# मुंबई में टावर पर चढ़कर खुदकुशी की कोशिश करने वाले डॉक्टर राजेंद्र रूपनवर की मौत

> मुंबई के सायन रेलवे स्टेशन पर हाई-टेंशन टावर पर चढ़कर जान देने की कोशिश करने वाले डॉक्टर राजेंद्र रूपनवर की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह आर्म्स लाइसेंस के विवाद और कथित उत्पीड़न से परेशान थे।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-09-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/mumbai-mein-tower-par-chadkar-khudkushi-ki-koshish-karne-wale-doctor-rajendra-rupanwar-ki-maut-25434 · **Language:** Hindi
**Tags:** डॉक्टर राजेंद्र रूपनवर, मुंबई सुसाइड, सायन रेलवे स्टेशन, महाराष्ट्र न्यूज, हॉस्पिटल विवाद, पुलिस जांच

महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी मुंबई के सायन रेलवे स्टेशन के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां हाई-टेंशन बिजली के टावर पर चढ़कर जानलेवा कदम उठाने वाले डॉक्टर राजेंद्र रूपनवर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। सोमवार दोपहर अस्पताल में उनका जीवन समाप्त हो गया। वह सतारा जिले के फलतां उप-जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे और कुछ दिनों पहले उन्हें गंभीर मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने यह极端 कदम उठाया था।

 

## घटना की पूरी पृष्ठभूमि और विवाद

इस पूरे मामले की जड़ें जुलाई महीने में हुए एक विवाद से जुड़ी हुई हैं। फलतां उप-जिला अस्पताल में उस समय तनाव फैल गया था जब प्रसाद कोंडे देशमुख नामक व्यक्ति ने वहां का दौरा किया था। उसने खुद को एक पूर्व मंत्री का निजी सचिव बताया था और अस्पताल प्रशासन पर दबाव बनाते हुए आर्म्स लाइसेंस के लिए बिना किसी कतार या प्रक्रिया के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट की मांग की थी। डॉक्टर राजेंद्र रूपनवर ने नियमों का हवाला देते हुए इस तरह से गैर-कानूनी तरीके से प्रमाण पत्र जारी करने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई थी।

 हालांकि अस्पताल के अन्य उच्च अधिकारियों ने बाद में विवाद को टालने के लिए वह प्रमाण पत्र जारी कर दिया, लेकिन प्रसाद कोंडे देशमुख ने डॉक्टर को गंभीर परिणाम भुगतने की खुली धमकी दी थी। इस घटना के बाद से डॉक्टर लगातार मानसिक तनाव में थे और उनकी परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही थीं।

 

## आंतरिक जांच और धमकियों का दबाव

धमकी मिलने से आहत होकर डॉक्टर राजेंद्र रूपनवर ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा किया था जिसमें उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त करने की घोषणा की थी। इस मामले में संज्ञान लेते हुए फलतां सिटी पुलिस ने लोक सेवक के शासकीय कर्तव्य में बाधा डालने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। लेकिन इस कानूनी कार्रवाई के बाद मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया।

 अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने डॉक्टर राजेंद्र रूपनवर के खिलाफ ही एक आंतरिक जांच बिठा दी। आरोप है कि इस जांच की रिपोर्ट जानबूझकर लटका दी गई और पीड़ित डॉक्टर को उसकी एक प्रति तक मुहैया नहीं कराई गई। इस दोहरी मानसिक प्रताड़ना और प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर डॉक्टर पिछले सप्ताह मुंबई पहुंच गए। वहां उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया जिसमें उन्होंने संबंधित मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की थी।

 

## प्रशासनिक कार्रवाई और पिछले मामले

गुरुवार की सुबह डॉक्टर ने सायन रेलवे स्टेशन के पास हाई-टेंशन बिजली के टावर पर चढ़कर आत्महत्या का प्रयास किया था। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग के कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें नीचे उतारा था। तुरंत उन्हें सीपीआर देकर अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई थी और आखिरकार सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद घटना के बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए संबंधित मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को निलंबित कर दिया है और स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

 चिकित्सकीय पेशे से जुड़े इस तरह के तनाव के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। कुछ महीने पहले नागपुर के धंतोली इलाके में स्थित न्यूरान स्पाइन एंड क्रिटिकल केयर सेंटर में कार्यरत रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर ईश्वर चंद्र नरहरि चांदेकर ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज इंजेक्शन लगाकर अपनी जान दे दी थी।

## इसका आप पर असर
यह घटना स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच के तनाव को उजागर करती है, जिसका असर आम मरीजों की देखभाल पर भी पड़ सकता है।

    - **भारत में:** सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कार्यकुशलता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है।

    - **मुंबई और सतारा में:** फलतां उप-जिला अस्पताल और स्थानीय चिकित्सा केंद्रों में इस घटना के बाद प्रशासनिक फेरबदल और आंतरिक जांच का दौर तेज हो गया है, जिससे मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. डॉक्टर राजेंद्र रूपनवर कहां तैनात थे?
डॉक्टर राजेंद्र रूपनवर सतारा जिले के फलतां उप-जिला अस्पताल में तैनात थे।

### 2. उन्होंने आत्महत्या की कोशिश कहां की थी?
उन्होंने मुंबई के सायन रेलवे स्टेशन के पास हाई-टेंशन बिजली के टावर पर चढ़कर आत्महत्या का प्रयास किया था।

### 3. विवाद की शुरुआत किस बात से हुई थी?
विवाद तब शुरू हुआ जब एक व्यक्ति ने आर्म्स लाइसेंस के लिए बिना बारी के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट की मांग की और डॉक्टर ने नियमों का हवाला देकर मना कर दिया।

### 4. घटना के बाद सरकार ने क्या कार्रवाई की है?
सरकार ने संबंधित मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को निलंबित कर दिया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

### 5. इस मामले में नागपुर से जुड़ी क्या घटना बताई गई है?
रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ महीने पहले नागपुर के धंतोली स्थित न्यूरान स्पाइन एंड क्रिटिकल केयर सेंटर के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर ईश्वर चंद्र नरहरि चांदेकर ने भी एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

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