मुंबई के आलीशान पांच सितारा होटल में डाइनिंग टेबल पर रेंगता मिला कॉकरोच, डॉक्टर ने खाना छोड़ एफडीए को लगाई गुहार मुंबई के एक प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटल में डिनर के दौरान टेबल पर कीड़ा नजर आने के बाद जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ ने भोजन छोड़ दिया और महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के एक प्रतिष्ठित पांच सितारा होटल में स्वच्छता को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है. होटल के रेस्तरां में रात का भोजन करने पहुंचे जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ और फोर्टिस हेल्थकेयर के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ की टेबल पर अचानक एक कॉकरोच रेंगता हुआ दिखाई दिया. खाने के बर्तनों के बिल्कुल करीब इस कीड़े को देखकर डॉक्टर ने तुरंत भोजन बीच में ही छोड़ दिया और पूरे वाकये का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंडे का ध्यान इस ओर खींचा. डिनर की टेबल पर बर्तनों के पास दिखा कीड़ा यह अप्रिय वाकया शनिवार की रात सहार स्थित जेडब्ल्यू मैरियट के रोमानो रेस्तरां में घटा. डॉ. अशोक सेठ वहां कुछ मेहमानों के साथ भोजन कर रहे थे. उसी दौरान उनकी डाइनिंग टेबल पर परोसे गए बर्तनों के पास एक नन्हा कॉकरोच घूमता दिखाई दिया. खाने की जगह पर इस तरह की गंदगी देखकर उन्होंने आगे खाना खाने से मना कर दिया और अपनी थाली वहीं छोड़ दी. अगले दिन यानी रविवार की शाम डॉ. सेठ ने इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की. अपनी व्यंग्यात्मक टिप्पणी में उन्होंने लिखा कि देखिए डिनर पर बिन बुलाया मेहमान कौन आ गया है. उन्होंने कहा कि हमारी लाख कोशिशों के बावजूद वह टेबल से हटने को तैयार नहीं था, शायद उसे पास्ता नहीं बल्कि पिज्जा पसंद था. डॉक्टर ने अपनी पोस्ट में महाराष्ट्र एफडीए के आयुक्त तुकाराम मुंडे को सीधे तौर पर टैग करते हुए उम्मीद जताई कि नियामक अधिकारी इस घोर लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेंगे. रसोईघर की साफ-सफाई पर उठाए तीखे सवाल सोमवार को इस घटना पर खुलकर बात करते हुए डॉ. अशोक सेठ ने कहा कि यह केवल एक टेबल का मामला नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी बेहद गंभीर समस्या है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर मेहमानों की डाइनिंग टेबल पर एक कॉकरोच खुलेआम घूम रहा है, तो पूरे विश्वास के साथ समझा जा सकता है कि अंदर रसोईघर में और भी कई कीड़े मौजूद होंगे. यह स्थिति इस बात का प्रमाण है कि इतना महंगा संस्थान स्वच्छता मानकों को लेकर कितना बेपरवाह है. डॉ. सेठ ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके साथ कुछ विदेशी मेहमान भी डिनर में शामिल थे. ऐसे में किसी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लक्जरी होटल में इस तरह का दृश्य दिखना पूरे देश की छवि के लिए शर्मनाक साबित होता है. उनका कहना था कि जब कोई पांच सितारा होटल भोजन और सेवाओं के लिए भारी भरकम बिल वसूलता है, तो उसे हाइजीन और खाद्य सुरक्षा के उच्च मानकों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करना चाहिए. प्रशासन और होटल प्रबंधन के जवाब का इंतजार इस पूरे घटनाक्रम के सार्वजनिक होने के बाद अब तक संबंधित होटल प्रबंधन अथवा महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हालांकि सोशल मीडिया पर यह मामला सामने आने के बाद बड़े होटलों में खानपान की गुणवत्ता, किचन की नियमित जांच और कीट नियंत्रण के दावों को लेकर बहस छिड़ गई है. इसका आप पर असर पांच सितारा होटलों में स्वच्छता की ऐसी चूक आम उपभोक्ताओं और ग्राहकों के लिए खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारों