नागपुर में बकाया मजदूरी न मिलने पर खदान कर्मचारी ने चुराए विस्फोटक, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार महाराष्ट्र के नागपुर में बकाया वेतन न मिलने से क्षुब्ध एक खदान मजदूर ने ठेकेदार के तीन मोबाइल और खदान से दो विस्फोटक चुरा लिए। पुलिस ने आरोपी को मोबाइल बेचते समय धर दबोचा। महाराष्ट्र के नागपुर में सुरक्षा एजेंसियों के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक कोयला खदान में काम करने वाले शख्स को विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपनी बकाया मजदूरी न मिलने के विरोध में ठेकेदार के तीन मोबाइल फोन और खदान परिसर से दो सक्रिय विस्फोटक चुरा लिए थे। आरोपी इन खतरनाक विस्फोटकों को ट्रेन के जरिए एक शहर से दूसरे शहर ले आया था, जिससे एक बड़ा सुरक्षा जोखिम खड़ा हो गया था। अवैध मोबाइल बेचते समय चढ़ गया पुलिस के हत्थे गिरफ्तार आरोपी की पहचान 35 वर्षीय राजेंद्र रामलाल विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बालोद जिले का रहने वाला है। वह महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित वरोरा की डब्ल्यूसीएल (वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) कोयला खदान में काम करता था। नागपुर की लकड़गंज पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति आजमशाह चौक पर संदिग्ध हालात में मोबाइल फोन बेचने की कोशिश कर रहा है। पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया और उसके पास से चोरी के तीन मोबाइल फोन बरामद किए। वेतन विवाद के कारण दिया वारदात को अंजाम पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी राजेंद्र रामलाल विश्वकर्मा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने अधिकारियों को बताया कि खदान के ठेकेदार ने काम कराने के बाद उसकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया था। कई बार गुहार लगाने के बावजूद जब उसे वेतन नहीं मिला, तो वह बेहद नाराज हो गया। ठेकेदार को सबक सिखाने और अपना बकाया वसूलने के इरादे से उसने ठेकेदार के तीन कीमती मोबाइल फोन चुरा लिए। इसके साथ ही उसने खदान परिसर में रखे दो विस्फोटक भी चुराए और वहां से भाग निकला। ट्रेन से तय किया सफर, बीडीडीएस और एटीएस अलर्ट पर चोरी की घटना के बाद आरोपी राजेंद्र इन विस्फोटकों को अपने साथ लेकर ट्रेन में सवार हुआ और चंद्रपुर से नागपुर पहुंच गया। भीड़भाड़ वाली पैसेंजर ट्रेन में विस्फोटक ले जाने की जानकारी सामने आते ही पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक एवं निपटान दस्ता (BDDS) तुरंत मौके पर पहुंचा और दोनों विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। इसके अलावा, आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) की एक विशेष टीम ने भी लकड़गंज पुलिस स्टेशन पहुंचकर मामले की विस्तृत जानकारी ली और सुरक्षा पहलुओं की जांच की। विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज, जांच जारी पुलिस ने आरोपी राजेंद्र रामलाल विश्वकर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसका किसी अन्य आपराधिक नेटवर्क से संबंध तो नहीं है। महाराष्ट्र में सुरक्षा और चोरी से जुड़ा एक अन्य मामला इसी तरह महाराष्ट्र के वाशिम जिले से भी हाल ही में चोरी की एक अजीबोगरीब घटना सामने आई थी। वहां एक चोर ने साईं मंदिर में चोरी करने से पहले बकायदा साईं बाबा की प्रतिमा के समक्ष माथा टेका और आशीर्वाद लिया। इसके बाद उसने मंदिर का ताला तोड़कर दानपेटी में रखा सारा कैश उड़ा लिया। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में चोरी की यह पूरी वारदात कैद हो गई थी, जिसमें चोर को दानपेटी तोड़ने से पहले हाथ जोड़कर प्रार्थना करते साफ देखा गया था। इसका आप पर असर यह घटना कार्यस्थल विवादों में श्रम कानूनों के कड़े पालन और खदानों में विस्फोटक सामग्री की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। • भारत में: सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर ट्रेनों में विस्फोटक ले जाने की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकती हैं। ऐसे मामलों से रेलवे स्टेशनों पर मेटल डिटेक्टर और सामान चेकिंग के कड़े नियमों की जरूरत रेखांकित होती है। • नागपुर और चंद्रपुर में: खनन क्षेत्र से विस्फोटक सामग्री गायब होना स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के लिए बड़ी लापरवाही का संकेत है। इससे डब्ल्यूसीएल खदानों और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा ऑडिट सख्त होने की संभावना है। • असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर: ठेकेदारों द्वारा मजदूरी न देने के मामलों में कानूनी शिकायत दर्ज कराने के बजाय गैरकानूनी कदम उठाने से श्रमिकों को गंभीर कानूनी नतीजों का सामना करना पड़ता है। • सार्वजनिक सुरक्षा पर: चोरी के मोबाइल बेचने वाले संदिग्धों के खिलाफ त्वरित पुलिस कार्रवाई से शहरी क्षेत्रों में चोरी की वस्तुओं की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। सवाल-जवाब 1. नागपुर में खदान मजदूर को क्यों गिरफ्तार किया गया? आरोपी ने ठेकेदार से बकाया मजदूरी न मिलने पर तीन मोबाइल फोन और दो विस्फोटक चुरा लिए थे, जिन्हें वह बेचने की कोशिश कर रहा था। 2. आरोपी का नाम क्या है और वह कहां का रहने वाला है? आरोपी का नाम 35 वर्षीय राजेंद्र रामलाल विश्वकर्मा है, जो छत्तीसगढ़ के बालोद जिले का निवासी है। 3. विस्फोटक सामग्री कहां से चुराई गई थी? विस्फोटक सामग्री महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित वरोरा की डब्ल्यूसीएल कोयला खदान से चुराई गई थी। 4. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किन धाराओं में मामला दर्ज किया है? पुलिस ने बीएनएस (BNS), शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। https://trendkia.com/maharashtra/nagpur-men-bakaya-majaduri-na-milane-para-khadana-karmachari-ne-churae-visphotaka-pulisa-ne-aropi-ko-kiya-giraphtara-26738 TrendKia — Har trend, sabse pehle.