नागपुर की अवाडा सुपरफैक्ट्री पहुंचे देवेंद्र फडणवीस, बोले- विदर्भ में सोलर मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर स्थित अवाडा सुपरफैक्ट्री का दौरा किया और अवाडा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य में सौर ऊर्जा उपकरणों के उत्पादन और विदर्भ क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में नागपुर स्थित अवाडा सुपरफैक्ट्री का दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने अवाडा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल के साथ अनौपचारिक चर्चा की और इस महत्वपूर्ण इकाई को स्थापित करने के लिए पूरी टीम को बधाई दी। सीएम फडणवीस ने विश्वास जताया कि यह अत्याधुनिक केंद्र भारत में सोलर उपकरणों के निर्माण का एक अग्रणी हब साबित हो सकता है। उनके अनुसार, इस तरह के निवेश से विदर्भ क्षेत्र में अन्य बड़ी परियोजनाओं को भी आने वाले समय में आकर्षित करने में काफी मदद मिलेगी। एमओयू से धरातल तक पहुंची परियोजना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केवल समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने के बजाय उन्हें धरातल पर काम करते देखना और महाराष्ट्र तथा देश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक अहम हिस्सा बनते देखना उनके लिए बेहद संतोषजनक है। उन्होंने बताया कि विनीत मित्तल और उनके समूह द्वारा किए गए निवेश के कारण आज नागपुर में सोलर मॉड्यूल के क्षेत्र में जबरदस्त रुचि पैदा हो चुकी है। यदि अन्य सभी निवेशक भी तय समयसीमा के भीतर अपने प्रोजेक्ट पूरे कर लेते हैं, तो नागपुर में देश का सबसे बड़ा सोलर मॉड्यूल इकोसिस्टम बनकर तैयार हो जाएगा। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि निवेशकों के लिए अगला बड़ा केंद्र छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर हैं, और यदि निवेशक यहां निवेश नहीं करते हैं, तो वे एक बहुत बड़ा अवसर गंवा देंगे। अवाडा ग्रुप के चेयरमैन ने की सरकार की सराहना दौरे के दौरान विनीत मित्तल ने मुख्यमंत्री को एक विशेष स्मृति चिन्ह भेंट किया, जिस पर नागपुर की अवाडा सुपरफैक्ट्री में तैयार किया गया पहला सोलर सेल लगाया गया था। यह प्रतीक इस बात का गवाह था कि कैसे यह प्रोजेक्ट केवल एक कागजी वादे से आगे बढ़कर महाराष्ट्र में वास्तविक सौर उत्पादन के मुकाम तक पहुंच चुका है। सीएम फडणवीस की कार्यशैली की सराहना करते हुए मित्तल ने कहा कि एक समझौता ज्ञापन केवल उम्मीद जगाता है, जबकि एक चालू कारखाना उस वादे को पूरी तरह से अमलीजामा पहनाता है। मुख्यमंत्री का लगातार समर्थन उस पूरी टीम के लिए बड़ी ऊर्जा है जिसने नागपुर में इस फैक्ट्री को खड़ा किया है। उन्होंने अन्य उद्यमियों को भी संदेश दिया कि वे विदर्भ और मराठवाड़ा में तेजी से उभर रहे औद्योगिक अवसरों पर अपना ध्यान केंद्रित करें। उत्पादन क्षमता और भविष्य की योजनाएं विनीत मित्तल ने इस बात पर जोर दिया कि अवाडा समूह इन अवसरों को मजबूत विनिर्माण क्षमता, कुशल रोजगार के अवसरों और देश के भीतर ही मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अवाडा ग्रुप की सोलर पीवी विनिर्माण इकाई, अवाडा इलेक्ट्रो, वर्तमान में नागपुर और दादरी में कुल 8.5 गीगावाट की एन-टाइप टॉपकॉन ग्लास-टू-ग्लास मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता का संचालन कर रही है। इसके अलावा, नागपुर इकाई में 3 गीगावाट की एन-टाइप टॉपकॉन सोलर सेल विनिर्माण क्षमता भी पूरी तरह चालू अवस्था में है। कंपनी की भावी योजनाओं में नागपुर में 3 गीगावाट की इंगट और वेफर विनिर्माण क्षमता स्थापित करना भी शामिल है, जिससे इनके कामकाज सौर मूल्य श्रृंखला के शुरुआती चरणों तक फैल जाएंगे। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य घरेलू स्तर पर सप्लाई चेन को और अधिक मजबूत करना तथा भारत में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देना है। इसका आप पर असर यह विकास महाराष्ट्र के ऊर्जा क्षेत्र और औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। • भारत में: देश के भीतर सोलर उपकरणों का स्थानीय उत्पादन बढ़ने से आयात पर निर्भरता कम होगी और क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत वैश्विक सौर आपूर्ति श्रृंखला में एक मजबूत स्थिति हासिल कर सकेगा। • महाराष्ट्र में: नागपुर और विदर्भ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे इस क्षेत्र में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अन्य निवेशक भी आकर्षित होंगे। ऐसा क्यों हुआ यह परियोजना महाराष्ट्र सरकार की नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की रणनीतिक पहल का परिणाम है। • घरेलू उत्पादन को बढ़ावा: देश में सोलर सेल और मॉड्यूल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार करना आवश्यक हो गया था। • रणनीतिक निवेश: अवाडा ग्रुप द्वारा विदर्भ क्षेत्र में किए गए भारी निवेश ने नागपुर को देश के उभरते हुए सोलर हब के रूप में स्थापित करने में मदद की है। • सरकारी समर्थन: राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को लगातार दिए जा रहे प्रोत्साहन और अनुकूल नीतियों के कारण इस प्रकार की बड़ी औद्योगिक इकाइयां तेजी से धरातल पर उतर रही हैं। सवाल-जवाब 1. देवेंद्र फडणवीस ने किस फैक्ट्री का दौरा किया? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर स्थित अवाडा सुपरफैक्ट्री का दौरा किया। 2. अवाडा ग्रुप के चेयरमैन कौन हैं? अवाडा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल हैं। 3. नागपुर इकाई की कुल सोलर सेल विनिर्माण क्षमता कितनी चालू है? नागपुर में 3 गीगावाट की एन-टाइप टॉपकॉन सोलर सेल विनिर्माण क्षमता चालू है। 4. अवाडा इलेक्ट्रो की कुल मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता कितनी है? अवाडा इलेक्ट्रो नागपुर और दादरी में 8.5 गीगावाट की एन-टाइप टॉपकॉन ग्लास-टू-ग्लास मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता का संचालन करती है। https://trendkia.com/maharashtra/nagpur-pahunche-devendra-fadnavis-bole-vidarbha-me-solar-manufacturing-ko-milegi-raftar-50379 TrendKia — Har trend, sabse pehle.