महाराष्ट्र के गडचिरोली में सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत, NHRC ने राज्यों को वेनम भंडार बढ़ाने के दिए निर्देश राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने गडचिरोली और चित्रकूट में सांप के काटने से हुई मौतों के बाद राज्यों को संवेदनशील इलाकों में एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और आदिवासी छात्रावासों की सुरक्षा समीक्षा करने का निर्देश दिया है। सांप के काटने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC ने अब देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने अलग-अलग राज्यों से जुड़े दो मामलों पर खुद संज्ञान लेते हुए कहा है कि दूरदराज और सांप काटने की घटनाओं वाले इलाकों में एंटी-स्नेक वेनम यानी ASV की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ितों को समय रहते जानलेवा हालात से बचाया जा सके। राज्यों को क्या करने के लिए कहा गया सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली NHRC की पीठ ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे अपने यहां सांप काटने के लिहाज से संवेदनशील इलाकों को पहले चिन्हित करें। इसके साथ ही ऐसी घटनाओं से जुड़ा पूरा आंकड़ा जुटाने और उन क्षेत्रों में स्वास्थ्य तथा आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे किसी भी पीड़ित को अस्पताल तक पहुंचने में देरी न हो। आदिवासी छात्रावासों की सुरक्षा पर भी सवाल जंगलों और दूरदराज इलाकों में चलने वाली आश्रम शालाओं तथा आदिवासी व अन्य आवासीय छात्रावासों को लेकर भी आयोग ने गंभीर चिंता जताई है। NHRC ने कहा है कि इन छात्रावासों के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाए। इसमें पर्याप्त बेड या खाट का इंतजाम, वार्डन और अन्य कर्मचारियों की पर्याप्त मौजूदगी, छात्र-छात्राओं के लिए सुरक्षित सोने की व्यवस्था, परिसर की सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता मिलना शामिल है। गडचिरोली में तीन छात्राओं की जान गई NHRC के सामने आए दो मामलों में से पहला महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले से जुड़ा है। यहां एक आदिवासी आवासीय स्कूल के छात्रावास में सांप के काटने से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद छात्रावास में मौजूद बुनियादी सुविधाओं और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए थे, जिसके बाद आयोग ने इस मामले पर खुद संज्ञान लिया। चित्रकूट में समय पर नहीं मिला वेनम दूसरा मामला उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से जुड़ा है। आरोप है कि यहां सांप के काटने के शिकार हुए एक व्यक्ति को इलाज के दौरान समय पर एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध नहीं हो सका, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। दोनों ही मामलों में NHRC ने संबंधित अधिकारियों से तय समय सीमा के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है, ताकि यह साफ हो सके कि जमीनी स्तर पर अब तक क्या सुधार किए गए हैं। इसका आप पर असर अगर NHRC के निर्देशों पर सही तरीके से अमल हुआ, तो दूरदराज और जंगली इलाकों में रहने वाले लोगों को सांप काटने के बाद वेनम के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। • भारत में: सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां एंटी-स्नेक वेनम का पर्याप्त भंडार रखना होगा। इसका मतलब है कि ग्रामीण और वनवासी इलाकों के अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में अब वेनम की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी। • गडचिरोली, महाराष्ट्र में: आदिवासी आवासीय स्कूल के छात्रावास में तीन छात्राओं की मौत के बाद अब वहां के छात्रावासों की सुरक्षा जांच होगी। अभिभावक उम्मीद कर सकते हैं कि बेड, वार्डन, स्टाफ और सुरक्षित सोने की व्यवस्था जैसी बुनियादी चीजें जल्द सुधरेंगी। • चित्रकूट, उत्तर प्रदेश में: यहां वेनम न मिलने से हुई मौत के बाद अधिकारियों को तय समय में एक्शन टेकन रिपोर्ट देनी होगी। इससे स्थानीय अस्पतालों में वेनम की उपलब्धता को लेकर जवाबदेही तय होगी। • आदिवासी छात्रावासों के छात्र-छात्राओं के लिए: जंगलों में बने छात्रावासों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा होगी। छात्रों के परिजन अब सुरक्षित सोने की जगह और आपात मेडिकल मदद की बेहतर व्यवस्था की उम्मीद कर सकते हैं। • स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए: संवेदनशील इलाकों में तैनात डॉक्टरों और स्टाफ को वेनम स्टॉक और आपातकालीन सुविधाओं को अपडेट रखने के निर्देशों का पालन करना होगा। ऐसा क्यों हुआ NHRC ने ये निर्देश दो मौतों के बाद दिए हैं, जिनमें दोनों जगह वेनम या सुरक्षा इंतजामों की कमी सामने आई। आयोग ने साफ किया है कि इन इलाकों में बुनियादी सुविधाएं जुटाना क्यों जरूरी है। • वेनम की कमी: चित्रकूट में आरोप है कि पीड़ित को समय पर एंटी-स्नेक वेनम नहीं मिल सका, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। इससे पता चलता है कि दूरदराज इलाकों के अस्पतालों में वेनम का स्टॉक अक्सर पर्याप्त नहीं होता। • छात्रावासों में सुरक्षा इंतजामों की कमी: गडचिरोली में तीन छात्राओं की मौत के बाद छात्रावास की बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। आयोग ने इसीलिए बेड, वार्डन, स्टाफ और सुरक्षित सोने की व्यवस्था की समीक्षा का निर्देश दिया है। • अभी जांच जारी है: दोनों मामलों में सटीक चूक अभी तय होनी बाकी है, इसीलिए NHRC ने अधिकारियों से तय समय सीमा में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। • आगे क्या होगा: राज्यों को अब संवेदनशील इलाकों की पहचान, आंकड़े जुटाने और स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने का काम करना होगा, जिसकी रिपोर्ट आयोग को देनी होगी। सवाल-जवाब 1. NHRC ने किन दो मामलों पर संज्ञान लिया? गडचिरोली, महाराष्ट्र में तीन आदिवासी छात्राओं की सांप काटने से मौत और चित्रकूट, उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति की एंटी-स्नेक वेनम न मिलने से मौत के मामलों पर। 2. आयोग ने राज्यों को मुख्य रूप से क्या निर्देश दिया? सांप काटने के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां एंटी-स्नेक वेनम और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा है। 3. गडचिरोली में क्या हुआ था? एक आदिवासी आवासीय स्कूल के छात्रावास में सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत हो गई थी। 4. चित्रकूट के मामले में क्या आरोप है? आरोप है कि पीड़ित को इलाज के दौरान समय पर एंटी-स्नेक वेनम नहीं मिल सका, जिससे उसकी मौत हो गई। 5. NHRC की पीठ की अध्यक्षता किसने की? सदस्य प्रियंक कानूनगो ने। 6. छात्रावासों के लिए क्या अतिरिक्त निर्देश दिए गए? पर्याप्त बेड या खाट, वार्डन-स्टाफ की मौजूदगी, सुरक्षित सोने की व्यवस्था और आपात चिकित्सा मदद सुनिश्चित करने को कहा गया। 7. आयोग ने अधिकारियों से आगे क्या मांगा है? दोनों मामलों में तय समय सीमा के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। https://trendkia.com/maharashtra/maharashtra-ke-gadchiroli-men-sanpa-ke-katane-se-tina-adivasi-chhatraon-ki-mauta-nhrc-ne-rajyon-ko-venama-bhndara-barhane-ke-die-n-29385 TrendKia — Har trend, sabse pehle.