# मुंबई में इजरायली वाणिज्य दूतावास ने कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में लगाए बिलबोर्ड्स

> हवाई संकट के दौरान अदम्य साहस दिखाकर 174 यात्रियों की जिंदगी सुरक्षित करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के प्रति आभार जताने के लिए इजरायल ने मुंबई भर में विशेष होर्डिंग्स लगाए हैं।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/munbai-men-israeli-consulate-ne-captain-smit-machhar-ke-sammana-men-lagae-billboards-41897 · **Language:** Hindi
**Tags:** कैप्टन स्मित मच्छार, इजरायली दूतावास, मुंबई, यानिव रेवाच, भारतीय पायलट, सैंड्रा सैमुअल, विमान सुरक्षा

हवाई सफर के दौरान जानलेवा संकट के बीच अडिग रहकर सैकड़ों मुसाफिरों की हिफाजत करने वाले भारतीय वैमानिक कैप्टन स्मित मच्छार के अदम्य साहस को इजरायल ने अनोखे अंदाज में सलाम किया है। इजरायली प्रशासन और वहां के नागरिकों की गहरी कृतज्ञता प्रदर्शित करने के मकसद से मुंबई में स्थित इजरायल के महावाणिज्य दूतावास ने शहर के मुख्य यातायात मार्गों पर एक विशेष जनसंपर्क मुहिम चलाई है। इस पहल के तहत महानगर के व्यस्ततम चौराहों और प्रमुख सेतुओं पर विशालकाय प्रचार पट्ट लगाए गए हैं, जिन पर जांबाज पायलट के प्रति शुक्रिया अदा करने के साथ ही उनके शीघ्र रोगमुक्त होने की दिली दुआएं लिखी गई हैं।

## महानगर के प्रमुख चौराहों पर संदेश
इस सम्मान अभियान के अंतर्गत लगाए गए फलक मुंबई के कई व्यस्त इलाकों में लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इन जगहों में नेपियन सी मार्ग और वॉर्डन रोड का मिलन स्थल, बांद्रा पूर्व स्थित वेस्टर्न एक्सप्रेस राजमार्ग पर प्रबोधनकर ठाकरे सेतु के निकटवर्ती भाग, बीकेसी को सायन से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग, जोगेश्वरी और अंधेरी के मध्य बना फ्लाईओवर तथा माहिम क्षेत्र की तुलसी पाइपलाइन सड़क शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर प्रदर्शित किए गए संदेशों में इजरायली नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कैप्टन स्मित का आभार व्यक्त किया गया है और उनके स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की गई है।

## गंभीर चोटों के बाद भी संभाली कमान
बांद्रा में राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे संदेश पट्टिका के अनावरण अवसर पर मौजूद इजरायल के महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने भारतीय पायलट के असाधारण जज्बे को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि गर्दन तथा हाथों पर गहरे जख्म होने के बावजूद कैप्टन ने आपातकालीन चेतावनी प्रणाली को चालू किया और विमान के मुख्य नियंत्रण कक्ष का द्वार खोलने में कामयाबी हासिल की।

> ## “कैप्टन स्मित भारत और इजरायल दोनों देशों में हीरो बन गए हैं।”
यानिव रेवाच के मुताबिक, कैप्टन के इस साहसिक कदम और विमान में मौजूद चार इजरायली मुसाफिरों के त्वरित सहयोग की बदौलत कुल 174 व्यक्तियों का जीवन सुरक्षित बच सका। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समय सबकी सबसे बड़ी प्राथमिकता घायल पायलट का पूरी तरह स्वस्थ होना है, जिसके उपरांत उन्हें इजरायल आमंत्रित कर वहां आधिकारिक सम्मान प्रदान करने की योजना है।

