# नागपुर के खेत तालाब में डूबने से बिहार के दो प्रवासी मजदूरों की मौत, पालघर तट पर सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर भी बहा

> महाराष्ट्र में दो अलग-अलग हादसों में पानी में डूबने से कुल तीन लोगों की मौत हो गई। नागपुर में एक खेत के तालाब में बिहार के तीन मजदूर डूब गए, वहीं पालघर में समुद्र की तेज लहरों में बहकर एक युवा कंटेंट क्रिएटर की जान चली गई।

**Type:** article · **Category:** महाराष्ट्र · **Published:** 2026-09-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/maharashtra/nagpur-ke-kheta-talaba-men-dubane-se-bihar-ke-do-pravasi-majaduron-ki-mauta-palghar-tata-para-soshala-midiya-kntenta-krietara-bhi--39328 · **Language:** Hindi
**Tags:** नागपुर दुर्घटना, बिहार के मजदूर, पालघर हादसा, कलंब बीच, तालाब में डूबने से मौत, रामटेक पुलिस

महाराष्ट्र में एक ही दिन में दो अलग-अलग स्थानों पर पानी में डूबने से बड़ी त्रासदी हुई है। नागपुर और पालघर जिलों से आई इन दर्दनाक खबरों ने सबको झकझोर कर रख दिया है। नागपुर के ग्रामीण इलाके में काम समाप्त करने के बाद नहाने गए बिहार के तीन युवा प्रवासी मजदूर एक गहरे खेत के तालाब में अचानक डूब गए। इस भीषण हादसे में अब तक दो मजदूरों के शवों को पानी से बाहर निकाला जा चुका है, जबकि तीसरे लापता युवक को ढूंढने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। ये सभी युवक एक स्थानीय राइस मिल में अपनी आजीविका कमाने के लिए काम करते थे और उनकी उम्र बेहद कम थी।

 

## नागपुर के राइस मिल परिसर में हुआ दर्दनाक हादसा

यह दर्दनाक घटना शनिवार दोपहर करीब 2:00 बजे रामटेक-मौदा हाईवे पर स्थित मोहनलाल शंकरलाल अग्रवाल एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में घटित हुई, जो नागपुर शहर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुए तीनों युवकों की उम्र 18 से 20 साल के बीच थी। ये तीनों प्रवासी मजदूर बिहार के रहने वाले थे और इसी परिसर में मौजूद एक राइस मिल में काम करते थे। मृतकों की पहचान गुलशन कुमार (निवासी पूर्णिया, बिहार), रूपेश कुमार (निवासी खगड़िया, बिहार) और मनीष कुमार (निवासी पूर्णिया, बिहार) के रूप में की गई है।

 

## गहराई का अंदाजा न होने से डूबे तीनों मजदूर

स्थानीय पुलिस ने बताया कि शनिवार को अपना दैनिक कार्य समाप्त करने के बाद, ये तीनों युवक नहाने के उद्देश्य से खेत में बने एक तालाब के पास गए थे। यह तालाब काफी गहरा था, जिसकी गहराई लगभग 15 से 20 फीट बताई जा रही है। तैरना न आने और पानी की वास्तविक गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण जैसे ही वे पानी में उतरे, उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में समा गए। हाल ही में देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जैसे दिल्ली की संजय झील में भी तीन युवक डूब गए थे। नागपुर की इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय रामटेक पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय मछुआरों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद दो युवकों के शवों को बाहर निकाल लिया। तीसरे लापता युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है और पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है।

 

## पालघर के कलंब बीच पर समुद्र में बहा कंटेंट क्रिएटर

पानी में डूबने की एक अन्य दुखद घटना पालघर जिले के नालासोपारा इलाके से सामने आई है, जहां कलंब बीच के पास समुद्र में नहाने उतरा एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर लहरों की चपेट में आ गया। मृतक युवक की पहचान कृष्णा अनिल विश्वकर्मा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, यह हादसा दोपहर करीब 12:00 बजे हुआ जब कृष्णा समुद्र में उतरा था। समुद्र में उतरने के कुछ ही देर बाद वह अचानक उठीं बेहद तेज और ऊंची लहरों की चपेट में आ गया। हालांकि उस समय वहां कई अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन लहरों के तेज बहाव और समुद्र की अत्यधिक गहराई के कारण वे चाहकर भी उसकी मदद नहीं कर सके। पीड़ित परिवार ने बताया कि मौके पर मौजूद पुलिस और कुछ स्थानीय लोगों ने कृष्णा को बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वे उसे बचाने में पूरी तरह असफल रहे।

## इसका आप पर असर
यह दुखद खबर पानी से जुड़े क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों की कमी और व्यक्तिगत सुरक्षा जागरूकता की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।

- **भारत में:** यह घटना उन प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है जो बिना किसी सुरक्षा प्रशिक्षण या सुरक्षात्मक घेरे के खतरनाक जलाशयों के पास काम करते हैं। नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों को पानी के खतरों के प्रति सचेत करना चाहिए और ऐसे कृत्रिम तालाबों के चारों ओर सुरक्षा बाड़ लगानी चाहिए।

- **महाराष्ट्र में:** नागपुर और पालघर में हुई यह दोहरी त्रासदी दर्शाती है कि बिना तैरना जाने या स्थानीय मौसम और लहरों की स्थिति समझे पानी में उतरना कितना घातक हो सकता है। पालघर के कलंब बीच जैसे तटीय क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनियों का सख्ती से पालन करना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
ये दुर्घटनाएं मुख्य रूप से तैरने की कला न आने और जलाशयों की खतरनाक गहराई का सही आकलन न कर पाने के कारण हुईं।

- **नागपुर में:** बिहार के रहने वाले तीनों युवा कामगारों को तैरना नहीं आता था और वे 15 से 20 फीट गहरे कृत्रिम कृषि तालाब की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए। काम खत्म करने के बाद नहाने के लिए तालाब में उतरते ही वे अपना संतुलन खो बैठे और डूब गए।

- **पालघर में:** सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर पालघर के कलंब बीच पर समुद्र में उतरा था, जहां अचानक आने वाले ऊंचे ज्वार और तेज समुद्री लहरें बेहद खतरनाक होती हैं। लहरों के तेज खिंचाव और अत्यधिक गहराई के कारण वहां मौजूद लोग उसे समय रहते नहीं बचा सके।

## सवाल-जवाब

### 1. नागपुर में डूबने की घटना कहां हुई?
यह घटना नागपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर रामटेक-मौदा हाईवे पर स्थित मोहनलाल शंकरलाल अग्रवाल एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के एक खेत के तालाब में हुई।

### 2. नागपुर हादसे के शिकार हुए तीनों युवक कौन थे?
हादसे का शिकार हुए तीनों युवक बिहार के रहने वाले प्रवासी मजदूर थे, जिनका नाम गुलशन कुमार, रूपेश कुमार और मनीष कुमार था और वे वहां एक राइस मिल में काम करते थे।

### 3. जिस खेत के तालाब में मजदूर डूबे, उसकी गहराई कितनी थी?
नागपुर के उस कृषि तालाब की गहराई लगभग 15 से 20 फीट बताई गई है।

### 4. पालघर के कलंब बीच पर सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर के साथ क्या हुआ?
कृष्णा अनिल विश्वकर्मा नाम का सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर रविवार दोपहर करीब 12:00 बजे कलंब बीच के पास समुद्र की तेज लहरों की चपेट में आकर बह गया और उसकी डूबने से मौत हो गई।

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