# महाराष्ट्र के अकोला में सेंट्रल बैंक से 1.07 करोड़ रुपये के गहने चोरी, दैनिक सफाईकर्मी पर लगा धोखाधड़ी का आरोप

> महाराष्ट्र के अकोला स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से 715.044 ग्राम सोने के आभूषण गायब हो गए हैं। इस मामले में पुलिस ने 29 वर्षीय अनुबंध सफाईकर्मी वैभव धनराज कोल्हे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-09-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/maharashtra-ke-akola-men-central-bank-se-1-07-karora-rupaye-ke-gahane-chori-dainika-saphaikarmi-para-laga-dhokhadhari-ka-aropa-27205 · **Language:** Hindi
**Tags:** सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, अकोला बैंक चोरी, लॉकर से सोना गायब, अकोला पुलिस, बैंक सुरक्षा

महाराष्ट्र के अकोला शहर में स्थित एक प्रमुख राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में बड़ी वित्तीय अनियमितता और चोरी का मामला प्रकाश में आया है। महात्मा गांधी रोड पर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा के लॉकर से 1 करोड़ 7 लाख 25 हजार 660 रुपये मूल्य के सोने के जेवर अचानक गायब पाए गए। गायब हुए सोने के आभूषणों का कुल वजन लगभग 715.044 ग्राम आंका गया है। इतने बड़े पैमाने पर लॉकर से कीमती आभूषणों के गायब होने की खबर फैलते ही पूरे बैंकिंग प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है, और ग्राहकों के बीच बैंक सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्याप्त हो गई है।

## अस्थाई सफाईकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज
घटना की जानकारी मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस स्टेशन की टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। पुलिस जांच के अनुसार, बैंक में दैनिक वेतन के आधार पर कार्यरत 29 वर्षीय सफाईकर्मी वैभव धनराज कोल्हे के खिलाफ आपराधिक मामला पंजीकृत किया गया है। आरोपी वैभव अकोला जिले के ही बोरगांव खुर्द क्षेत्र का निवासी है। पुलिस के आधिकारिक विवरण के मुताबिक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 52 वर्षीय क्षेत्रीय प्रमुख पंकज कुमार कमला प्रसाद श्रीवास्तव शाखा में दैनिक सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए अधिकृत थे, और उन्हीं के प्रशासनिक अधिकार के तहत वैभव कोल्हे को बैंक परिसर में सफाई कार्य के लिए रखा गया था।

## डिमांड लोन की ऑडिट में खुली पोल
बैंक में हुई इस बड़ी हेराफेरी का खुलासा नियमित वित्तीय जांच के दौरान हुआ। 28 अगस्त 2026 से 29 अगस्त 2026 की समयावधि के दौरान जब बैंक प्रबंधन द्वारा डिमांड लोन से संबंधित वित्तीय लेन-देन की गहन समीक्षा की जा रही थी, तब खातों में गंभीर विसंगतियां सामने आईं। इसके बाद जब लॉकर में सुरक्षित रखे गए गिरवी सोने की भौतिक जांच की गई, तो पता चला कि 715.044 ग्राम कीमती आभूषण गायब थे। प्राथमिक तफ्तीश में यह बात पुख्ता हुई है कि डिमांड लोन प्रक्रिया में चालाकी से धोखाधड़ी करके लॉकर में रखी संपत्ति की चोरी की गई है।

## सुरक्षा प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
अकोला पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से तहकीकात कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एक दैनिक सफाई कर्मचारी की बैंक के अति-सुरक्षित लॉकर क्षेत्र तक पहुंच कैसे संभव हुई। जांच अधिकारी इस पहलू पर भी काम कर रहे हैं कि चोरी किए गए सोने को कहां छिपाया गया है और क्या इस वारदात में बैंक के किसी अन्य अंदरूनी कर्मचारी या बाहरी गिरोह की संलिप्तता है। इतने बड़े वित्तीय संस्थान के भीतर सुरक्षा मानकों में इतनी बड़ी चूक ने बैंक की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

## अन्य राज्यों में भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
बैंकों के लॉकर या गिरवी रखे सोने के गायब होने की यह कोई इकलौती घटना नहीं है। इससे पहले झारखंड राज्य के जमशेदपुर शहर में स्थित केनरा बैंक की कबीर मेमोरियल शाखा से भी इसी प्रकार का चौंकाने वाला मामला सामने आया था। वहां गोल्ड लोन योजना के तहत बैंक में सुरक्षा के तौर पर रखे गए 1 करोड़ 10 लाख 48 हजार रुपये मूल्य के सोने के गहने अचानक गायब हो गए थे, जिसके बाद पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस तरह की घटनाओं से बैंकिंग ग्राहकों का भरोसा लगातार डगमगा रहा है।

## इसका आप पर असर
बैंक लॉकर से सोने की चोरी की इस घटना ने बैंक जमाकर्ताओं और गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों के बीच सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है।

- **भारत में:** राष्ट्रीयकृत बैंकों में लॉकर सुरक्षा नियमों को कड़ा किया जा सकता है। इससे सभी बैंक ग्राहकों को अपने लॉकर एक्सेस और गिरवी रखे सामान के ऑडिट विवरण की दोबारा जांच करनी होगी।
- **महाराष्ट्र में:** राज्य भर की बैंक शाखाओं में आउटसोर्स और अनुबंध कर्मचारियों के पृष्ठभूमि सत्यापन के नियम सख्त होंगे। बैंक शाखाएं अनुबंध कर्मचारियों की लॉकर रूम तक पहुंच पर तत्काल रोक लगा सकती हैं।
- **अकोला में:** सेंट्रल बैंक की एमजी रोड शाखा के खाताधारक अपने लॉकर सामान की स्थिति जानने के लिए शाखा का रुख कर सकते हैं। प्रभावित शाखा में नई लॉकर एक्सेस प्रक्रियाएं लागू होने तक सेवाएं धीमी हो सकती हैं।
- **सोना गिरवी रखने वालों के लिए:** डिमांड लोन या गोल्ड लोन के तहत गहने रखने वाले ग्राहकों को रसीद और वजन के रिकॉर्ड संभाल कर रखने चाहिए। बैंक में किसी गबन की स्थिति में क्लेम प्रक्रिया के लिए यह दस्तावेज सबसे महत्वपूर्ण प्रमाण होते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. अकोला में सेंट्रल बैंक की किस शाखा से सोना गायब हुआ है?
यह घटना अकोला के महात्मा गांधी रोड पर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में हुई है।

### 2. गायब हुए सोने के आभूषणों का कुल मूल्य और वजन कितना है?
गायब हुए सोने के गहनों की कुल कीमत 1,07,25,660 रुपये है और उनका कुल वजन 715.044 ग्राम है।

### 3. पुलिस ने इस मामले में किसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है?
पुलिस ने बैंक में दैनिक वेतन पर सफाईकर्मी के रूप में काम करने वाले 29 वर्षीय वैभव धनराज कोल्हे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

### 4. बैंक में धोखाधड़ी की इस घटना का पता कैसे चला?
28 से 29 अगस्त 2026 के बीच डिमांड लोन से जुड़े खातों की जांच के दौरान वित्तीय अनियमिताओं और लॉकर से गहने गायब होने का खुलासा हुआ।

### 5. आरोपी सफाईकर्मी को किसने नियुक्त किया था?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 52 वर्षीय क्षेत्रीय प्रमुख पंकज कुमार कमला प्रसाद श्रीवास्तव ने अपनी प्रशासनिक शक्तियों के तहत उसे सफाई कार्य पर रखा था।

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