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  "title": "महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: पुणे शिक्षक सीट पर शिवसेना का निर्दलीय को खुला समर्थन, महायुति में खींचतान तेज",
  "summary": "महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों के चुनाव से पहले महायुति में सियासी घमासान तेज हो गया है। पुणे में बीजेपी उम्मीदवार के खिलाफ एकनाथ शिंदे ने निर्दलीय सचिन सानप को पूरा समर्थन दे दिया है।",
  "content": "महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों पर होने जा रहे आगामी चुनाव से ठीक पहले राज्य के सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में खींचतान खुलकर सतह पर आ गई है। गठबंधन सहयोगियों के बीच सीटों के तालमेल और उम्मीदवारी को लेकर अंदरूनी मतभेद गहराते जा रहे हैं। अमरावती से लेकर पुणे तक कई सीटों पर सहयोगी दल आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं, जिससे चुनावी सरगर्मी काफी बढ़ गई है।\n\nपुणे शिक्षक सीट पर बीजेपी के सामने निर्दलीय को शिवसेना का सहारा\nपुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सियासी घटनाक्रम ने बेहद दिलचस्प मोड़ ले लिया है। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने कौस्तुभ गावडे को अपना आधिकारिक प्रत्याशी बनाया है। वहीं दूसरी ओर, राज्य के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने इस सीट पर निर्दलीय ताल ठोक रहे सचिन सानप को अपना खुला और सौ फीसदी समर्थन देने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। सचिन सानप महाराष्ट्र सरकार के उद्योग मंत्री उदय सामंत के पूर्व ओएसडी रह चुके हैं।\n\nडिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने गुरुवार देर रात स्पष्ट किया कि शिवसेना का पूरा संगठनात्मक ढांचा सचिन सानप के पक्ष में मजबूती से खड़ा रहेगा। इतना ही नहीं, शिवसेना के कार्यकर्ता और नेता उनके चुनाव प्रचार अभियान में भी पूरी सक्रियता से उतरेंगे। सत्ताधारी गठबंधन के एक प्रमुख घटक द्वारा अपने ही साथी दल के आधिकारिक उम्मीदवार के विरोध में निर्दलीय प्रत्याशी की पीठ थपथपाने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।\n\nसीट पर कब्जे की जंग और उम्मीदवारी वापसी का घटनाक्रम\nपुणे शिक्षक सीट पर इस टकराव की पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी। दरअसल, शिवसेना इस सीट से अपना खुद का प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारने की इच्छुक थी। इसके विपरीत बीजेपी ने यह सीट अपने पास रखी और कौस्तुभ गावड़े को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इसके जवाब में एकनाथ शिंदे ने अपने बेहद करीबी मंगेश चिवटे को एबी फॉर्म सौंपकर मुकाबले में उतारने का प्रयास किया था, लेकिन राजनीतिक समीकरणों और दबाव के चलते बाद में मंगेश चिवटे को अपना नामांकन वापस लेना पड़ा था।\n\nमंगेश चिवटे की उम्मीदवारी हटने के बाद भी शिवसेना ने मैदान खाली नहीं छोड़ा। मंत्री उदय सामंत के पूर्व ओएसडी सचिन सानप ने निर्दलीय पर्चा भरा और अब उन्हें शिवसेना का सीधा समर्थन हासिल हो गया है। इससे यह मुकाबला त्रिकोणीय और बेहद कड़ा हो गया है, जहां गठबंधन के दोनों बड़े दल अपने-अपने प्रभाव की आजमाइश कर रहे हैं।\n\nअमरावती में भी बागी बिगाड़ रहे खेल\nगठबंधन के भीतर यह टकराव केवल पुणे तक सीमित नहीं है। अमरावती सीट पर भी स्थिति बेहद पेचीदा बनी हुई है। महायुति के सीट बंटवारे में अमरावती सीट शिवसेना के हिस्से में आई थी और पार्टी ने वहां अपना उम्मीदवार उतारा है। इसके बावजूद, बीजेपी के बागी नेता ने शिवसेना प्रत्याशी के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करते हुए ताल ठोक रखी है।\n\nअमरावती के मैदान में महायुति ही नहीं बल्कि विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी में भी बगावत देखने को मिल रही है। दोनों गठबंधनों के कई बागी और स्वतंत्र चेहरे चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर कांग्रेस पार्टी की तरफ से अदिति पोहरे अपनी किस्मत आजमा रही हैं। ऐसे में बागियों की मौजूदगी ने दोनों खेमों के चुनावी गणित को उलझा दिया है।\n\nतनाव के बीच एकनाथ शिंदे ने जताया जीत का भरोसा\nपुणे शिक्षक सीट को लेकर कई दिनों से जारी अनिश्चितता और सस्पेंस पर आखिरकार एकनाथ शिंदे ने अपनी चुप्पी तोड़ी। पुणे में दिए गए अपने वक्तव्य में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सचिन सानप को शिवसेना का पूरा सौ फीसदी समर्थन प्राप्त है। जब उनसे महायुति के सभी दलों द्वारा एकजुट होकर चुनाव लड़ने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव महायुति के रूप में ही लड़ा जा रहा है, हालांकि कुछ स्थानों पर अपवाद की स्थिति बन जाती है।