## 26/11 की याद और साझी मानवीय विरासत
महावाणिज्य दूत ने इस वीरतापूर्ण प्रसंग की तुलना मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमले से की, जब एक भारतीय दाई सैंड्रा सैमुअल ने अपनी जान की परवाह न करते हुए नन्हे मोशे होल्ट्जबर्ग को मौत के मुंह से खींच निकाला था। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय चिंतन और यहूदी दर्शन दोनों ही बेकसूर जिंदगियों की रक्षा को सर्वोच्च मानवीय मूल्य स्वीकार करते हैं। राजनयिक ने आगाह किया कि यदि कॉकपिट का द्वार समय पर नहीं खुलता तो यह हादसा एक उलझे हुए अंतरराष्ट्रीय संकट में तब्दील हो सकता था। उन्होंने कुछ प्रसार माध्यमों द्वारा तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश की जा रही मनगढ़ंत बातों पर चिंता जताई और कहा कि आधारहीन चर्चाएं भारत, यूएई तथा इजरायल जैसे मित्र राष्ट्रों के सौहार्द को चोट पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा उन्होंने कतर और अल-जजीरा द्वारा यहूदियों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले रवैये पर भी सवाल उठाए।

## जांच प्रक्रिया और परस्पर प्रगाढ़ संबंध
यूएई प्रशासन ने इस मामले की पड़ताल में इजरायली जांच दलों को भी सहभागिता का निमंत्रण दिया है। इस संदर्भ में महावाणिज्य दूत ने आशा व्यक्त की कि निष्पक्ष पड़ताल से पूरी हकीकत दुनिया के सामने आएगी, हालांकि किसी एकाकी चरमपंथी की भूमिका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने इंटरनेट माध्यमों और डिजिटल सामग्री से पनप रहे वैचारिक उग्रवाद की रोकथाम के लिए राष्ट्रों के साझा प्रयासों को अनिवार्य बताया। बयान के समापन पर उन्होंने जानकारी दी कि वे स्वयं कैप्टन स्मित के परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामनाएं साझा कर चुके हैं, जिससे दोनों मुल्कों के नागरिकों का आपसी आत्मीय रिश्ता और अधिक दृढ़ हुआ है।

## इसका आप पर असर
यह घटना अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और नागरिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भारत के वैश्विक कद को मजबूती प्रदान करती है।

- **भारत में:** यह प्रसंग वैश्विक स्तर पर भारतीय पेशेवरों और पायलटों के उच्च प्रशिक्षण व कर्तव्यनिष्ठा की साख को मजबूत करता है। इससे दुनिया भर के एयरलाइंस यात्रियों में भारतीय क्रू के आपातकालीन प्रबंधन और संकट निवारण कौशल पर विश्वास बढ़ता है।
- **मुंबई में:** शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे ये होर्डिंग्स 26/11 की वीरांगना सैंड्रा सैमुअल की स्मृति को ताजा करते हुए नागरिकों में मानवीय संवेदना और साहस की भावना जगाते हैं। स्थानीय राहगीर और दैनिक यात्री महानगर के प्रमुख मार्गों पर भारत और इजरायल के बीच गहरे होते सामाजिक व कूटनीतिक रिश्तों को प्रत्यक्ष देख रहे हैं।
- **विमान यात्रियों के लिए:** यह मामला साबित करता है कि क्रू और यात्रियों की सूझबूझ किसी भी बड़े हवाई खतरे को टालने में सक्षम है। भविष्य में उड़ानों के दौरान आपातकालीन प्रोटोकॉल और कॉकपिट सुरक्षा नियमों को और अधिक कड़ाई से लागू किए जाने की संभावना है।
- **कूटनीतिक सहयोग में:** भारत, इजरायल और यूएई के बीच सुरक्षा और जांच समन्वय इस घटना के बाद और अधिक मजबूत होगा। ऑनलाइन दुष्प्रचार और चरमपंथ से निपटने के लिए तीनों देश सुरक्षा तंत्र में सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह सम्मान अभियान कैप्टन स्मित मच्छार द्वारा गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद 174 जिंदगियों को हवाई संकट से सुरक्षित बचाने की असाधारण घटना के बाद शुरू किया गया है।

