नागपुर में नाबालिग से दरिंदगी का आरोपी जेल में कर रहा पिज्जा और गद्देदार बिस्तर की मांग, पुलिस पर लगाए चोरी के आरोप महाराष्ट्र के नागपुर में 16 वर्षीय लड़की के साथ गंभीर अपराध के आरोपी 20 वर्षीय छात्र ने जेल के अंदर पिज्जा और लग्जरी सुविधाओं की मांग की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वह लगातार पूछताछ में असहयोग कर रहा है और बेतुके आरोप लगा रहा है। महाराष्ट्र के नागपुर में एक 16 साल की लड़की से हैवानियत करने के मामले में गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी जेल के अंदर पहुंचकर पुलिसकर्मियों के लिए बड़ी सिरदर्दी बन गया है। सलाखों के पीछे पहुंचने के बाद भी उसका रवैया सुधरने का नाम नहीं ले रहा है और वह लगातार अजीबोगरीब फरमाइशें कर रहा है। जेल के भीतर वह ना केवल खाने के लिए पिज्जा की मांग कर रहा है, बल्कि आराम से सोने के लिए गद्देदार बिस्तर और मच्छरों से बचने के लिए मशीन लगाने की भी जिद कर रहा है। इस अजीब स्थिति पर पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि जेल नियमों के तहत कैदियों की वाजिब और जरूरी मांगें ही पूरी की जाती हैं, लेकिन ऐसी बेतुकी और असाधारण इच्छाओं को किसी भी कीमत पर पूरा नहीं किया जा सकता है। यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया जब फर्जी इंस्टाग्राम आईडी के जरिए लड़की से दोस्ती की थी और इसके बाद उसने गंभीर जुर्म को अंजाम दिया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान इस 20 वर्षीय बीबीए छात्र का असहयोग करने वाला रवैया लगातार बना हुआ है। उसने जेल की कोठरी की गंदी दीवारों और वहां के बदबूदार टॉयलेट को लेकर भी कड़ी आपत्ति जताई है और शिकायतें की हैं। वह जांच अधिकारियों को किसी भी प्रकार की सहायता देने से साफ इनकार कर रहा है और रात के वक्त प्रीमियम गुणवत्ता वाले खाने की लगातार मांग कर रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, अपनी हरकतों से घिरने के बाद आरोपी ने अब खाकी पर ही गंभीर आरोप मढ़ने शुरू कर दिए हैं। उसने पुलिसकर्मियों पर अपने पैसे चोरी करने का बेबुनियाद आरोप लगाया है, और हद तो तब हो गई जब उसने अपनी गलती मानने के बजाय खुद पीड़िता पर ही ज्यादती करने के उल्टे आरोप लगा दिए। जबरन अस्पताल ले जाकर कराया गया मेडिकल टेस्ट जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी किसी भी स्तर पर जांच टीम का सहयोग नहीं कर रहा है। उसने अपने खुद के फोन और पीड़िता के मोबाइल फोन का पासवर्ड बताने से भी पूरी तरह मना कर दिया था। इसके अलावा, जब उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत मेडिकल जांच के लिए ले जाया जाने लगा तो उसने इसके लिए भी साफ़ इनकार कर दिया था। आरोपी की ऐसी जिद और असहयोग को देखते हुए पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया और उसे जबरन अस्पताल ले जाकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया। अपनी जिद पूरी न होते देख आरोपी ने अधिकारियों पर उसके जूते और चश्मा जबरन छीनने का बेतुका आरोप भी जड़ दिया है। 24 घंटे तक होटल के कमरे में लड़की को रखा था बंधक इस सनसनीखेज मामले के मुख्य आरोपी निर्भय पाखरे ने पिछले साल इंस्टाग्राम पर 'आकाश मेहरा' के नाम से एक फर्जी प्रोफाइल तैयार किया था। इसी झूठी पहचान की आड़ में उसने नाबालिग लड़की से दोस्ती बढ़ाई और दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। इसके बाद आरोपी ने लड़की की निजी और अंतरंग तस्वीरें हासिल कर लीं और उन्हीं तस्वीरों के आधार पर उसे लगातार ब्लैकमेल करने लगा। इसी डर और दबाव के कारण मासूम लड़की चुपचाप सब कुछ सहती रही। पुलिस के हत्थे चढ़ने और गिरफ्तारी से ठीक पहले, इस शख्स ने पीड़िता को एक होटल के कमरे में पूरे 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा था। लड़की के परिवार वालों की तरफ से दी गई शिकायत के आधार पर जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का खौफनाक मंजर देखकर दंग रह गए। पीड़िता बिस्तर से बंधी हुई थी और आरोपी उसके पास हाथ में बेल्ट लेकर खड़ा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़िता को मुक्त कराकर अस्पताल पहुंचाया और आरोपी को धर दबोचा। पोक्सो अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है मामला इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी निर्भय पाखरे के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण यानी पॉक्सो अधिनियम और अपहरण की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि अदालत ने आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है ताकि उससे पूछताछ की जा सके। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इसी जांच प्रक्रिया के एक हिस्से के रूप में पाखरे के मोबाइल फोन तथा उसके तमाम सोशल मीडिया अकाउंट्स की तकनीकी पड़ताल की जा रही है ताकि उसके नेटवर्क और अन्य हरकतों का पूरा खुलासा हो सके। इसका आप पर असर • महाराष्ट्र में: इस घटना से राज्य में महिलाओं और नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा तथा फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के खतरों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। • नागपुर में: स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पॉक्सो अधिनियम के तहत कड़े कदम उठाए हैं। सवाल-जवाब 1. नागपुर मामले में आरोपी की क्या मांगें थीं? आरोपी ने जेल के अंदर पिज्जा, गद्देदार बिस्तर और मच्छर भगाने वाली मशीन जैसी बेतुकी मांगें रखीं। 2. आरोपी ने किस फर्जी नाम का इस्तेमाल किया था? आरोपी ने इंस्टाग्राम पर 'आकाश मेहरा' नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाया था। 3. पीड़िता को कहां और कितने समय तक बंधक बनाया गया था? पीड़िता को एक होटल के कमरे में 24 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया था। 4. आरोपी के खिलाफ कौन से मामले दर्ज किए गए हैं? आरोपी के खिलाफ पोक्सो अधिनियम और अपहरण के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है। https://trendkia.com/maharashtra/nagpur-men-nabaliga-se-darindagi-ka-aropi-jela-men-kara-raha-pijja-aura-gaddedara-bistara-ki-manga-pulisa-para-lagae-chori-ke-arop-14267 TrendKia — Har trend, sabse pehle.