\n\nडिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि इन तमाम स्थानीय मतभेदों और अपवादों के बावजूद महायुति सभी 5 सीटों पर शानदार जीत दर्ज करेगी। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पुणे में बीजेपी के कौस्तुभ गावड़े के मुकाबले शिवसेना समर्थित सचिन सानप के उतरने और अमरावती में बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी से गठबंधन की साख और जमीनी तालमेल दोनों की कड़ी परीक्षा होने जा रही है।\n\nइसका आप पर असर\nमहाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर खुले टकराव से राज्य के नीतिगत फैसलों और स्थानीय शिक्षक-कर्मचारी मुद्दों के प्रतिनिधित्व पर सीधा असर पड़ सकता है।\n\n• महाराष्ट्र के मतदाताओं के लिए: शिक्षक और स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों में गठबंधन दलों के आमने-सामने होने से मतदाताओं के सामने स्पष्ट विकल्प चुनने की चुनौती खड़ी हो गई है। बागियों और निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में रहने से चुनाव परिणाम काफी अप्रत्याशित हो सकते हैं।\n• पुणे निर्वाचन क्षेत्र में: पुणे शिक्षक सीट पर बीजेपी और शिवसेना के अलग-अलग प्रत्याशियों के प्रचार में उतरने से शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान बंटने की संभावना है। स्थानीय शिक्षकों को अपनी मांगों के लिए दोनों खेमों के चुनावी वादों का बारीकी से मूल्यांकन करना होगा।\n• अमरावती क्षेत्र में: अमरावती में आधिकारिक और बागी दोनों उम्मीदवारों के सक्रिय रहने से प्रशासनिक और राजनीतिक प्राथमिकताओं में असमंजस बना रहेगा। मतदान के दौरान वोटों का बंटवारा स्थानीय चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।\n• गठबंधन सरकार के कामकाज पर: सहयोगी दलों के बीच चुनावी तनातनी का असर आगामी दिनों में राज्य सरकार के संयुक्त अभियानों और साझा फैसलों पर दिखाई दे सकता है। गठबंधन के नेताओं को आपसी खींचतान सुलझाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे।\n\nऐसा क्यों हुआ\nविधान परिषद चुनाव में सीट बंटवारे पर असहमति और जमीनी प्रभाव बनाए रखने की होड़ के कारण महायुति गठबंधन में यह विवाद पैदा हुआ है।\n\n• सीटों पर वर्चस्व का विवाद: पुणे शिक्षक सीट पर शिवसेना अपना उम्मीदवार उतारना चाहती थी, लेकिन बीजेपी ने सीट अपने पास रखकर कौस्तुभ गावडे को मैदान में उतार दिया। इस फैसले से शिवसेना कार्यकर्ताओं में असंतोष पैदा हुआ।\n• उम्मीदवारी वापस लेने की मजबूरी: एकनाथ शिंदे के करीबी मंगेश चिवटे को नामांकन वापस लेना पड़ा, जिसके बाद पार्टी ने उदय सामंत के पूर्व सहयोगी सचिन सानप को निर्दलीय के रूप में खुला समर्थन देने का रास्ता चुना।\n• अमरावती में सीट समन्वय का अभाव: अमरावती सीट शिवसेना के खाते में जाने के बावजूद स्थानीय बीजेपी नेता ने बगावत कर दी, जिससे गठबंधन का औपचारिक सीट समझौता जमीनी स्तर पर टूट गया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. महाराष्ट्र विधान परिषद की कितनी सीटों पर चुनाव हो रहा है?\nमहाराष्ट्र विधान परिषद की कुल 5 सीटों पर चुनाव हो रहा है।\n\n2. पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी का उम्मीदवार कौन है?\nपुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के आधिकारिक उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे हैं।\n\n3. एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने पुणे में किसे समर्थन दिया है?\nएकनाथ शिंदे की शिवसेना ने निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप को सौ फीसदी समर्थन देने का ऐलान किया है।\n\n4. सचिन सानप का किस मंत्री से जुड़ाव रहा है?\nसचिन सानप महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत के पूर्व ओएसडी रह चुके हैं।\n\n5. अमरावती विधान परिषद सीट पर कांग्रेस की प्रत्याशी कौन हैं?\nअमरावती सीट पर कांग्रेस पार्टी की ओर से अदिति पोहरे चुनावी मैदान में हैं।\n\n6. पुणे सीट पर पहले किस शिवसेना नेता ने नामांकन वापस लिया था?\nपुणे सीट पर एकनाथ शिंदे के करीबी मंगेश चिवटे ने एबी फॉर्म मिलने के बाद अपना नामांकन वापस लिया था।",
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  "category": "महाराष्ट्र",
  "publishedAt": "2026-10-16",
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