# मुंबई पुलिस का मादक पदार्थ तस्करों पर कड़ा प्रहार, 48 घंटे में 61 धरे गए

> नशामुक्त भारत और ड्रग्स फ्री मुंबई मिशन के तहत दो दिवसीय सघन तलाशी में 15.87 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस ने 72 प्राथमिकियां दर्ज कर 61 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/mumbai-police-ka-madaka-padartha-taskaron-para-kara-prahara-48-ghnte-men-61-dhare-gae-48278 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुंबई पुलिस, ड्रग्स फ्री मुंबई, एनडीपीएस एक्ट, एंटी नारकोटिक्स सेल, मकोका, क्राइम ब्रांच

मायानगरी में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की कमर तोड़ने के उद्देश्य से मुंबई पुलिस ने व्यापक स्तर पर दो दिवसीय विशेष धरपकड़ अभियान संचालित किया। 14 और 15 अक्टूबर को चलाए गए इस समन्वित अभियान का मुख्य केंद्र नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करना, लगातार अपराध में लिप्त गिरोहों पर नकेल कसना और आम जनता को नशाखोरी के दुष्प्रभावों के प्रति सतर्क करना रहा। महज अड़तालीस घंटों की इस सघन कार्रवाई के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज अधिनियम के तहत कुल 72 आपराधिक मामले दर्ज किए और 61 आरोपियों को हिरासत में लिया।

## करोड़ों की नशीली सामग्री और कफ सिरप की खेप बरामद
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त राज तिलक रौशन तथा एंटी नार्कोटिक्स सेल की पुलिस उपायुक्त पूर्णिमा चौगुले ने साझा विवरण में बताया कि गिरफ्त में आए लोगों में लंबे समय से फरार चल रहे 21 वांछित अपराधी शामिल हैं। इनके अतिरिक्त एनडीपीएस मामलों से जुड़े 40 अन्य आरोपियों को भी विभिन्न इलाकों से पकड़ा गया। पुलिस टीमों ने छापेमारी के दौरान कुल 15 करोड़ 87 लाख रुपये की अनुमानित कीमत के विभिन्न प्रकार के प्रतिबंधित रसायन एवं मादक पदार्थ बरामद किए।

जब्त की गई प्रतिबंधित खेप का कुल वजन 46.16 किलोग्राम आंका गया है। इसमें गांजा, हेरोइन, चरस, ब्राउन शुगर, एलएसडी पेपर, कोकीन, हशीश और हाइड्रोपोनिक गांजा जैसे घातक नशीले उत्पाद शामिल हैं। नशीले रसायनों के अतिरिक्त पुलिस ने अवैध रूप से जमा की गई कोडीनयुक्त कफ सिरप की 9,540 बोतलें भी अपने कब्जे में लीं, जिनका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था।

## मकोका और पीआईटी एनडीपीएस के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई
संगठित नेटवर्क बनाकर नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों को सबक सिखाने के लिए पुलिस ने कठोर कानूनों का सहारा लिया है। डीसीपी राज तिलक रौशन के अनुसार, एनडीपीएस से जुड़े एक प्रकरण में पांच अभियुक्तों के विरुद्ध महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी मकोका की धाराएं लगाई गई हैं। संगठित सिंडिकेट के वित्तीय और आपराधिक आधार को खत्म करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया।

इसके साथ ही लगातार मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त एक शातिर अपराधी को प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज कानून के अंतर्गत एक वर्ष की अवधि के लिए नासिक स्थित केंद्रीय कारागार में निरुद्ध कर दिया गया। पुलिस का मानना है कि ऐसे आदतन अपराधियों को जेल में अलग रखने से तस्करी के स्थानीय नेटवर्क कमजोर पड़ते हैं।

## अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर और तंबाकू दुकानों पर कार्रवाई
नशे के सौदागरों के खिलाफ केवल गिरफ्तारियों तक सीमित न रहकर पुलिस ने उनके बुनियादी ढांचे पर भी प्रहार किया। जांच अधिकारियों के अनुसार, नशा कारोबारियों से ताल्लुक रखने वाले 20 आवासीय ढांचों को ध्वस्त किया गया। इसके समानांतर 145 अवैध पान और तंबाकू विक्रय केंद्रों के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की गई, ताकि शिक्षण संस्थानों और रिहायशी बस्तियों के आसपास नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता रोकी जा सके। हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण गिराने की प्रक्रिया का कानूनी ब्योरा संबंधित सक्षम अधिकारियों के स्तर पर सत्यापित किया जाना आवश्यक है।

## पंडालों और आयोजनों में नौ हजार से अधिक जागरूकता सत्र
एंटी नारकोटिक्स सेल की डीसीपी पूर्णिमा चौगुले ने रेखांकित किया कि कानूनी सख्ती के साथ-साथ समाज को जागरूक बनाना भी इस मुहिम का एक अहम पहलू रहा। नवरात्रि के गरबा उत्सवों, पंडालों और गणेशोत्सव के सार्वजनिक स्थलों सहित कुल 9,031 स्थानों पर जनसंवाद और चेतना कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस व्यापक प्रयास के जरिए लगभग 1,83,108 नागरिकों को नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान से आगाह किया गया।