- **सीधा कारण:** विमान में अप्रत्याशित संकट के दौरान गर्दन और हाथों पर गंभीर चोटें लगने के बाद भी कैप्टन स्मित ने इमरजेंसी अलर्ट एक्टिवेट किया और कॉकपिट का दरवाजा खोला। इस त्वरित प्रतिक्रिया ने 174 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान बचा ली।
- **सहायक परिस्थितियां:** उड़ान में सवार चार इजरायली यात्रियों ने भी संकट के समय सक्रिय सहयोग दिया, जिससे विमान पर नियंत्रण बनाए रखना संभव हो सका। समय रहते दरवाजा खुलने से संभावित अपहरण या विनाशकारी राजनयिक गतिरोध टल गया।
- **ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:** इजरायल ने इस मानवीय कर्तव्य को 26/11 मुंबई आतंकी हमले के दौरान भारतीय दाई सैंड्रा सैमुअल द्वारा बेबी मोशे की जान बचाने की घटना के समान माना। दोनों संस्कृतियों में मासूमों की जान की हिफाजत को सर्वोच्च नैतिक कर्तव्य माना गया है।
- **आगामी कदम:** यूएई प्रशासन ने इजरायली अधिकारियों को जांच में भागीदार बनाया है ताकि घटना के मूल कारणों और संभावित कट्टरपंथी साजिश की तह तक पहुंचा जा सके। कैप्टन स्मित के स्वस्थ होने के बाद उन्हें आधिकारिक राजकीय सम्मान के लिए इजरायल आमंत्रित किया जाएगा।

## सवाल-जवाब

### 1. मुंबई में कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में होर्डिंग्स किसने लगाए हैं?
मुंबई स्थित इजरायल के महावाणिज्य दूतावास ने कैप्टन की बहादुरी और इजरायली नागरिकों की रक्षा के प्रति आभार जताने के लिए ये होर्डिंग्स लगाए हैं।

### 2. विमान घटना के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने क्या किया था?
हाथों और गर्दन पर गंभीर चोटें लगने के बावजूद उन्होंने आपातकालीन अलर्ट सक्रिय किए और कॉकपिट का दरवाजा सफलतापूर्वक खोलकर 174 लोगों की जान बचाई।

### 3. मुंबई में ये सम्मान होर्डिंग्स किन-किन प्रमुख स्थानों पर लगाए गए हैं?
ये होर्डिंग्स वॉर्डन रोड व नेपियन सी रोड जंक्शन, बांद्रा ईस्ट में ठाकरे फ्लाईओवर के पास, बीकेसी-सायन कनेक्टर, अंधेरी-जोगेश्वरी फ्लाईओवर और माहिम की तुलसी पाइपलाइन रोड पर लगाए गए हैं।

### 4. इजरायल के महावाणिज्य दूत ने इस घटना की तुलना किस पुरानी घटना से की?
महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने इसकी तुलना 26/11 हमलों के दौरान भारतीय आया सैंड्रा सैमुअल द्वारा बेबी मोशे होल्ट्जबर्ग की जान बचाने के साहसिक कार्य से की।

### 5. क्या इस घटना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई जांच चल रही है?
हां, यूएई सरकार ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत सच्चाई सामने लाने के लिए इजरायली अधिकारियों को आधिकारिक जांच में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।

### 6. कैप्टन स्मित के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद इजरायल की क्या योजना है?
इजरायल प्रशासन उन्हें अपने देश में आधिकारिक अतिथि के रूप में आमंत्रित कर उनकी असाधारण बहादुरी के लिए औपचारिक रूप से सम्मानित करने की योजना बना रहा है।

## प्रेरणा और सबक
कैप्टन स्मित मच्छार का यह साहसिक कदम विषम परिस्थितियों में कर्तव्यनिष्ठा और अडिग आत्मबल की अद्वितीय मिसाल पेश करता है।

- **संकट में कर्तव्य को सर्वोपरि रखना:** शारीरिक रूप से लहूलुहान और गंभीर दर्द में होने के बाद भी कैप्टन ने अपनी जिम्मेदारी नहीं छोड़ी और सैकड़ों जिंदगियों को प्राथमिकता दी।
- **त्वरित निर्णय क्षमता:** जीवन और मृत्यु के बीच के नाजुक पलों में घबराने के बजाय सही समय पर इमरजेंसी अलर्ट सक्रिय करना सफल बचाव की कुंजी बना।
- **साझी मानवीय संवेदना:** बिना किसी राष्ट्रीयता या सीमा के भेद के बेकसूर इंसानों की हिफाजत करना ही सबसे बड़ा मानवीय धर्म है, जिसे कैप्टन ने साबित कर दिखाया।

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