# मुंबई में फ्लॉप रहा कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन, आजाद मैदान में नहीं जुटा भीड़ का समर्थन

> मुंबई के आजाद मैदान में कॉकरोच जनता पार्टी का लहरा दो तिरंगा मोर्चा पूरी तरह विफल रहा। पूरे दिन के दौरान वहां 50 से 80 लोग भी एक साथ इकट्ठा नहीं हो सके और आंदोलन का मुद्दा भी बार-बार बदलता रहा।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/mumbai-me-flop-raha-cockroach-janata-party-ka-pradarshan-azad-maidan-me-nahi-juta-bheed-ka-samarthan-48270 · **Language:** Hindi
**Tags:** कॉकरोच जनता पार्टी, मुंबई समाचार, आजाद मैदान, अभिजीत दिपके, विरोध प्रदर्शन

महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से आयोजित किया गया लहरा दो तिरंगा मोर्चा पूरी तरह विफल साबित हुआ है। इस विरोध प्रदर्शन के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का समय तय किया गया था और इसके लिए आधिकारिक अनुमति भी ली गई थी। हालांकि, तय कार्यक्रम के अनुसार मुंबई के प्रसिद्ध आजाद मैदान में आयोजित इस आंदोलन को जनता का समर्थन बिल्कुल नहीं मिला।

## आजाद मैदान में नहीं दिखी भीड़
शुक्रवार को आयोजित किए गए इस मोर्चे में सुबह से लेकर शाम तक केवल गिने-चुने लोग ही नजर आए। स्थिति यह थी कि पूरे कार्यक्रम के दौरान एक भी समय ऐसा नहीं आया जब वहां 50 से 80 लोग भी एक साथ एक जगह पर मौजूद रहे हों। उम्मीद के मुताबिक भीड़ न जुटने के कारण यह पूरा प्रदर्शन कागजी और सीमित होकर रह गया।

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## अलग-अलग विषयों पर भटकता रहा आंदोलन
मुंबई में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक और बात प्रमुखता से सामने आई कि पूरा आंदोलन किसी एक ठोस और मुख्य मुद्दे पर केंद्रित नहीं रह पाया। दिनभर चले इस कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारी लगातार अलग-अलग विषयों और मुद्दों पर अपनी बात रखते रहे, जिससे आंदोलन की दिशा और दशा दोनों ही बिखर गईं।

## दिल्ली में भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में भी लहरा दो तिरंगा अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया था। हालांकि, दिल्ली में प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस हरकत में आ गई और अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया गया, जिसके कारण राजधानी दिल्ली में भी इस पार्टी के प्रदर्शन का कोई असर देखने को नहीं मिला।

## इसका आप पर असर
इस विरोध प्रदर्शन के असफल होने का आम जनता के दैनिक जीवन, यातायात या स्थानीय कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ा है क्योंकि कार्यक्रम में लोगों की उपस्थिति न के बराबर रही।

- **मुंबई में:** आजाद मैदान में आयोजित इस मोर्चे में 50 से 80 लोग भी एकत्र नहीं हुए, जिससे शहर की सामान्य गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
- **राष्ट्रीय स्तर पर:** दिल्ली में पार्टी संस्थापक को हिरासत में लिए जाने के कारण देश भर में इस अभियान का कोई प्रभाव या असर दिखाई नहीं दिया।

## ऐसा क्यों हुआ
यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व द्वारा घोषित 'लहरा दो तिरंगा' अभियान के तहत आयोजित किया गया था, जिसे अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिल पाया।

- **नेतृत्व की गिरफ्तारी:** दिल्ली में प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने से पहले ही पुलिस द्वारा संस्थापक को हिरासत में ले लिया गया, जिससे वहां का कार्यक्रम पूरी तरह से रद्द हो गया।
- **कमजोर संगठन और प्रचार:** मुंबई के आजाद मैदान में उचित प्रचार और जनता के बीच मुद्दों की स्पष्टता न होने के कारण लोग बड़ी संख्या में नहीं पहुंच सके।
- **बिखरते मुद्दे:** आंदोलन के दौरान किसी एक केंद्रित मांग के अभाव में अलग-अलग विषयों पर बात होने से कार्यकर्ताओं और जनता का ध्यान आकर्षित नहीं हो पाया।

## सवाल-जवाब

### 1. कॉकरोच जनता पार्टी के इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस पार्टी ने 'लहरा दो तिरंगा' अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन का एलान किया था।

### 2. मुंबई में यह प्रदर्शन किस स्थान पर आयोजित किया गया था?
यह विरोध प्रदर्शन मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित किया गया था।

### 3. मुंबई के प्रदर्शन में कितने लोग इकट्ठा हुए थे?
पूरे दिन के दौरान एक भी समय ऐसा नहीं आया जब वहां 50 से 80 लोग भी एक साथ नजर आए हों।

### 4. दिल्ली में इस आंदोलन का क्या हस्र हुआ?
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया था।

### 5. मुंबई में प्रदर्शन के लिए कितना समय तय किया गया था?
मुंबई के आजाद मैदान में इस मोर्चे के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक की अनुमति दी गई थी।

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