को लेकर सजग रहने का संदेश देती है. • भारत में: महंगे रेस्तरां में भी खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हो सकता है, इसलिए ग्राहकों को सतर्क रहना चाहिए. किसी भी तरह की अस्वच्छता या कीड़े दिखने पर तुरंत बिल और दृश्य का प्रमाण रखकर उपभोक्ता फोरम या खाद्य सुरक्षा आयोग में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. • मुंबई में: महानगर के प्रीमियम रेस्तरां में जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्कता बरतने की जरूरत है. महाराष्ट्र एफडीए को ऐसे मामलों में औचक निरीक्षण तेज करने और सख्त दिशानिर्देश लागू करने के लिए दबाव महसूस हो सकता है. • उपभोक्ता अधिकार: खराब गुणवत्ता या अस्वच्छ भोजन मिलने पर ग्राहक बिल का भुगतान रोकने और शिकायत दर्ज कराने का अधिकार रखते हैं. घटना के तुरंत बाद वीडियो या फोटो साक्ष्य जुटाना नियामक जांच में सबसे बड़ा मददगार साबित होता है. • सार्वजनिक स्वास्थ्य: रेस्तरां के खाने में कीटों की मौजूदगी से पेट में संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का गंभीर खतरा रहता है. खानपान स्थलों को नियमित पेस्ट कंट्रोल और सैनिटेशन ऑडिट का पालन करना अनिवार्य होना चाहिए. ऐसा क्यों हुआ यह घटना लक्जरी रेस्तरां में नियमित पेस्ट कंट्रोल और किचन सैनिटेशन की कथित लापरवाही की वजह से सामने आई, जिसे डॉक्टर ने तुरंत उजागर किया. • सीधा कारण: भोजन परोसने वाले डाइनिंग टेबल के बर्तनों के करीब एक जिंदा कॉकरोच का रेंगना सीधे तौर पर अस्वच्छता का प्रमाण बना. इस दृश्य ने डॉक्टर का ध्यान खींचा और उन्होंने भोजन बीच में ही रोक दिया. • पेस्ट कंट्रोल में चूक: रेस्तरां के डाइनिंग एरिया और किचन में नियमित रासायनिक छिड़काव या कीट रोकथाम प्रक्रियाओं की संभावित नाकामी के चलते यह कीड़ा टेबल तक पहुंच गया. विशेषज्ञ के अनुसार टेबल पर कीड़ा दिखने का मतलब किचन में इनकी बड़ी मौजूदगी हो सकती है. • नियामक को शिकायत: स्वच्छता की इस अनदेखी पर तत्काल संज्ञान दिलाने के लिए डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए राज्य एफडीए प्रमुख को टैग किया. अभी तक न तो होटल प्रबंधन और न ही प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से इस पर कोई अंतिम स्पष्टीकरण आया है. सवाल-जवाब 1. पांच सितारा होटल में कॉकरोच दिखने की यह घटना कब और कहां हुई? यह वाकया शनिवार की रात मुंबई के सहार स्थित जेडब्ल्यू मैरियट होटल के रोमानो रेस्तरां में हुआ. 2. शिकायत करने वाले व्यक्ति कौन हैं? शिकायत करने वाले डॉ. अशोक सेठ हैं, जो जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट और फोर्टिस हेल्थकेयर के चेयरमैन हैं. 3. डॉक्टर ने घटना के बाद क्या कदम उठाया? उन्होंने खाना बीच में ही छोड़ दिया, कॉकरोच का वीडियो बनाया और महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे को टैग कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. 4. डॉ. अशोक सेठ ने रसोईघर की स्वच्छता को लेकर क्या आशंका जताई? उन्होंने कहा कि अगर डाइनिंग टेबल पर एक कॉकरोच मौजूद था, तो पूरी संभावना है कि होटल के किचन में ऐसे और भी कई कीड़े होंगे. 5. क्या होटल प्रबंधन या एफडीए की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है? नहीं, अभी तक इस मामले पर होटल प्रबंधन या महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त की तरफ से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. https://trendkia.com/maharashtra/mumbai-ke-alishana-pancha-sitara-hotala-men-daininga-tebala-para-rengata-mila-kokarocha-doktara-ne-khana-chhora-fda-ko-lagai-guhar-35702 TrendKia — Har trend, sabse pehle.