मुंबई के लिए बड़ी राहत: भारी बारिश के बीच झीलों का जलस्तर 70 प्रतिशत के करीब पहुंचा मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शहर को पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों का जलस्तर तेजी से बढ़कर 69.74 प्रतिशत हो गया है। मोडक सागर इस मानसून में ओवरफ्लो होने वाली चौथी झील बन गई है, जिससे पानी की किल्लत की आशंका खत्म हो गई है। मुंबई के निवासियों के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर सामने आई है। शहर में लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश ने महानगर की जीवनरेखा माने जाने वाले जल स्रोतों को फिर से जीवंत कर दिया है। मुंबई को पीने का पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों के जल भंडार में बहुत तेजी से उछाल देखने को मिला है। बारिश के इस लगातार दौर ने पानी की संभावित किल्लत की चिंताओं को दूर कर दिया है, जिससे आने वाले महीनों के लिए करोड़ों नागरिकों की जल सुरक्षा मजबूत हुई है। 24 घंटे के भीतर जलस्तर में आया भारी उछाल ताजा आंकड़ों के अनुसार, इन सातों महत्वपूर्ण झीलों में कुल जल भंडार अब 69.74 प्रतिशत के शानदार स्तर तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा बुधवार, 22 जुलाई की सुबह 6 बजे से लेकर गुरुवार, 23 जुलाई की सुबह 6 बजे के बीच हुई जोरदार बारिश के बाद दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, महज पिछले 24 घंटों की अवधि के भीतर ही इन जलाशयों के जलस्तर में 7.84 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी हुई है। यह तेज उछाल इस बात का सबूत है कि जलग्रहण क्षेत्रों में कितनी भारी बारिश दर्ज की गई है। ओवरफ्लो होने वाली चौथी झील बनी मोडक सागर इस बीच, मुंबई को पेयजल उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाने वाली मोडक सागर झील भी अपनी पूरी क्षमता तक भर चुकी है। गुरुवार तड़के करीब 2:07 बजे इस झील ने ओवरफ्लो होना शुरू कर दिया। मौजूदा मानसून के मौसम में ओवरफ्लो होने वाली यह चौथी झील बन गई है। मोडक सागर से पहले, विहार, तुलसी और तानसा झीलें भी भारी बारिश के कारण पूरी तरह से भरकर ओवरफ्लो हो चुकी हैं, जो शहर के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत है। बीएमसी ने जताया राहत का अनुमान इन झीलों की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले मोडक सागर झील की अधिकतम जल भंडारण क्षमता 1,28,925 मिलियन लीटर (यानी करीब 12,892.5 करोड़ लीटर) है। बीएमसी के अनुसार, लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सभी जलाशयों में पानी का स्तर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन का मानना है कि जलस्तर में हो रही इस लगातार वृद्धि से आने वाले समय में मुंबई के पेयजल भंडार को लेकर स्थिति काफी सुरक्षित और राहत भरी रहेगी। इसका आप पर असर • भारत में: अच्छी बारिश से देश की आर्थिक राजधानी में कामकाज और औद्योगिक गतिविधियां बिना पानी की रुकावट के सुचारू रूप से चल सकेंगी। • मुंबई में: झीलों के भर जाने से स्थानीय निवासियों को पूरे साल पानी की कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा और रोजमर्रा के जीवन में बड़ी राहत मिलेगी। सवाल-जवाब 1. मुंबई की झीलों में वर्तमान जल भंडार कितना है? गुरुवार 23 जुलाई सुबह 6 बजे तक मुंबई की सात झीलों में कुल जल भंडार 69.74 प्रतिशत तक पहुंच गया है। 2. पिछले 24 घंटों में जलस्तर में कितनी बढ़ोतरी हुई है? पिछले 24 घंटों के दौरान झीलों के जलस्तर में 7.84 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। 3. इस मानसून में कौन सी झील सबसे हाल ही में ओवरफ्लो हुई है? गुरुवार तड़के करीब 2:07 बजे मोडक सागर झील ओवरफ्लो होने लगी है। 4. मोडक सागर से पहले कौन सी झीलें ओवरफ्लो हो चुकी हैं? मोडक सागर से पहले विहार, तुलसी और तानसा झीलें पूरी तरह से भरकर ओवरफ्लो हो चुकी हैं। 5. मोडक सागर झील की जल भंडारण क्षमता कितनी है? इस झील की अधिकतम जल भंडारण क्षमता 1,28,925 मिलियन लीटर (करीब 12,892.5 करोड़ लीटर) है। https://trendkia.com/maharashtra/mumbai-ke-lie-bari-rahata-bhari-barisha-ke-bicha-jhilon-ka-jalastara-70-pratishata-ke-kariba-pahuncha-10067 TrendKia — Har trend, sabse pehle.