पुलिस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। नागरिकों से पुरजोर आग्रह किया गया है कि यदि उन्हें अपने आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री, भंडारण या वितरण की कोई भी भनक लगे, तो वे तत्काल पुलिस महकमे को सूचित करें ताकि समय रहते निर्णायक कानूनी कदम उठाए जा सकें।

## इसका आप पर असर
मुंबई पुलिस की इस 48 घंटे की व्यापक कार्रवाई से शहर की सड़कों पर नशीले पदार्थों की आपूर्ति में भारी रुकावट आएगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

- **भारत में:** अंतरराज्यीय नार्कोटिक्स तस्करी सिंडिकेट्स के वित्तीय नेटवर्क और आपूर्ति श्रृंखला पर सीधा असर पड़ेगा। बड़े पैमाने पर तस्करों की धरपकड़ से देश के अन्य महानगरों में ड्रग्स की गैरकानूनी खेप भेजने की कोशिशों को झटका लगेगा।
- **मुंबई में:** रिहायशी कॉलोनियों और शैक्षणिक संस्थानों के पास चलने वाले 145 अवैध तंबाकू खोखों पर कार्रवाई से स्थानीय युवाओं तक नशीली वस्तुओं की पहुंच थमेगी। त्योहारों के दौरान चलाए गए चेतना कार्यक्रमों से 1.8 लाख से अधिक निवासियों को जागरूक कर स्थानीय स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों की त्वरित सूचना देने का तंत्र सक्रिय हुआ है।
- **आदतन अपराधियों के लिए:** मकोका और पीआईटी एनडीपीएस जैसे सख्त कानूनों के इस्तेमाल से जमानत मिलना बेहद कठिन हो जाएगा। आदतन अपराधियों के ठिकानों पर की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाई से अवैध कारोबारियों के सुरक्षित पनाहगाह खत्म होंगे।
- **आम नागरिकों के लिए:** यदि आपके पड़ोस में किसी अवैध गतिविधि या मादक पदार्थों की बिक्री का संदेह हो तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें। नशीली खांसी की सिरप और अन्य प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार की सूचना देकर नागरिक अपने इलाके को सुरक्षित बना सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
मुंबई पुलिस ने नशामुक्त भारत और ड्रग्स फ्री मुंबई मिशन को गति देने के लिए त्योहारों के मौसम में यह विशेष अभियान चलाया। त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ और आयोजनों का फायदा उठाकर मादक पदार्थों की खपत बढ़ाने की तस्करों की कोशिशों को नाकाम करना इसका मुख्य उद्देश्य था।

- **त्योहारी आयोजनों का समय:** नवरात्रि और गरबा उत्सवों के दौरान भारी भीड़ जुटने के कारण नशीले पदार्थों की मांग बढ़ने की आशंका थी, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने पूर्व तैयारी के तहत कार्रवाई की।
- **लंबित एनडीपीएस वारंट:** नारकोटिक्स से जुड़े मामलों में लंबे समय से 21 वांछित और 40 अन्य फरार आरोपी कानून से बच रहे थे, जिन्हें दबोचने के लिए विशेष धरपकड़ योजना तैयार की गई।
- **संगठित सिंडिकेट का प्रभाव:** शहर में अवैध नशीले पदार्थों के अलावा कोडीनयुक्त कफ सिरप जैसी दवाओं के अनधिकृत वितरण नेटवर्क सक्रिय हो रहे थे, जिन्हें मकोका लगाकर कानूनी रूप से कुचलना जरूरी था।
- **सार्वजनिक सतर्कता की आवश्यकता:** नशे के दुष्प्रभावों से युवाओं को बचाने के लिए केवल कानूनी सख्ती ही नहीं, बल्कि पंडालों में जाकर 1.8 लाख से अधिक नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करना रणनीति का हिस्सा था।

## सवाल-जवाब

### 1. मुंबई पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ यह विशेष अभियान कब चलाया?
यह विशेष अभियान 14 और 15 अक्टूबर को शहर भर में 48 घंटों तक चलाया गया।

### 2. अभियान के दौरान कितने मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए?
पुलिस ने कुल 15 करोड़ 87 लाख रुपये की अनुमानित कीमत के मादक पदार्थ और अन्य संबंधित सामग्री बरामद की।

### 3. दो दिनों में कुल कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
अभियान के तहत 72 मुकदमे दर्ज किए गए और कुल 61 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 21 वांछित फरार अपराधी शामिल हैं।

### 4. जब्त किए गए मादक पदार्थों का कुल वजन कितना था?
पुलिस ने कुल 46.16 किलोग्राम विभिन्न मादक पदार्थ और कोडीनयुक्त कफ सिरप की 9,540 बोतलें जब्त कीं।

### 5. अपराधियों के खिलाफ कौन से सख्त कानून लागू किए गए?
पांच आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई की गई और एक आदतन अपराधी को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत नासिक जेल में एक साल के लिए निरुद्ध किया गया।

### 6. नागरिकों में जागरूकता फैलाने के लिए क्या कदम उठाए गए?
गणेशोत्सव और नवरात्रि पंडालों सहित 9,031 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें 1,83,108 नागरिकों तक संदेश पहुंचाया गया।

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