महाराष्ट्र के भिवंडी में खतरनाक घोषित इमारत गिरी, मलबे में कई लोग फंसे भिवंडी के नारपोली इलाके में खतरनाक घोषित की जा चुकी चार मंजिला कोहिनूर बिल्डिंग का हिस्सा ढह गया, जिसमें मजदूर और एक परिवार मलबे में फंस गए। NDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं और अब तक एक महिला को सुरक्षित निकाला जा चुका है। महाराष्ट्र के भिवंडी शहर से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां नारपोली इलाके के भंडारी कंपाउंड में बनी चार मंजिला पुरानी कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। इस हादसे की चपेट में बिल्डिंग में काम कर रहे कुछ मजदूर और वहां रह रहे एक परिवार के सदस्य आ गए, जो मलबे के नीचे दब गए। हादसे के फंसे लोगों की संख्या को लेकर दिनभर अलग-अलग जानकारी सामने आई। शुरुआती रिपोर्टों में करीब 8 से 10 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई थी, जबकि बाद में मेयर नारायण चौधरी और विधायक महेश चौगुले, दोनों ने बताया कि इमारत के अंदर करीब छह या सात लोग मौजूद थे, जिनमें वहां काम कर रहे मजदूर भी शामिल हैं। घायलों और हताहतों की पुख्ता संख्या को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी बिल्डिंग गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। खबर मिलते ही स्थानीय फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। इसी दौरान NDRF की टीम ने एक महिला को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला और उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। बाकी बचे लोगों को ढूंढने और सुरक्षित निकालने का काम अब भी जारी है। पहले से ही खतरनाक घोषित थी बिल्डिंग मिली जानकारी के अनुसार, कोहिनूर बिल्डिंग को नगर निगम पहले ही खतरनाक करार दे चुका था और इसे कैटेगरी-सी में डाला गया था, जिसका सीधा मतलब है कि इस इमारत में रहना जोखिम भरा माना गया था और निवासियों को इसे खाली करने के निर्देश दिए गए थे। इस आदेश के बाद बिल्डिंग में रहने वाले ज्यादातर परिवार वहां से जा चुके थे। हालांकि एक परिवार अभी भी वहीं रुका हुआ था क्योंकि वह अपने घर में कुछ मरम्मत का काम करवा रहा था। दुर्भाग्य से मरम्मत के इसी दौरान बिल्डिंग का हिस्सा गिर पड़ा और इसकी चपेट में वह परिवार तथा वहां काम कर रहे मजदूर आ गए। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है ताकि मलबे में फंसे बाकी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। प्रशासन ने घटनास्थल के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना दिया है ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। साथ ही प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और रेस्क्यू टीमों के काम में दखल न दें। भीड़ बढ़ने से रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हो सकता है, इसलिए स्थानीय पुलिस को भी इलाके में तैनात कर दिया गया है। BNCMC के मेयर नारायण चौधरी ने जानकारी देते हुए कहा, "इमारत से बचाए गए लोगों को गायत्री मंदिर-गीता हॉल में ठहराया गया है।" उन्होंने आगे बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि बिल्डिंग के अंदर करीब छह या सात कर्मचारी मौजूद थे और फायर ब्रिगेड, NDRF तथा पुलिस, तीनों की पूरी टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं। विधायक महेश चौगुले ने बताई पूरी घटना भिवंडी वेस्ट के विधायक महेश चौगुले ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह इमारत नारपोली के भंडारी कंपाउंड में स्थित कोहिनूर बिल्डिंग है और इसके ठीक बगल में एक और बिल्डिंग भी मौजूद है। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने इसे कैटेगरी-सी में रखते हुए खतरनाक घोषित किया था और बिल्डिंग को खाली भी करा लिया गया था, लेकिन ग्राउंड फ्लोर पर कुछ लोग काम कर रहे थे। विधायक चौगुले ने कहा, "करीब छह या सात लोग फंसे हो सकते हैं, जिनमें वहां काम कर रहे मजदूर भी शामिल हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि NDRF की टीम मौके पर पहुंच चुकी है, पुलिस भी तैनात है और नगर निगम की पूरी टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है। फिलहाल हादसे में घायल हुए या जान गंवाने वाले लोगों की सही संख्या को लेकर प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बचाव दल मलबा हटाकर बाकी फंसे लोगों तक पहुंचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसका आप पर असर इस तरह की घटनाएं जर्जर इमारतों में रहने के खतरे को उजागर करती हैं। • भारत में: यह हादसा दिखाता है कि खतरनाक घोषित की जा चुकी पुरानी इमारतों में रहना या वहां मरम्मत का काम कराना कितना जोखिम भरा हो सकता है, चाहे शहर कोई भी हो। • भिवंडी में: नारपोली और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को फिलहाल घटनास्थल के पास जाने से बचना चाहिए, अफवाहों पर ध्यान न देकर प्रशासन की अपील का पालन करना चाहिए और रेस्क्यू टीमों के काम में सहयोग करना चाहिए। सवाल-जवाब 1. भिवंडी में यह हादसा कहां हुआ? नारपोली इलाके के भंडारी कंपाउंड में स्थित चार मंजिला कोहिनूर बिल्डिंग में यह हादसा हुआ। 2. हादसे में कितने लोगों के फंसे होने की आशंका है? शुरुआती रिपोर्टों में 8 से 10 लोगों की बात कही गई थी, जबकि मेयर और विधायक ने बाद में बताया कि करीब छह या सात लोग फंसे हो सकते हैं। 3. क्या बिल्डिंग पहले से खतरनाक घोषित थी? हां, नगर निगम ने इसे कैटेगरी-सी में रखते हुए खतरनाक घोषित किया था और खाली करने को कहा था। 4. जब बिल्डिंग खाली करा ली गई थी तो लोग वहां क्यों थे? एक परिवार अपने घर में मरम्मत का काम करवा रहा था और कुछ मजदूर भी उसी दौरान वहां काम कर रहे थे। 5. रेस्क्यू ऑपरेशन में कौन-कौन शामिल है? फायर ब्रिगेड, NDRF और स्थानीय पुलिस मिलकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं। 6. अब तक किसे सुरक्षित बाहर निकाला गया है? NDRF की टीम ने मलबे से एक महिला को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा है। 7. बचाए गए लोगों को कहां ठहराया गया है? बचाए गए लोगों को गायत्री मंदिर-गीता हॉल में ठहराया गया है। 8. प्रशासन ने लोगों से क्या अपील की है? प्रशासन ने अफवाहों पर ध्यान न देने और रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा न डालने की अपील की है। https://trendkia.com/maharashtra/maharashtra-ke-bhiwandi-men-khataranaka-ghoshita-imarata-giri-malabe-men-kai-loga-phnse-12286 TrendKia — Har trend, sabse pehle.