लातूर में भयंकर सूखा के बाद किसानों पर गिरी आग की दोहरी मार, जलकर खाक हुई गन्ने की फसल महाराष्ट्र के लातूर जिले में सूखे के बीच बिजली की डीपी में शॉर्ट सर्किट होने से किसानों की गन्ने की फसल जलकर राख हो गई। इस हादसे में करीब चार लाख पचास हजार रुपये का भारी नुकसान हुआ है। महाराष्ट्र के लातूर जिले से किसानों की बदहाली और उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिरने की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जहाँ एक तरफ किसान पहले से ही सूखे की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आग लगने की दुर्घटना ने उनके जख्मों को और गहरा कर दिया है। खेतों में लहलहाती हरी-भरी गन्ने की फसल अब केवल काले अवशेषों में तब्दील हो चुकी है, जिससे अन्नदाताओं की उम्मीदें और उनके परिवारों के बेहतर भविष्य के सपने पूरी तरह झुलस गए हैं। यह पूरी दुर्घटना लातूर जिले के चाकूर तालुका के अंतर्गत आने वाले बेलगाव गाँव में घटी है, जिसने स्थानीय ग्रामीण इलाके में चिंता की लहर पैदा कर दी है। शॉर्ट सर्किट से बर्बाद हुई किसानों की पूंजी मिली जानकारी के अनुसार, इस दिल दहला देने वाली घटना के पीछे बिजली वितरण प्रणाली की लापरवाही और तकनीकी खामी जिम्मेदार है। गाँव में बिजली वितरण व्यवस्था की डीपी पर अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया, जिसकी चिंगारियों ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस शॉर्ट सर्किट की वजह से अशोकराव वाकले और किशनराव वाकले के खेतों में खड़ी गन्ने की फसल आग की चपेट में आ गई। चंद मिनटों में ही आग ने पूरे खेत के एक बड़े हिस्से को अपने आगोश में ले लिया और आग बुझाने के तमाम प्रयास नाकाफी साबित हुए। लाखों रुपए का नुकसान और गहराता संकट इस भीषण अग्निकांड में लगभग 10 एकड़ में फैली कुल गन्ने की फसल में से तीन से चार एकड़ फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई। शुरुआती आकलन के अनुसार, इस अप्रत्याशित हादसे में प्रभावित किसानों को लगभग चार लाख पचास हजार रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। जरा गहराई से सोचिए कि जिस फसल को उगाने के लिए किसान ने दिन-रात एक किया हो, सिंचाई और खाद-पानी के लिए अपनी जमापूंजी झोंक दी हो, वह फसल जब आँखों के सामने पल भर में राख बन जाए, तो उस परिवार पर क्या गुजरती होगी। यह सिर्फ गन्ने का नुकसान नहीं है, बल्कि किसान की गाढ़ी कमाई और उसकी उम्मीदों पर लगा एक वज्रपात है। सूखे की मार झेल रहे राज्य के हालात बेलगाव गाँव की यह घटना केवल एक साधारण दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में लचर बिजली सुरक्षा और पीड़ित किसानों को तुरंत वित्तीय मदद मुहैया कराने की गंभीर जरूरत पर बड़े सवाल खड़े करती है। इससे ठीक पहले पिछले महीने महाराष्ट्र सरकार ने प्राकृतिक आपदा और सूखे के हालात से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के कुल 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था। राज्य के कुल 358 तालुकों में से 265 तालुकों के सूखाग्रस्त होने का मतलब है कि 75 प्रतिशत महाराष्ट्र में सूखा घोषित हो चुका है। इस विकट परिस्थिति से उबरने के लिए सरकार की तरफ से कई राहत उपायों की घोषणा भी की गई थी, लेकिन मैदानी स्तर पर किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इसका आप पर असर लातूर की इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं के बीच किसानों की वित्तीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे प्रशासन पर त्वरित मुआवजे का दबाव बढ़ा है। • भारत में: ग्रामीण इलाकों में कृषि भूमि के पास गुजरने वाली हाई-वोल्टेज लाइनों और बिजली की डीपी के रखरखाव की मांग तेज हो गई है। ऐसे हादसों से जूझने वाले किसानों के लिए बीमा दावों की प्रक्रिया को आसान बनाने की आवश्यकता है। • महाराष्ट्र में: चाकूर तालुका और पूरे लातूर जिले के प्रभावित किसानों को तुरंत सरकारी मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है। राज्यभर में घोषित सूखे के बीच इस तरह के अग्निकांड किसानों के लिए दोहरी मुसीबत साबित हो रहे हैं। ऐसा क्यों हुआ यह दुर्घटना बिजली वितरण प्रणाली की तकनीकी खामियों और भीषण सूखे के कारण पैदा हुई शुष्क परिस्थितियों की वजह से घटी, जिसने कृषि संकट को और बढ़ा दिया। • शॉर्ट सर्किट की वजह: बेलगाव गाँव में बिजली वितरण व्यवस्था की डीपी में तकनीकी खराबी और शॉर्ट सर्किट होने से निकली चिंगारियों ने सूखी फसल को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया। • सूखे का प्रभाव: राज्य के 358 में से 265 तालुकों में सूखा घोषित होने के कारण खेत और आसपास का वातावरण अत्यधिक सूखा था, जिससे आग बहुत तेजी से फैली। • प्रशासनिक कदम: पिछले महीने ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के 75 प्रतिशत हिस्से को सूखा प्रभावित घोषित किया था ताकि राहत उपाय लागू किए जा सकें। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस जगह पर हुई है? यह घटना महाराष्ट्र के लातूर जिले के चाकूर तालुका के बेलगाव गाँव में हुई है। 2. गन्ने की फसल में आग लगने का क्या कारण था? बिजली वितरण व्यवस्था की डीपी में शॉर्ट सर्किट होने के कारण खेत में खड़ी फसल में आग लग गई। 3. इस अग्निकांड में कितनी फसल जलकर खाक हुई है? लगभग 10 एकड़ में लगी गन्ने की फसल में से तीन से चार एकड़ फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई। 4. किसानों को कुल कितने का नुकसान हुआ है? इस दुर्घटना में लगभग चार लाख पचास हजार रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। 5. महाराष्ट्र सरकार ने सूखे को लेकर क्या कदम उठाया था? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के 358 में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया था। https://trendkia.com/maharashtra/latura-men-bhaynkara-sukha-ke-bada-kisanon-para-giri-aga-ki-dohari-mara-jalakara-khaka-hui-sugarcane-phasala-51829 TrendKia — Har trend, sabse pehle.