के जनजीवन और यातायात पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।\n\n• मुंबई के निवासियों के लिए: मध्य और दक्षिण मुंबई के कई प्रमुख मार्ग 25 सितंबर की दोपहर से 26 सितंबर की दोपहर तक पूरी तरह बंद रहेंगे। लालबाग, भायखला और गिरगांव की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों और लोकल ट्रेनों का सहारा लेना होगा।\n• दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं के लिए: विसर्जन जुलूस में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ सकता है। भीड़ प्रबंधन के कड़े नियमों के चलते सुरक्षा जांच और कतारों में लंबा समय बिताना पड़ेगा।\n• स्थानीय कारोबारियों के लिए: जुलूस मार्ग पर स्थित दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षा कारणों से अपनी गतिविधियां नियंत्रित करनी होंगी। हालांकि, खान-पान और पूजा सामग्री बेचने वाले छोटे विक्रेताओं को भारी मांग देखने को मिलेगी।\n• आपातकालीन सेवाओं के लिए: एम्बुलेंस और दमकल वाहनों के लिए विशेष ग्रीन कॉरिडोर और वैकल्पिक लेन की व्यवस्था रहेगी। मार्ग पर पड़ने वाले अस्पतालों में जाने वाले मरीजों को पहले से रूट देखकर निकलने की सलाह दी गई है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह भव्य विसर्जन यात्रा दशकों पुरानी परंपरा, सुरक्षा प्रोटोकॉल और सार्वजनिक श्रद्धा के तय नियमों के आधार पर आयोजित की जा रही है।\n\n• धार्मिक और पारंपरिक अनुष्ठान: दस दिवसीय गणेशोत्सव के समापन पर अनंत चतुर्दशी काल में प्रतिमाओं का जल विसर्जन सनातन परंपरा का अभिन्न अंग माना जाता है। लालबागचा राजा की विदाई के लिए सुबह की विशेष आरती और दोपहर की उत्तर पूजा का समय पंचांग और पारंपरिक नियमों के तहत निर्धारित किया गया है।\n• विस्तृत रूट और सामाजिक सहभागिता: यात्रा केवल सीधे मार्ग से चौपाटी नहीं जाती, बल्कि विभिन्न ऐतिहासिक मोहल्लों, पुलिस चौकी, दमकल केंद्र और हिंदुस्तान मस्जिद के रास्ते गुजरती है। दो टांकी पर मुस्लिम समुदाय द्वारा स्वागत और दमकल विभाग द्वारा सायरन सलामी की पुरानी रिवायतों को निभाने के कारण यह सफर 21 से 22 घंटे लंबा खिंचता है।\n• समुद्री सुरक्षा और तकनीकी तैयारी: विशाल प्रतिमा को समुद्र की तेज लहरों के बीच सुरक्षित विसर्जित करने के लिए नगर निगम विशेष तराफे (फ्लोटिंग प्लेटफॉर्म) का उपयोग करता है। दिन के उजाले और अनुकूल समुद्री परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही 26 सितंबर की सुबह 10 बजे के बाद गहरे समुद्र में विसर्जन की योजना बनाई गई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. लालबागचा राजा की विसर्जन यात्रा किस तारीख और समय पर शुरू होगी?\nयह विसर्जन यात्रा 25 सितंबर को सुबह 9 बजे से शुरू होगी, जिसमें दोपहर 12 बजे मुख्य मिरवणूक निकलेगी।\n\n2. प्रतिमा को लालबाग से गिरगांव चौपाटी पहुंचने में कितना समय लगेगा?\nरास्ते में कई स्थानों पर स्वागत, आरती और सलामी कार्यक्रमों के चलते इस यात्रा में लगभग 21 से 22 घंटे लगेंगे।\n\n3. दो टांकी इलाके में बप्पा का स्वागत किस तरह किया जाएगा?\nदो टांकी पर मुस्लिम समाज के लोग एकत्रित होकर लालबागचा राजा का स्वागत करेंगे और प्रतिमा को पुष्पहार अर्पित करेंगे।\n\n4. मुंबई अग्निशमन दल बप्पा को किस प्रकार सलामी देगा?\nजब यात्रा फायर ब्रिगेड मुख्यालय के सामने पहुंचेगी, तब दमकल कर्मी अपने वाहनों के सायरन बजाकर बप्पा को विशेष सलामी देंगे।\n\n5. अरब सागर में बप्पा का अंतिम विसर्जन कब संपन्न होगा?\nपूरी रात की यात्रा के बाद 26 सितंबर को सुबह 10 बजे के बाद विशेष तराफे के जरिए समुद्र में विसर्जन किया जाएगा।",
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  "category": "महाराष्ट्र",
  "publishedAt": "2026-09-24",
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    "गणेश विसर्जन",
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